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Why do Bihari Brahmin Pandey/Mishra/Jha girls treat their Boys like a doormat? I understand Bihari Boys are the least desirable, poor and low class Kallus. But hating your own ethnic grp is also not good. Also this JHA girl looks as ugly as a Kamwali Bai.







A Turbo awwwwtyst did kaun jaat kitna AASI after controlling for population of different castes in each state. This is the magnum opus of Indian genetic ancestry research. David Reich, Priya Moorjani etc would be proud of him. As I have mentioned earlier, AASI Belt begins in East-UP/Bihar and goes down to Lanka.

Dear @KirenRijiju I will not be surprised if we caught these Arunachal/ North east people to play victim card for racism in coming days.


Maharashtra and Marathi dehatis are worst, You'll worship the UP and Biharis after knowing marathi dehatis.

Lol Bimaroo Paj!ts are so insecure abt Maharashtrians🤣🤣Rahul Dravid was born in Marathi Deshastha Brahmin community in Indore (Holkar's State). He moved Bengaluru then. His father, mother and wife all are Marathi by Ethnicity. Listen him speak for himself.


Vaibhav Sooryavanshi looks like a waiter 😭

माधवराव सिंधिया जी मृत्यु से 1.5 महीने पहले गुजराल साब के लिए एक डिनर दिया था – अभिषेक मनु सिंघवी उस डिनर में मुझे भी इनवाइट किया गया, में भी गया, गुजराल साब और कुछ लोग 10 बजे तक चले गए..! उसके बाद मुझे सिंधिया जी उनके हॉल में ले गए जहां उनके पिता और दादा जी तस्वीर लगी थीं..! उन्होंने मुझे कहा अभिषेक देख रहे हो मेरे सारे पूर्वज 55 ऐज में चले गए मैने क्या सर नेगेटिव बाते कर रहे हो..! उनकी मृत्यु रविवार को हुई थी, उन्होंने मुझे शनिवार को कॉल किया कैसे सेबी को प्रतिबंधित किया जा सकता हैं...! उसके बाद उनकी मृत्यु के दिन रविवार को सुबह जल्दी मुझे कॉल किया, मुझे शीला दीक्षित की रिसीव करने जाना था....! उनको आगरा जाना था में अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लौटा 3 बजे तो मुझे पता चला सिंधिया जी चले गए...!


राजपूत डिस्कोर्स @Kaladin_04 @JaatniBDSMer में हमेशा आपने कुछ चीजें नोटिस की होंगी कि इनकी ज़्यादातर चर्चाएं वंशावली, "Low born", "High Born", legitimate, illegitimate, फलाने देवता का वंशज, फलाने कुलदेवता का वंशज के आस पास ही घूमती है । ये दुसरी जातियों को ट्रॉल भी इन्हीं टर्म्स पर करते है। इनके डिस्कोर्स से rationality और logic गायब है। कारण ये है कि इसमें हिंदुस्तान की जनता की भी गलती है जो इनकी इन्हीं बातों को ज्यादा इंपोर्टेंस देती है और देती आ रही है, ये काउंटर आर्गुमेंट नहीं करते, जो कोई करता है उस पर राजपूत किलस जाते है। लेकिन हिंदुस्तान के बाहर हालत अलग है, वहाँ इनकी वंशावली से किसी को कोई फर्क नहीं पड़ता। वहां उल्टा इनके साथ अफ्रीकन वाला व्यवहार होता है। जैसे नवानगर के जामसाहेब रणजीतसिंहजी जडेजा, जो कि ब्रिटिश भारत के बहुत प्रसिद्ध क्रिकेटर थे, जिनके नाम पे आगे चलकर रणजी ट्रॉफी भी आयोजित होने लगी। जब वो इंग्लैंड खेलने गए तो उनके साथ भयंकर नस्लीय भेदभाव हुआ। उनको "Nigger" जैसी अपमानजनक नस्लीय टिप्पणी का सामना करना पड़ा। उनके खिलाफ पूर्वाग्रह था कि कोई "nigger" अर्थात अश्वेत गोरों को कैसे क्रिकेट खेलना सिखा सकता हैं। ऐसी नस्लभेदी भावना गोरों में इतनी सामान्य थी कि सर होम गॉर्डन लिखते है कि जब उन्होंने जामसाहेब की तरफदारी की तो उन्हें Marylebone Cricket Club (MCC) से निकाल देने की धमकी दी गई एक पूर्व अधिकारी द्वारा यह कहा गया कि तुम इतने नीच कैसे हो सकते हो कि गंदे काले शक्श की तारीफ करो। जामसाहेब के पक्ष के दृढ़ समर्थक सर होम गॉर्डन ने यह भी सुझाव दिया कि क्रीज़ पर राजकुमार की विशिष्ट पहचान—कलाई पर बटन लगी आस्तीनों वाली एक सफ़ेद रेशमी कमीज़—इस बात का प्रमाण थी कि उनमें "अपने साँवले रूप-रंग को कम प्रभावशाली दिखाने की एक संवेदनशील इच्छा" थी।




Really like this marathafication of Bollywood


Zagro Maxxed Rajasthani Rajput Pheno check. Observe it carefully, he's wearing the same Tshirt that was given by Politician Ashok Gehlot to all the Majdoors that came in his rally. Rajasthani Rajputs are as poor as their Bimaru Brethren from Gangu Belt.











