Mahajan Deepak retweetledi

"खादा पीत्ता लाहे दा,
रहंदा अहमद शाहे दा"
300 वर्ष पहले पंजाब में यह कहावत बोली जाती थी…..
अर्थात् जो खा लिया पी लिया और तन को लग गया वो ही अपना है, बाकी तो अहमद शाह लूट कर ले जाएगा..!!
जो लूट का माहौल आज 2024 मे बांग्लादेश मे देखा जा रहा है
1750 मे अहमद शाह अब्दाली भारत मे यही सब कर रहा था
75 वर्ष पहले ऐसे ही सिंध को लूटा जा रहा था।
1990 में कश्मीर लूटा जा रहा था
1971 में पाकिस्तानी सेना इसी बांग्लादेश मे यही सब कर रही थी
1946 मे जिन्ना के समर्थक डायरेक्ट एक्शन डे के नाम पर हिन्दुओं के साथ यही सब कर रहे थे
1947 मे पाकिस्तान और बांग्लादेश मे बचे हुए और भारत आ रहे हिन्दू परिवारों के साथ यही सब हो रहा था
लूटने वाले का नाम बदल जाता है लेकिन हिन्दुओं का भाग्य है की बदल ही नहीं रहा
क्यूंकि
न तो हम इतिहास से सीख रहे हैं
न हम भविष्य के लिए तैयार हो रहे हैं
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