Maangesh Trivedi

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Maangesh Trivedi

@Mangeshtrivedi

Qualified #YogaExpert ,#WellnessConsultant , teaching General #Yoga, #CorporateYoga ,#PowerYoga Workshops and #YogaTherapy , Entrepreneur, Traveler, Writer

delhi ,india Katılım Temmuz 2009
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Dr. Raghvendra Sharma
Dr. Raghvendra Sharma@DrRaghvendrashr·
🧘‍♂️ योग चेतना महोत्सव 🧘‍♀️ 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में योग आयोग, मध्यप्रदेश सरकार एवं अखिल भारतीय योग शिक्षक महासंघ के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित “योग चेतना महोत्सव” में आप सभी का हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन। 📍 भोपाल, मध्यप्रदेश 📅 14 जून 2026 आइए, योग को जन-जन तक पहुंचाकर स्वस्थ, सकारात्मक एवं शांतिमय समाज के निर्माण में सहभागी बनें। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन जीने की भारतीय संस्कृति का आधार है। “योग अपनाएं, स्वास्थ्य और आत्मबल बढ़ाएं।” 🌿 #Yoga #InternationalYogaDay #YogaMahotsav #MadhyaPradesh #Bhopal #योग #YogaForLife #HealthyIndia #योग_चेतना_महोत्सव
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ANI
ANI@ANI·
#WATCH | Prime Minister Narendra Modi meets Prime Minister of Italy, Giorgia Meloni in Rome, Italy. (Source: ANI/DD News)
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Hardik Bhavsar
Hardik Bhavsar@Bitt2DA·
सेल्फ़ी Italy के Rome में लीं जा रही धुआँ चमचो के स्थान विशेष से निकल रहा 😂🔥 #Melodi
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Giorgia Meloni
Giorgia Meloni@GiorgiaMeloni·
Welcome to Rome, my friend! 🇮🇹🇮🇳
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Maangesh Trivedi
Maangesh Trivedi@Mangeshtrivedi·
@RatanRanjan_ @DelhiPwd लिफ्ट पहले थे बाद मे खराब हो गए थे केजरीवाल जी ने बनवाए नहीं
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Ratan Ranjan
Ratan Ranjan@RatanRanjan_·
दिल्ली में सड़क पार करने के लिए फुट ओवरब्रिज का सहारा लिया जाता है लेकिन बहुत सारे बुजुर्ग दिव्यांग और गर्भवती महिलाओं को फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियां चढ़ने में परेशानी होती है PWD ने जंगपुरा फुट ओवरब्रिज में लिफ्ट लगाकर सीढ़ी चढ़ने की परेशानी से छुटकारा दिलवाया।@DelhiPwd
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Narendra Modi
Narendra Modi@narendramodi·
अच्छा स्वास्थ्य ही जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है, जिसमें व्यायाम की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मैं सभी देशवासियों के स्वस्थ और सुखी जीवन की कामना करता हूं। व्यायामाल्लभते स्वास्थ्यं दीर्घायुष्यं बलं सुखम्। आरोग्यं परमं भाग्यं स्वास्थ्यं सर्वार्थसाधनम्॥
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Narendra Nath Mishra
Narendra Nath Mishra@iamnarendranath·
एक और हंसते गाते नाचते चलते मौत LIVE कब ऐसी मौत को हम मेडिकल इमरजेंसी मानेंगे!
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Dainik Bhaskar
Dainik Bhaskar@DainikBhaskar·
सुप्रीम कोर्ट ने कहा- फ्रंट ऑफ पैक लेबलिंग लगाओ: पैकेट पर लिखा होगा- फूड हेल्दी या अनहेल्दी; जानें ये क्यों जरूरी dainik.bhaskar.com/u0790mNSQ0b #healthcare #healthyliving Anchor By @anchorNehayadav
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Dr Arvind Singh MD DM
Dr Arvind Singh MD DM@drarvind79·
@star_orm @TweetAbhishekA Iam a doctor and facing lot of problem with star health Insurance Without knowing the true indication of hoispitalisation u people deny the claim, now a days it big problem with star health
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Abhishek Anand
Abhishek Anand@TweetAbhishekA·
Star Health का कौन सा खेल चल रहा है? मरीज तो मरीज, डॉक्टर खुद बता रहे हैं, वे भी त्रस्त हैं। देखिए डॉक्टर अरविंद कह रहे हैं कि बिना ये जाने कि मरीज को भर्ती होने की जरूरत है, Star Health Insurance क्लेम रिजेक्ट कर देती है। और ये कंपनी बहुत बड़ी समस्या बन गई है। देश में कोई नहीं है कंपनी के खिलाफ ऐसी शिकायतें सुनने वाला? कोई मंत्रालय-मंत्री हैं जिनके अंदर ये कंपनियां आती हो ?
Abhishek Anand tweet mediaAbhishek Anand tweet media
Dr Arvind Singh MD DM@drarvind79

@star_orm @TweetAbhishekA Iam a doctor and facing lot of problem with star health Insurance Without knowing the true indication of hoispitalisation u people deny the claim, now a days it big problem with star health

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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
हेल्थ इंश्योरेंस का 'Exclusion' स्कैम: जब कंपनियां खुद को डॉक्टर से बड़ा समझने लगें! आज भारत में हेल्थ इंश्योरेंस के नाम पर एक सुनियोजित खेल चल रहा है। कंपनियां 'सस्ते प्रीमियम' और 'कैशलेस' के बड़े-बड़े विज्ञापनों से ग्राहकों को लुभाती हैं, लेकिन जब अस्पताल के बिस्तर पर पड़ा मरीज क्लेम मांगता है, तो उसे थमा दिया जाता है 'रिजेक्शन लेटर'। बहाना होता है 'Exclusions' (बाहरी शर्तें) और तर्क दिया जाता है कि "यह इलाज तो घर पर या OPD में हो सकता था, भर्ती होने की क्या जरूरत थी?" डॉक्टर के विवेक पर कंपनी का 'कब्जा' सबसे बड़ा विवाद तब पैदा होता है जब एक विशेषज्ञ (Specialist) डॉक्टर मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती करता है। लेकिन, बीमा कंपनी के दफ्तर में बैठा एक क्लर्क या मैनेजर, जिसने मरीज को देखा तक नहीं, वह अपनी पॉलिसी के 'Exclusions' (वर्जित शर्तों) का हवाला देकर उसे 'Non-Medical Necessity' कहकर खारिज कर देता है। यह न केवल मरीज के साथ धोखा है, बल्कि संपूर्ण चिकित्सा पद्धति का अपमान है। क्या अब बीमा कंपनियां तय करेंगी कि डॉक्टर को मरीज का इलाज कैसे करना चाहिए? हाई कोर्ट के आदेशों की सरेआम धज्जियां विभिन्न माननीय हाई कोर्ट्स (जैसे सुलभा प्रकाश बनाम न्यू इंडिया एश्योरेंस) ने अपने ऐतिहासिक फैसलों में बार-बार कहा है कि: "बीमा कंपनी के पास कोई मेडिकल विशेषज्ञता नहीं है कि वह डॉक्टर के विवेक को चुनौती दे सके। यदि डॉक्टर ने भर्ती करने का फैसला लिया है, तो वही अंतिम सत्य है।" दुर्भाग्य की बात यह है कि बीमा कंपनियां इन अदालती आदेशों को रद्दी की टोकरी में डाल देती हैं, क्योंकि उन्हें पता है कि हर ग्राहक कोर्ट जाने की हिम्मत या साधन नहीं रखता। IRDAI: 'चोरी के बाद आने वाली पुलिस' बीमा नियामक (IRDAI) की भूमिका आज उस पुलिस जैसी हो गई है जो चोरी होने के बाद रिपोर्ट लिखने आती है, लेकिन चोरी रोकने के लिए गश्त नहीं लगाती। IRDAI के पास शिकायत (Bima Bharosa) करने पर समाधान तो मिलता है, लेकिन वह कंपनियों पर ऐसा भारी जुर्माना नहीं लगा पा रही जिससे उनकी यह मनमानी हमेशा के लिए बंद हो जाए। बड़े नाम, खोखले दावे: बाजार में Star Health और Care Health जैसी कंपनियों का बड़ा नाम है, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि क्लेम रिजेक्शन की सबसे ज्यादा गूंज इन्हीं के खिलाफ सुनाई देती है। कंपनियां 'कॉन्ट्रैक्ट' की भाषा को इतना उलझा देती हैं कि आम आदमी को समझ ही न आए कि उसने बीमा लिया है या खुद के लिए नई मुसीबत खरीदी है। #Note: ऊपर में 2 कंपनी का नाम इसलिए लिखा है क्योंकि इरडा के लिस्ट में ये उपर हैं, इसका कतई ये मतलब नहीं है कि बाकी कंपनिया दूध की धुली है। सभी इस नियम के आड़ में मनमानी कर रही हैं, बस तुलना इतनी है की “मेरा दाग तेरे दाग से हल्के हैं”😊 मेरी मांगें और सुझाव (IRDAI के लिए): Section/Exclusion की मनमानी खत्म हो: पॉलिसी में छिपे हुए उन क्लॉज को हटाया जाए जो कंपनी को डॉक्टर के निर्णय को ओवररूल (Overrule) करने की ताकत देते हैं। 'Preventive' रेगुलेशन: चोरी होने का इंतज़ार न करें। अगर कोई कंपनी बार-बार 'OPD Basis' कहकर क्लेम रिजेक्ट कर रही है, तो उसके लाइसेंस पर कार्रवाई हो। क्लेम अप्रूवल की समय सीमा: भर्ती के 1 घंटे के भीतर कंपनी को स्पष्ट करना होगा कि क्लेम मिलेगा या नहीं। डिस्चार्ज के वक्त नया बहाना बनाना 'क्रिमिनल ऑफेंस' माना जाए। सफलता की 100% गारंटी: क्लेम न मिले तो ये 'ब्रह्मास्त्र' चलाएं अगर आपका क्लेम 'Exclusion' या 'OPD' के नाम पर रिजेक्ट हुआ है, तो यह आपकी जीत का पक्का रास्ता है: Rebuttal Letter (विरोध पत्र): सबसे पहले कंपनी को एक सख्त ईमेल लिखें। उसमें डॉक्टर का 'Justification' लगाएं कि अस्पताल की मशीनरी और स्टाफ के बिना इलाज संभव नहीं था। Legal Precedents: अपने पत्र में हाई कोर्ट के फैसलों का जिक्र करें। कंपनियों को पता चलना चाहिए कि ग्राहक अपने अधिकारों के प्रति सजग है। बीमा लोकपाल (Ombudsman) - सबसे बड़ा हथियार: लोकपाल कंपनियों की इन 'बनावटी' शर्तों को नहीं मानता। यहाँ 90% से ज्यादा फैसले ग्राहकों के पक्ष में होते हैं क्योंकि लोकपाल भी 'मेडिकल जरूरत' को 'कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों' से ऊपर रखता है। सोशल मीडिया का दबाव: Threads, X (Twitter) पर कंपनियों और IRDAI को टैग करें। जब बात पब्लिक होती है, तो कंपनियां तुरंत सेटलमेंट के लिए फोन करती हैं। बीमा कंपनियों ने इसे व्यापार बना लिया है, जबकि यह एक सेवा है। जब तक आप चुप रहेंगे, आपकी मेहनत की कमाई लूटी जाएगी। जागरूक बनिए, सवाल पूछिए और अपने हक के लिए लड़िए क्योंकि आपकी चुप्पी ही इन कंपनियों की ताकत है। धन्यवाद Bablu Kummar Singh, CFP®
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Swati Maliwal
Swati Maliwal@SwatiJaiHind·
एक आम इंसान मेहनत की कमाई से Insurance कंपनियों का प्रीमियम भरता है। जहाँ एक तरफ़ वो प्राइवेट अस्पतालों के महँगे इलाज की मार झेलता है, वहीं कुछ Insurance Companies भी उनकी परेशानी कम करने की जगह बढ़ाने का काम करती हैं। बेकार कारण देकर Claims रिजेक्ट हो जाते हैं, ठीक से जवाब नहीं मिलते। जनता को परेशान करने वाली कंपनियों पर एक्शन होना चाहिए।
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🇮🇳Jitendra pratap singh🇮🇳
हेल्थ इंश्योरेंस कंपनियों की मनमानी बहुत बढ़ गई है लोग यह सोचकर हजारों लाखों रुपए प्रीमियम भुगतान करते हैं की जरूरत पर इंश्योरेंस कंपनियां मदद करेंगी लेकिन इंश्योरेंस कंपनीयां इतनी लुटेरी हो गई है कोई ना कोई बहाना बनाकर लोगों का क्लेम रिजेक्ट कर रही हैं
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Maangesh Trivedi
Maangesh Trivedi@Mangeshtrivedi·
@star_orm @Khurpenchhealth @star_orm आप लोग हमेशा सबके साथ गड़बड़ कर रहे हो जल्दी ही सुप्रीम कोर्ट में आपके खिलाफ 5000 पीड़ित लोग मिलकर केस करेंगे तब आपको समझ में आएगा
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Star Health Support
Star Health Support@star_orm·
Dear @Khurpenchhealth, Claim decisions are based on documented disclosures and verified medical records. Where material non-disclosure is identified during verification, insurers are required under policy contract and regulatory norms to act accordingly. These decisions are subject to defined review and grievance processes to ensure fairness and accountability. - Team STAR Health
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खुरपेंची स्वास्थ्य
🚨 एक बेटा अपनी मां के इलाज के लिए हर साल ₹50,000 प्रीमियम भरता रहा भरोसा था कि जरूरत पर साथ मिलेगा। मां बीमार हुई तो वह स्टार हेल्थ एंड एलाइड इंश्योरेंस के लखनऊ ऑफिस पहुंचा। घंटों इंतजार कराया गया। फिर क्लेम से इनकार। ऊपर से एजेंट का जवाब “हमसे पूछकर पॉलिसी थोड़ी ली थी।” सवाल सीधा है कि 👇 प्रीमियम समय पर चाहिए , लेकिन क्लेम के समय बहाने क्यों? क्या बीमा कंपनियां सिर्फ पैसा इकट्ठा करने के लिए हैं? क्या पॉलिसी धारक का हक मांगना अपराध है? अगर नियमों के नाम पर क्लेम रोके जाएंगे, तो यह सुरक्षा नहीं, सीधी लूट है। हर ग्राहक को लिखित कारण, पारदर्शिता और जवाबदेही मिलनी चाहिए। वरना “हेल्थ इंश्योरेंस” भरोसा नहीं , सिर्फ कागज़ी वादा बनकर रह जाएगा।
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The Public Record
The Public Record@deepCH_2·
🚨 BREAKING NEWS | HEALTH INSURANCE • CLAIM REJECTION Date: 15 February 2026 📅 Headline • Man confronts insurer over denied mother’s claim Opening Hook • A son says his mother’s insurance claim was rejected after years of payment. • His protest video went viral and triggered wider anger. Statistical Snapshot • Star Health reports a 99.81% claim settlement ratio. • Over 12,000 complaints were filed against it last year. History Snapshot • Health insurance disputes often cite pre-existing disease clauses. • Consumer courts have ruled against insurers in multiple past cases. Analysis • High settlement ratios hide the pain of rejected critical claims. • Regulators like IRDAI are expected to protect policyholders, not paperwork. Reality Check • One rejected claim can wipe out a middle-class family’s savings overnight. Verification Note • Claim denial allegations are based on the man’s public video statement. • Complaint figures align with publicly reported grievance data on insurers. Sources Used • Public grievance reports, regulatory disclosures, consumer court records. Shocking Fact • Many families discover exclusions only after hospital admission. Interesting Fact • India’s health inflation rate often grows faster than general inflation. Trivia Question • Who regulates health insurance companies in India? Missing Question • Why are policy terms still so complex that ordinary citizens cannot understand them? Bottom Line • Insurance works only when trust works. • If fine print defeats fairness, regulation has failed. Trivia Answer • Insurance Regulatory and Development Authority of India (IRDAI). 🕉️ Moral Closure • “धर्मो रक्षति रक्षितः” — Duty protects those who protect it. • When institutions protect citizens honestly, they protect themselves. #HealthInsurance #UttarPradesh #ConsumerRights
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खुरपेंची स्वास्थ्य
जब हमारी टीम ने गहराई से जांच शुरू की तो Star Health इंश्योरेंस से जुड़े कई और मामले सामने आने लगे। यह एक साल पुराना वीडियो है, जिसमें एक युवक खुलकर आरोप लगा रहा है कि कंपनी ने उसके साथ धोखाधड़ी की। सवाल उठते हैं कि 👇 क्या ये सिर्फ एक व्यक्ति का आरोप है या ऐसी शिकायतें बार-बार सामने आ रही हैं? क्या गलत मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पॉलिसी रिजेक्ट की जा रही हैं? क्या डायग्नोस्टिक पार्टनर्स की जांच कभी स्वतंत्र रूप से हुई? IRDAI को कितनी शिकायतें मिलीं और अब तक क्या कार्रवाई हुई? कितने मामलों में उपभोक्ता अदालतों ने कंपनी को दोषी ठहराया? अगर एक साल पहले भी ऐसे आरोप थे, तो तब से अब तक क्या बदला? प्रीमियम लेते समय भरोसा और क्लेम के समय विवाद आखिर जवाबदेही किसकी है?
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Delhi Police
Delhi Police@DelhiPolice·
हम यह स्पष्ट करना चाहते है कि गुमशुदगी, विशेषकर बच्चों के लापता होनें को लेकर फैलायी जा रही अफवाहों से घबराने की कोई आवश्यकता नहीं है। विगत वर्षों की तुलना में गुमशुदगी के मामलों में वृद्धि नहीं हुई है। दिल्ली पुलिस त्वरित जांच व कार्रवाई के साथ नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। श्री संजय त्यागी, संयुक्त पुलिस आयुक्त/जन संपर्क अधिकारी, दिल्ली पुलिस का संदेश: #DPUpdates #HelloDelhiPolice #HelloPoliceStation
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