जनता मीडिया

1.9K posts

जनता मीडिया banner
जनता मीडिया

जनता मीडिया

@MathuraKi

@JantaNewsDelhi

Lucknow Katılım Kasım 2020
2K Takip Edilen537 Takipçiler
जनता मीडिया
मथुरा NHM में हड़कंप DPM संजय सिहोरिया पर गाली-गलौज, वेतन रोकने और कर्मचारियों के उत्पीड़न के गंभीर आरोप मथुरा। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) मथुरा में इन दिनों बड़ा प्रशासनिक विवाद सामने आया है। सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों (CHO) की ओर से भेजे गए एक विस्तृत शिकायत पत्र में जिला कार्यक्रम प्रबंधक (DPM) संजय सिहोरिया पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं। CHO कर्मचारियों का आरोप है कि विभाग में लंबे समय से मानसिक उत्पीड़न, अभद्र व्यवहार और प्रशासनिक दबाव का माहौल बना हुआ है। इस मामले में कर्मचारियों ने अपनी शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) मथुरा सहित केंद्र और प्रदेश सरकार के शीर्ष अधिकारियों तक भेजी है। फोन पर गाली-गलौज का आरोप CHO कर्मचारियों के बीच वायरल एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया है कि हाल ही में DPM संजय सिहोरिया ने एक CHO को फोन पर कथित रूप से अभद्र भाषा और गाली-गलौज की। पोस्ट के अनुसार इस घटना में इस्तेमाल की गई भाषा को लेकर कर्मचारियों में भारी नाराज़गी है और इसे आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाने वाला व्यवहार बताया जा रहा है। कई महीनों से वेतन और भुगतान लंबित ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया है कि जनपद मथुरा में कार्यरत कई CHO कर्मचारियों को कई महीनों से वेतन, पीबीआई (PBI) और अन्य वित्तीय भुगतान समय पर नहीं मिल रहे। कर्मचारियों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार सेवाएं देने के बावजूद आर्थिक भुगतान में देरी से उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रशासनिक दबाव और षड्यंत्र की चर्चा स्वास्थ्य विभाग के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार कर्मचारियों के बीच यह चर्चा भी है कि कुछ मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई की रणनीति पहले से तैयार की जा रही है। सूत्रों का दावा है कि कुछ कर्मचारियों से कथित तौर पर समर्थन या शपथ पत्र पर हस्ताक्षर करवाए गए, ताकि आगामी बैठक में कुछ CHO के खिलाफ कार्रवाई का माहौल बनाया जा सके। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। व्हाट्सएप ग्रुप विवाद ने बढ़ाया तनाव NHM मथुरा के अंदर व्हाट्सएप ग्रुप को लेकर भी विवाद सामने आया है। सूत्रों के अनुसार पुराने आधिकारिक ग्रुप में “Only Admin” सेटिंग लागू होने के बाद नया ग्रुप बनाया गया, जिससे कर्मचारियों के बीच प्रशासनिक निर्देशों को लेकर भ्रम और असंतोष की स्थिति बन गई। CHO कर्मचारियों की चेतावनी CHO कर्मचारियों का कहना है कि यदि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरे जनपद के CHO धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगे। इस संबंध में कर्मचारियों द्वारा जिलाधिकारी मथुरा को भी अवगत कराने की बात कही गई है। प्रशासन की चुप्पी इतने गंभीर आरोपों के बावजूद अभी तक जिला स्वास्थ्य प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के भीतर यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया है और आने वाले दिनों में जांच या प्रशासनिक कार्रवाई की संभावना से इनकार नहीं किया जा रहा। @anvisssr1 @anas_president @officer_cho @yadav_rao49105 @CMOfficeUP @brajeshpathakup #BrekingNews
जनता मीडिया tweet media
हिन्दी
0
3
6
121
जनता मीडिया retweetledi
Dhruv Rathee Satire
Dhruv Rathee Satire@DhruvRathenx·
घर की हालत देखकर पता चल रहा है कि कितना मेहनत किया होगा।
हिन्दी
30
509
3.8K
31.3K
जनता मीडिया
🕵️‍♂️ खोजी लेख मथुरा NHM में डिजिटल सत्ता संघर्ष? व्हाट्सएप ग्रुप विवाद, प्रोटोकॉल और प्रशासनिक नियंत्रण पर उठते सवाल विशेष रिपोर्ट | मथुरा जनपद मथुरा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के अंतर्गत चल रही व्यवस्थाओं को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। मामला व्हाट्सएप ग्रुप से शुरू होकर अब प्रशासनिक अधिकार, प्रोटोकॉल और लैंगिक संवेदनशीलता तक पहुंच गया है। 📱 दो ग्रुप, दो आदेश सूत्रों के अनुसार, “Mathura AAM CP Group” नामक ग्रुप पिछले लगभग तीन वर्षों से आधिकारिक समन्वय का माध्यम रहा है। हाल ही में बढ़ती बहस को रोकने के उद्देश्य से DCPM श्रीमती पारुल शर्मा द्वारा “Only Admin” मोड लागू किया गया। इसके बाद, जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री संजय सिहोरिया द्वारा एक नया व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जाने की चर्चा है, जिसमें निर्देश दिए गए कि अब समस्त उपस्थिति और फोटो रिपोर्टिंग इसी नए ग्रुप पर होगी। यहां प्रश्न उठता है—क्या तीन वर्षों से चली आ रही व्यवस्था को केवल व्हाट्सएप संदेश से बदला जा सकता है? ⚖ क्या कहता है National Health Mission का प्रोटोकॉल? NHM के दिशा-निर्देशों के अनुसार: आधिकारिक आदेश लिखित रूप में जारी होते हैं। उपस्थिति प्रणाली AMS/निर्धारित डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित होती है। व्हाट्सएप केवल सहायक संचार माध्यम है, न कि वैधानिक आदेश प्रणाली। यदि किसी नए ग्रुप को अनिवार्य बनाया गया है, तो क्या उसका लिखित आदेश मौजूद है? 🧭 लैंगिक संवेदनशीलता पर भी सवाल सूत्रों के हवाले से यह भी चर्चा है कि “नारी सम्मान” को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई। हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। यदि ऐसा कथन प्रमाणित होता है, तो यह न केवल सेवा आचरण नियमों बल्कि लैंगिक समानता के सिद्धांतों के विपरीत माना जा सकता है। 🔎 बड़ा प्रश्न: नियंत्रण या सुधार? क्या यह केवल संचार का माध्यम बदलने की पहल है? या फिर यह जिला स्तर पर प्रशासनिक नियंत्रण की नई रणनीति का हिस्सा है? पूर्व व्यवस्था को समाप्त करने के पीछे क्या औपचारिक समीक्षा हुई? क्या सभी संबंधित अधिकारियों/कर्मचारियों को विश्वास में लिया गया? निष्कर्ष मथुरा का यह प्रकरण अब केवल व्हाट्सएप ग्रुप विवाद नहीं रहा। यह प्रशासनिक पारदर्शिता, अधिकार-सीमा और NHM प्रोटोकॉल की व्याख्या का विषय बन चुका है। जब तक लिखित आदेश और स्पष्ट स्पष्टीकरण सामने नहीं आते, तब तक यह मामला सवालों के घेरे में बना रहेगा। @officer_cho @UP___CHO @yadav_rao49105 @DMMathura1 @brajeshpathakup @CMOfficeUP #BrekingNews
हिन्दी
0
0
2
53
जनता मीडिया retweetledi
AAP
AAP@AamAadmiParty·
आज सत्य की जीत हुई 🙏 BJP के बनाये शराब घोटाले की आज कोर्ट ने सच्चाई बता दी। आम आदमी पार्टी को खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ने आजाद भारत का सबसे बड़ा षड्यंत्र रचा। लेकिन आज कोर्ट ने कह दिया अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और AAP भ्रष्ट नहीं हैं। मैंने अपने जीवन में केवल ईमानदारी कमाई है। मैं प्रधानमंत्री से कहना चाहता हूँ कि सत्ता के लिए इस तरह से देश और संविधान से खिलवाड़ मत कीजिए, सत्ता के लिए आप अच्छे काम कीजिए। अच्छा काम करके सत्ता में आइए। - @ArvindKejriwal जी, राष्ट्रीय संयोजक, आम आदमी पार्टी
हिन्दी
25
281
607
11.7K
जनता मीडिया retweetledi
AAP
AAP@AamAadmiParty·
मान सरकार की शिक्षा क्रांति ने बदल दिया सरकारी स्कूल का नज़ारा! 🏫 👉 खंडहर बन चुके स्कूल को मान सरकार ने नई और शानदार इमारत में किया तब्दील 👉 स्कूल में बच्चों की सुरक्षा के लिए सुरक्षाकर्मी तक किए हैं तैनात #AAPKiShikshaKranti
हिन्दी
2
98
188
3.6K
जनता मीडिया retweetledi
AAP
AAP@AamAadmiParty·
4 साल किया कमाल फिर आ रहे CM मान 💯 मान सरकार ने पंजाब को ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर वर्ग के लिए कई ऐतिहासिक जनहित कार्य किए हैं।👇
हिन्दी
3
76
132
2.2K
जनता मीडिया
🔴 महाघोटाले की आहट! PMJAY में खेल बड़ा — DPC Dr. Amit Kumar Singh पर फर्जी डिग्री और घोटाले के आरोप, CMO पर संरक्षण का साया! जनपद मथुरा में संचालित प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) अब गंभीर विवादों के घेरे में है। जिला कार्यक्रम समन्वयक (DPC) Dr. Amit Kumar Singh के खिलाफ फर्जी डिग्री से नियुक्ति और वित्तीय अनियमितताओं के सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। मामले ने उस समय और तूल पकड़ लिया जब शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय मथुरा स्तर से उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है। 🎓 फर्जी डिग्री से नौकरी? चयन प्रक्रिया पर बड़ा सवाल शिकायत में दावा किया गया है कि Dr. Amit Kumar Singh द्वारा नियुक्ति के समय प्रस्तुत की गई शैक्षणिक डिग्री की सत्यता संदिग्ध है। यदि जांच में दस्तावेज फर्जी पाए जाते हैं, तो यह सीधा-सीधा सेवा नियमों का उल्लंघन और आपराधिक कृत्य की श्रेणी में आ सकता है। सूत्रों का कहना है कि चयन प्रक्रिया के दस्तावेजों की भी स्वतंत्र जांच कराए जाने की मांग उठ रही है। 💰 सरकारी धन के दुरुपयोग की आशंका मामले का दूसरा बड़ा पहलू वित्तीय अनियमितताओं से जुड़ा है। आरोप है कि PMJAY के अंतर्गत हुए कुछ भुगतान और प्रशासनिक अनुमोदनों में पारदर्शिता नहीं बरती गई। यदि विशेष ऑडिट (Special Audit) कराया जाता है, तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं — ऐसा दावा शिकायतकर्ताओं का है। हालांकि अभी तक किसी भी जांच एजेंसी द्वारा आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 🏥 CMO कार्यालय की भूमिका पर उठे सवाल सबसे बड़ा आरोप यह है कि शिकायतों के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या विभागीय स्तर पर संरक्षण दिया जा रहा है? हालांकि CMO कार्यालय की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। 📑 क्या होंगी अगली कार्रवाई? शिकायत में मांग की गई है कि — DPC की शैक्षणिक डिग्री का विश्वविद्यालय स्तर पर सत्यापन हो नियुक्ति प्रक्रिया की स्वतंत्र एजेंसी से जांच हो PMJAY के वित्तीय रिकॉर्ड का विशेष ऑडिट कराया जाए दोषी पाए जाने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए ⚖️ जनता के इलाज की योजना पर दाग? PMJAY जैसी राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना गरीब और वंचित वर्गों के लिए जीवनरेखा मानी जाती है। ऐसे में यदि जिला स्तर पर किसी भी प्रकार की अनियमितता सिद्ध होती है, तो यह शासन की साख और जनता के भरोसे दोनों पर बड़ा आघात होगा। 🔎 प्रशासन की चुप्पी, बढ़ती हलचल फिलहाल प्रशासनिक गलियारों में खामोशी है, लेकिन अंदरखाने हलचल तेज बताई जा रही है। यदि शासन स्तर पर जांच बैठती है, तो आने वाले दिनों में यह मामला बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक भूचाल ला सकता है। (यह समाचार शिकायतकर्ताओं द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी और स्थानीय सूत्रों पर आधारित है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि शेष है। संबंधित पक्ष का पक्ष प्राप्त होने पर प्रकाशित किया जाएगा।) @officer_cho @UP___CHO @yadav_rao49105 @DMMathura1 @CMOfficeUP @brajeshpathakup @BBCBreaking @aajtak #BreakingNews
हिन्दी
0
2
2
258
जनता मीडिया retweetledi
ममता ट्राबल
ममता ट्राबल@Mamtasulaniya·
🚨 एक क्लिनिक में प्रतीक्षा कर रही एक महिला को रिसेप्शनिस्ट ने थप्पड़ मार दिया। इसके बाद महिला के बेटे ने बीच-बचाव करते हुए रिसेप्शनिस्ट पर हमला किया, उसे बालों से पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और उसे घसीटते हुए क्लिनिक से बाहर निकाल दिया। क्या बेटे ने सही किया..?
हिन्दी
735
593
3.3K
111K
जनता मीडिया retweetledi
Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh
Aam Aadmi Party- Uttar Pradesh@AAPUttarPradesh·
यह बहुत फक्र की बात है कि इन्होंने ऐसा काम किया है जिससे लोगों का हौंसला बढ़ रहा है। अब हिंदू समाज के लोग मुस्लिमों के पक्ष में खड़े हो रहे हैं अगर उनके साथ कहीं कोई अत्याचार हो रहा है... इसकी प्रेरणा लोगों को दीपक कुमार से मिली है। मैं देश के लोगों से अपील करना चाहता हूं कि इनके जैसा बनने का प्रयास कीजिए। नफरत से दुनिया का कोई देश आगे नहीं बढ़ सकता है! : @SanjayAzadSln
हिन्दी
11
202
308
2.6K
जनता मीडिया retweetledi
Saurabh Bharadwaj
Saurabh Bharadwaj@Saurabh_MLAgk·
“Arrest the Politicians’s son” Just went to Police station and met SHO to demand immediate arrest of the rogue Politicians’s son who abused harassed & intimidated students of “North East” India.
English
13
572
1.7K
26.9K
जनता मीडिया retweetledi
Afsar Khan Raipuri
Afsar Khan Raipuri@Afsar__khan·
देश की राजनीति की सच्चाई दिखा रहा, एक युवा का यह गाना। जहां जात पात और भेदभाव का बजता हो ढिंढोरा वो भारत देश है मेरा...वो भारत देश है मेरा। भारत की सच्चाई है इस गाने में आप लोग भी जरूर सुने।।
हिन्दी
38
892
2.6K
16.8K
जनता मीडिया retweetledi
Raj Academy Prayagraj
Raj Academy Prayagraj@rajacademypra·
मैं दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पूछना चाहता हूँ कि...... सिम मेरा, मोबाइल मेरा, नंबर भी मेरा…! फिर ये कहां का इंसाफ है कि इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगा दिया जाए? बैलेंस खत्म हुआ तो आउटगोइंग बंद हो जाए, ये तो समझ में आता है, क्योंकि एक सेवा मैने ले रखी है। लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना, क्या ये सही है? कॉल तो सामने वाला कर रहा है, उसका पैसा कट रहा है…!! फिर मेरे नंबर पर “ताला” क्यों❓ क्या अब मोबाइल रखना भी “मासिक टैक्स” देने जैसा हो गया है? रिचार्ज करो तो नंबर जिंदा, नहीं तो पूरी तरह बंद! गांव के मजदूर, छोटे दुकानदार और छात्र.... जिनके लिए मोबाइल सिर्फ जरूरत है, शौक नहीं, उनके लिए यह नियम किसी सजा से कम नहीं है। पहले कहा जाता था, “लाइफटाइम इनकमिंग फ्री” अब हाल ये है कि रिचार्ज नहीं तो पहचान भी खत्म! सोचिए… अगर किसी गरीब के पास पैसे नहीं हैं, तो क्या उसका नंबर बंद कर देना ही समाधान है? क्या उससे उसका संपर्क छीन लेना सही है? मोबाइल आज सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी पहचान और जिंदगी की लाइन बन चुका है। बैंक से लेकर नौकरी तक, सब कुछ इसी नंबर से जुड़ा है। फिर भी अगर इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगाया जा रहा है, तो सवाल उठना लाज़मी है…! क्या यह सिर्फ बिजनेस है…❓ या फिर धीरे-धीरे लोगों को मजबूर करके हर महीने पैसे निकलवाने का तरीका? सोचिए… और बताइए! क्या आप भी इसे सही मानते हैं❓ या यह आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाना है? अगर आप सहमत हैं तो खुलकर आवाज उठाइए, वरना तो जैसा चल रहा है चल ही रहा है। @JM_Scindia @DoPTGoI @narendramodi @AmitShah
Raj Academy Prayagraj tweet media
हिन्दी
316
3.8K
6.4K
132.2K
जनता मीडिया
जनता मीडिया@MathuraKi

🕵️‍♀️ विशेष रिपोर्ट | मथुरा CHC राल विवाद में कानूनी सवाल “वीडियो कॉल से उपस्थिति सत्यापन किस नियम के तहत?” — महिला CHO महिला आयोग जाने की तैयारी में जनपद मथुरा के राल स्थित CHC में तैनात महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) रमा रानी के इस्तीफा प्रकरण ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी सत्यापन के नाम पर वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि किए जाने को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। CHO पक्ष का कहना है कि औचक निरीक्षण में वीडियो कॉल को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में शामिल किए जाने संबंधी कोई स्पष्ट शासनादेश उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। ⚖ कानूनी विश्लेषण: क्या कहता है सेवा नियम? 1️⃣ औचक निरीक्षण का प्रावधान सरकारी सेवा नियमों एवं स्वास्थ्य विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत वरिष्ठ अधिकारी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। परंतु निरीक्षण की प्रक्रिया सामान्यतः भौतिक उपस्थिति (फिजिकल विजिट) के माध्यम से की जाती है। यदि डिजिटल माध्यम (वीडियो कॉल) को अनिवार्य बनाया गया है, तो इसके लिए लिखित आदेश या शासनादेश आवश्यक होता है। 2️⃣ महिला कर्मचारी के अधिकार यदि किसी महिला कर्मचारी को बार-बार वीडियो कॉल कर ड्यूटी सत्यापन किया जाता है, तो यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि प्रक्रिया गरिमा और गोपनीयता के मानकों के अनुरूप हो। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत किसी भी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना या अनुचित व्यवहार की जांच की जा सकती है। यदि कर्मचारी को प्रक्रिया अपमानजनक या लक्षित प्रतीत होती है, तो वह आंतरिक शिकायत समिति (ICC) अथवा महिला आयोग का दरवाजा खटखटा सकती है। 3️⃣ प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत (Principles of Natural Justice) किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही से पूर्व उसे स्पष्ट आरोप, लिखित आदेश एवं जवाब देने का अवसर दिया जाना आवश्यक है। 🏛 महिला आयोग जाने की तैयारी सूत्रों के अनुसार, CHO रमा रानी अब राज्य महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। शिकायत में कथित मानसिक उत्पीड़न, प्रशासनिक दबाव तथा सेवा नियमों से इतर प्रक्रियाओं को आधार बनाया जा सकता है। यदि महिला आयोग संज्ञान लेता है, तो संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है तथा स्वतंत्र जांच की संस्तुति की जा सकती है। #BrekingNews #HealthDepartment #Mathura

ZXX
0
0
0
60
जनता मीडिया
ब्रेकिंग न्यूज़ | मथुरा जनपद मथुरा के राल स्थित CHC में तैनात CHO रमा रानी ने विभागीय अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कंडीशनल इस्तीफा सौंप दिया है। रमा रानी का आरोप है कि PBI एवं CL पास कराने के नाम पर प्रति माह लगभग ₹1000 की मांग की जाती है। धनराशि न देने पर फाइलें रोके जाने और मानसिक दबाव बनाए जाने की बात कही गई है। आरोपों में डॉ. राकेश सिकरवार (MOIC) एवं CHC राल के उच्च अधिकारियों का नाम शामिल बताया जा रहा है। साथ ही, सूत्रों के अनुसार नेहा चौधरी (MOIC गोवर्धन) के संबंध में भी इसी प्रकार की चर्चाएं पूर्व में होती रही हैं। हालांकि, संबंधित अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। #Mathura #HealthDepartment #BreakingNews
जनता मीडिया tweet mediaजनता मीडिया tweet media
हिन्दी
6
93
108
2.7K
जनता मीडिया
🕵️‍♀️ विशेष रिपोर्ट | मथुरा CHC राल विवाद में कानूनी सवाल “वीडियो कॉल से उपस्थिति सत्यापन किस नियम के तहत?” — महिला CHO महिला आयोग जाने की तैयारी में जनपद मथुरा के राल स्थित CHC में तैनात महिला सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) रमा रानी के इस्तीफा प्रकरण ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। सूत्रों के अनुसार, ड्यूटी सत्यापन के नाम पर वीडियो कॉल के माध्यम से उपस्थिति की पुष्टि किए जाने को लेकर गंभीर प्रश्न उठाए गए हैं। CHO पक्ष का कहना है कि औचक निरीक्षण में वीडियो कॉल को अनिवार्य प्रक्रिया के रूप में शामिल किए जाने संबंधी कोई स्पष्ट शासनादेश उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया। ⚖ कानूनी विश्लेषण: क्या कहता है सेवा नियम? 1️⃣ औचक निरीक्षण का प्रावधान सरकारी सेवा नियमों एवं स्वास्थ्य विभागीय दिशा-निर्देशों के तहत वरिष्ठ अधिकारी औचक निरीक्षण कर सकते हैं। परंतु निरीक्षण की प्रक्रिया सामान्यतः भौतिक उपस्थिति (फिजिकल विजिट) के माध्यम से की जाती है। यदि डिजिटल माध्यम (वीडियो कॉल) को अनिवार्य बनाया गया है, तो इसके लिए लिखित आदेश या शासनादेश आवश्यक होता है। 2️⃣ महिला कर्मचारी के अधिकार यदि किसी महिला कर्मचारी को बार-बार वीडियो कॉल कर ड्यूटी सत्यापन किया जाता है, तो यह सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि प्रक्रिया गरिमा और गोपनीयता के मानकों के अनुरूप हो। कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के तहत किसी भी प्रकार की मानसिक प्रताड़ना या अनुचित व्यवहार की जांच की जा सकती है। यदि कर्मचारी को प्रक्रिया अपमानजनक या लक्षित प्रतीत होती है, तो वह आंतरिक शिकायत समिति (ICC) अथवा महिला आयोग का दरवाजा खटखटा सकती है। 3️⃣ प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत (Principles of Natural Justice) किसी भी कर्मचारी के विरुद्ध कार्यवाही से पूर्व उसे स्पष्ट आरोप, लिखित आदेश एवं जवाब देने का अवसर दिया जाना आवश्यक है। 🏛 महिला आयोग जाने की तैयारी सूत्रों के अनुसार, CHO रमा रानी अब राज्य महिला आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं। शिकायत में कथित मानसिक उत्पीड़न, प्रशासनिक दबाव तथा सेवा नियमों से इतर प्रक्रियाओं को आधार बनाया जा सकता है। यदि महिला आयोग संज्ञान लेता है, तो संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है तथा स्वतंत्र जांच की संस्तुति की जा सकती है। #BrekingNews #HealthDepartment #Mathura
हिन्दी
1
19
20
765
जनता मीडिया retweetledi
AAP
AAP@AamAadmiParty·
रेखा गुप्ता सरकार की लापरवाही का नतीजा 😂
हिन्दी
19
270
865
17K
जनता मीडिया
मथुरा शिक्षा विभाग में बड़ा सवाल: BSA के हर कार्यक्रम में क्यों दिखते हैं एक ही शिक्षक ? जनपद मथुरा में संचालित लगभग 1536 प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में करीब 10 हजार शिक्षक-शिक्षिकाएं कार्यरत हैं। इन विद्यालयों तथा शिक्षकों के प्रशासनिक प्रमुख बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) होते हैं। सामान्यतः विभागीय संरचना में कर्मचारी और उच्च अधिकारियों के बीच औपचारिक दूरी देखी जाती है, लेकिन हाल के दिनों में सोशल मीडिया और शिक्षक समुदाय के कुछ वर्गों में एक शिक्षक की लगातार प्रशासनिक कार्यक्रमों में सक्रिय उपस्थिति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। आरोपों के केंद्र में प्राथमिक विद्यालय कमला नेहरू के प्रधानाध्यापक शिक्षक बलबीर सिंह बताए जा रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि वे BSA, मथुरा के कई आधिकारिक कार्यक्रमों, रैलियों और समारोहों में बार-बार निकटता के साथ उपस्थित दिखाई देते हैं। इन दावों के समर्थन में विभिन्न अवसरों की तस्वीरों का हवाला दिया जा रहा है। 1. एक अवसर पर पुनर्बहाली पत्र वितरण के दौरान शिक्षक बलबीर सिंह की BSA के अत्यंत निकट उपस्थिति पर सदाचरण से जुड़े प्रश्न खड़े किए गए। 2. ब्रज रज महोत्सव में बेसिक शिक्षा विभाग की स्टॉल पर भी उनकी उपस्थिति को असामान्य बताया गया। 3. गणतंत्र दिवस के दिन गोविंद नगर स्थित एक विद्यालय के कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी पर यह सवाल उठाया गया कि उसी समय उन्हें अपने विद्यालय में उपस्थित क्यों नहीं देखा गया। 4. विभिन्न प्रतियोगिताओं, 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) की रैली और अन्य आयोजनों में भी उनकी निरंतर उपस्थिति का उल्लेख किया गया है। 5. एक कार्यक्रम में उन्हें “बेस्ट सुपरवाइजर" का प्रमाण पत्र दिए जाने को लेकर चयन मानदंडों पर भी प्रश्न उठाए गए हैं। 6. कुछ लोगों का कहना है कि यदि शिक्षक बलबीर सिंह में कोई विशेष योग्यता या विलक्षण प्रतिभा है, तो उसे विभाग द्वारा सार्वजनिक किया जाना चाहिए ताकि अन्य शिक्षक भी उससे लाभान्वित हो सकें। इसके अतिरिक्त, मांग की गई है कि संबंधित शिक्षक की पिछले छह माह की विद्यालयीय उपस्थिति, शिक्षण कार्य और पूर्व में ARP/ABRC के रूप में कार्यकाल के दौरान उनके आचरण व व्यवहार की विभागीय जांच कराई जाए। दावा करने वालों का कहना है कि यदि आवश्यकता पड़ी तो वे अपने दावों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में समाचार लिखे जाने तक बेसिक शिक्षा अधिकारी, मथुरा या संबंधित शिक्षक की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सार्वजनिक नहीं हुई है। विभागीय स्तर पर भी किसी जांच की पुष्टि नहीं की गई है।
जनता मीडिया tweet mediaजनता मीडिया tweet mediaजनता मीडिया tweet mediaजनता मीडिया tweet media
हिन्दी
0
0
1
100
जनता मीडिया retweetledi
AAP
AAP@AamAadmiParty·
बीजेपी सरकार के एक साल के फ़र्ज़ीवाड़े की Series — Episode-1 प्रधानमंत्री मोदी की दिल्ली की महिलाओं को ₹2,500/महीना देने की गारंटी का जुमला👇
हिन्दी
14
119
198
3.2K
जनता मीडिया retweetledi
Chaitar Vasava AAP
Chaitar Vasava AAP@Chaitar_Vasava·
गुजरात में @AamAadmiParty की बढ़ती लोकप्रियता से BJP इतनी डरी हुई है कि अगर कही भी आम आदमी पार्टी का बैनर, झंडे दिखे तो BJP उन्हें उतार देगी। गुजरात की ट्रिपल इंजिन की सरकार आम आदमी पार्टी से इतना क्यों डरती है?
हिन्दी
6
121
297
3.1K
जनता मीडिया retweetledi
Priyanka Kakkar
Priyanka Kakkar@PKakkar_·
1987 में देश में एक कच्छा-बनियान गैंग था। 2026 में वो गैंग भाजपा और कांग्रेस के रूप में आज AI summit में देखा गया। भाजपा तो अपनी किरकिरी करवा ही रही थी, कांग्रेस उनको बचाने पहुँच गई।
हिन्दी
27
178
392
16K