
Krishna Nand Rai
5.3K posts

Krishna Nand Rai
@Krishnauppss
Krishna Nand Rai mau


विद्यालय की साफ़ सफ़ाई के सम्बन्ध में @DmSambhal के स्पष्ट एवं सराहनीय निर्देश ।शिक्षकों के साथ यह कार्य हम सबने विद्यार्थी जीवन में किया है जोकि शिक्षा का ही एक हिस्सा है परंतु वर्तमान में छात्रों द्वारा अपने स्वयं के भोजन किए वर्तन धोने या अपने कक्षा कक्ष में कोई सफाई करने जैसी खबरों पर अनेक शिक्षकों पर कार्रवाई की गई है ।अब इससे राहत मिलेगी ।जिलाधिकारी महोदय को धन्यवाद 🙏

उत्तर प्रदेश के 1.86 लाख सहित देश में लगभग 20 लाख ऐसे शिक्षक जो आरटीई लागू होने से पूर्व में नियुक्त हुए हैं उन पर टेट उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु 4 अप्रैल को रामलीला मैदान दिल्ली में हुई रैली के बाद आज टीएफआई के प्राधिनिधि मण्डल की पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मा सांसद श्री जगदंबिका पाल जी के साथ श्री पंकज चौधरी जी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा उ प्र एवं मा वित्त राज्यमंत्री भारत सरकार से विस्तृत वार्ता हुई ।सुप्रीम कोर्ट के आदेश से देश के लाखों शिक्षकों पर पड़ने वाले कुप्रभाव से बचाने हेतु कानून बनाने की पूरी पैरवी की गई ।मा प्रदेश अध्यक्ष जी ने शीघ्र ही शीर्ष नेतृत्व से वार्ता एवं समाधान हेतु आश्वस्त किया ।प्रतिनिधि में टीएफआई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री संजय सिंह एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री राधेरमण त्रिपाठी जी उपस्थित रहे । @jagdambikapalmp @mppchaudhary @narendramodi @AmitShah @TFI4India @UPPSS1921

#NoTetBeforeRteAct अपनी जीविका एवं अपने स्वाभिमान पर मंडरा रहे संकट को देखते हुए अपनी व्यक्तिगत कठिनाइयों को पीछे छोड़ कर सैकड़ों किमी की यात्रा कर @TFI_India9 की रैली में पहुँचें इन सभी साथियों के मजबूत इरादों 💪को प्रणाम 🙏 @narendramodi @PMOIndia @AmitShah @dpradhanbjp @jagdambikapalmp @UPPSS1921

Teachers Federation of India के बैनर तले देश के कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक के लाखों शिक्षकों ने रामलीला मैदान दिल्ली पहुँच कर बता दिया कि शिक्षकों के साथ अन्याय को बर्दास्त नहीं किया जायेगा ।रैली में उपस्थित सभी शिक्षकों ने साफ़ कहा कि भर्ती के समय सरकार द्वारा जो भी नियम और योग्यता निर्धारित की उसे अर्जित करने के बाद ही सभी शिक्षक नियुक्ति पाये है ।सुप्रीम कोर्ट द्वारा आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता थोपा जाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा ।शिक्षकों ने कहा कि उनकी नियुक्ति सरकार द्वारा की गई इसलिए उसकी सेवा शर्तों की सुरक्षा का दायित्व भी सरकार का है ।फेडरेशन ने माँग की कि भारत सरकार सुप्रीम कोर्ट के आदेश के retrospective effect को समाप्त करने के लिये क़ानून बनाए । रैली के मुख्य अतिथि मा सांसद श्री जगदंबिका पाल ने रैली को संबोधित करते हुए कहा हम देश के शिक्षकों की आबाज को देश यशस्वी प्रधानमंत्री जी तक पहुँचाएँगे और शिक्षकों का अहित नहीं होने दिया जायेगा । हम देश भर से आये सभी साथियों का हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं । #NoTetBeforeRteAct @narendramodi @jagdambikapalmp @dpradhanbjp @AmitShah @PMOIndia

#NoTetBeforeRteAct शिक्षकों की EL जैसी समस्याओं पर टीचिंग पीरियड का बहाना बनाने वाले अधिकारी,आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर थोपी गई tet की अनिवार्यता समाप्त करने एवं ओपीएस बहाल करने जेसे मुद्दों पर चुप्पी साधने वाली सरकारों को भीड़ बढ़ाने के लिये ही शिक्षकों की याद आती है ।स्कूलों तक किताबें पहुँचाने में कोताही बरतने वाले अधिकारी शिक्षकों को भीड़ में शामिल कराने के लिए बसों की व्यवस्था में कोई कोताही नहीं बरतते हैं |हम प्रधानमन्त्री @narendramodi ji अनुरोधकरतेहैं कि अधिकारियों के आदेश पर विभिन्न जयन्ती,पुण्यतिथि एवं उद्घाटन कार्यक्रम में भीड़ के रूप में शोभा बढ़ाने वाले इन शिक्षकों की समस्याओं का संज्ञान लेने की कृपा करें |

#04_April_MarchToDelhi #NoTetBeforeRteAct आगामी 04 अप्रैल को रामलीला मैदान में होने वाली महा रैली की तैयारियों को दृष्टिगत रखते उत्तर प्रदेश के संगठन उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ की बैठक संपन्न हुई जिसमें उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों के सभी जिला अध्यक्ष और मंत्रियों ने भाग लिया ।सभी ने अन्याय के विरुद्ध एकजुट होकर आंदोलन में शामिल होने का संकल्प लिया ।

#04_अप्रैल_दिल्ली_चलो #NoTetBeforeRteAct सम्मानित साथियों हमारी भारत सरकार से माँग है कि आरटीई से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टेट की अनिवार्यता को समाप्त करने हेतु क़ानून बनाया जाये ।इस संबंध में टीएफआई के प्रतिनिधि मंडल ने 19 दिसंबर को केंद्रीय शिक्षा मंत्री जी से वार्ता करके ज्ञापन सौंपा था और हमें आशा थी कि बज़ट सत्र में सरकार इस विषय पर विधेयक लाएगी परन्तु अभी तक ऐसा नहीं हुआ जिससे शिक्षकों में असंतोष व्याप्त है ।अभी तक आप दो दो बार आपने जिलाधिकारी के माध्यम से मा प्रधानमन्त्री जी को ज्ञापन प्रेषित किया गया साथ ही मा सांसदों को ज्ञापन सौंपा गया ।अनेक सांसदों द्वारा संसद में विषय को उठाया गया गया लेकिन भारत सरकार का शिक्षा मंत्रालय देश के 20 lakhलाख शिक्षक व उनके परिवार के प्रति संवेदनशील नहीं है । इसलिए आप सभी से अनुरोध है कि 4 अप्रैल को दिल्ली के रामलीला मैदान पहुंचकर अपनी सेवा को सुरक्षित करें ।

#JusticeForTeachers शिक्षकों के साथ वार्ता में एक बात, संसद में ठीक उसके विपरीत बयान—यह कैसा दोहरापन है? यदि राज्यों से आँकड़े और सूचनाएँ मँगाई गई थीं, तो उत्तर में उनका उल्लेख क्यों नहीं? 20–25 वर्षों से सेवा दे रहे, 50–55 वर्ष के शिक्षकों को फिर से परीक्षा में बैठने को मजबूर करना घोर अन्याय है। क्या आज कोई न्यायाधीश CLAT देगा? क्या 20 साल पुराना सैनिक 10 किमी दौड़ेगा? 20 लाख शिक्षकों की पीड़ा पर शिक्षा मंत्रालय मौन क्यों? 20 लाख शिक्षकों के साथ यह मज़ाक बंद हो।

नियम बनाओ आने वालों के लिए, वो न्याय का दस्तूर है, पीछे मुड़कर जड़ें काटना, सरासर ज़ुल्म और गुरूर है। #JusticeForTeachers @DrDCSHARMAUPPSS @BJP4India @dpradhanbjp @RahulGandhi @yadavakhilesh @myogiadityanath @harishkumaUPPSS @bstvlive @rajnathsingh @JagranNews @Aamitabh2






