
भीम आर्मी हरदोई
165 posts












बिहार के रोहतास ज़िले के दरिहट थाने में भीम आर्मी भारत एकता मिशन के प्रदेश अध्यक्ष अमर ज्योति पासवान सहित कई पदाधिकारियों को अनुचित रूप से हिरासत में रखा गया है। बलभद्रपुर गांव में पासवान समाज के एक व्यक्ति की निजी भूमि पर कुछ अराजक तत्वों द्वारा अवैध रूप से मंदिर निर्माण का प्रयास किया जा रहा था। स्थिति को शांतिपूर्ण ढंग से समझाने और कानूनसम्मत समाधान निकालने पहुंचे हमारे साथियों पर भू-माफियाओं ने हमला कर दिया तथा कई वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया। दुर्भाग्यपूर्ण है कि स्थानीय पुलिस ने हमलावरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की, बल्कि पीड़ित पक्ष के नेताओं को ही थाने में बैठा लिया। यह न्याय और कानून व्यवस्था दोनों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। बिहार प्रशासन से हमारी स्पष्ट मांग है कि निर्दोष साथियों को तुरंत रिहा किया जाए, हमलावरों पर कठोर कार्रवाई हो और पीड़ितों को न्याय मिले। यदि किसी भी साथी को झूठे आरोपों में जेल भेजने का प्रयास किया गया, तो यह अन्याय स्वीकार नहीं किया जाएगा। @bihar_police















उत्तर प्रदेश के जिला हरदोई के थाना बिलग्राम अंतर्गत गाँव सरौना की घटना पुलिसिया लापरवाही ही नहीं, बल्कि गंभीर साज़िश की आशंका को जन्म देती है। 28 जनवरी की शाम लगभग 7 बजे पुलिस द्वारा परिवार को सूचना दी जाती है कि ऑटो पलटने से उनके बेटे ऋषेन्द्र का एक्सीडेंट हो गया है। परिवार बताए गए स्थान की ओर रवाना ही हुआ था कि दोबारा पुलिस का कॉल आता है-अब कहा जाता है कि ऋषेन्द्र फांसी से लटका मिला है, लेकिन उसकी साँसें चल रही हैं, और तुरंत सांडी CHC पहुँचने को कहा जाता है। जब परिवार CHC पहुँचता है, तो ऋषेन्द्र मृत अवस्था में मिलता है। इसके बाद पुलिस बिना परिजनों की सहमति के, आनन-फानन में अपनी ही गाड़ी में जबरन परिवार के दो लोगों को बैठाकर शव को पोस्टमार्टम हाउस ले जाती है। वहाँ बॉडी सील कर दी जाती है और इसके बाद पुलिस थाना परिसर जाकर पंचनामा भरने की औपचारिकता करती है-जो पूरी प्रक्रिया को संदिग्ध बनाती है। लगातार चुप्पी और टालमटोल के बाद 29 जनवरी की शाम को भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष करण द्वारा वीडियो जारी किया जाता है। उसके दबाव में 30 जनवरी को मजबूरन प्रशासन हरकत में आता है और FIR दर्ज की जाती है। भीम आर्मी द्वारा मौके पर CO और SDM को बुलाकर परिवार का मांगपत्र भी सौंपा जाता है। लेकिन अब स्थानीय बीजेपी नेताओं के दबाव में पूरा मामला पलटने की कोशिश की जा रही है। न्याय दिलाने की माँग उठाने पर उल्टा भीम आर्मी के जिला अध्यक्ष और उनके साथियों को धमकाने और दबाव में लेने का खेल शुरू कर दिया गया है। मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी,सवाल आज भी कायम हैं: 1. पहले एक्सीडेंट की झूठी सूचना क्यों दी गई? फिर फांसी की कहानी कैसे सामने आई? 2. परिजनों की मौजूदगी से पहले पोस्टमार्टम की जल्दबाज़ी क्यों? 3. न्याय की माँग करने वालों को डराने की कोशिश क्यों? यह मामला केवल एक मौत का नहीं, न्याय को दबाने की कोशिश का है। भीम आर्मी चुप नहीं बैठेगी। सच सामने आएगा, दोषियों को सज़ा मिलेगी। @dgpup














