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कर्मफ़ल
जो सभी को मिला,
नियति की अनुक्रमणिका में |
जिसका किया अभिवादन,
सब ही ने,
आह्लादित प्रभात बेला में |
जिस पर है प्रतीबिंबित अनुगूँज
उस अनुकम्पा की,
जो है पल-प्रतिपल,
आलोकित प्रहरी |
नित-नवीन सा,
सहज साहसी |
जिस पर है प्रतिलक्षित,
निरंतर प्रवाहित |
प्रहरो प्रयासों की,
ओजमयी स्वरलहरी |
स्वरचित
हिन्दी
















