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Silenced, not defeated My message to the ‘aam aadmi’ — खामोश करवाया गया हूँ, हारा नहीं हूँ 'आम आदमी’ को मेरे संदेश














किसी इंसान ने आपके साथ कुछ भी बुरा नहीं किया, उसे आप जानते भी नहीं, न कभी मिले हैं लेकिन आप उस इंसान से बेइंतहां नफ़रत करते हैं। ये नफ़रत जन्म और पहचान के आधार पर है जिसपर न उस इंसान का कोई बस है न उसकी गलती। ये इंसानी सभ्यता का सबसे भयानक पहलू है। इससे भी खराब ये है कि इंसान इन अमानवीय तौर-तरीकों पर गर्व करने लगता है। इतना गर्व.. कि एक दिन किसी रोहित वेमुला को ये लिखकर जान देनी पड़ती है कि ‘मेरा जन्म एक भयंकर हादसा था..’ मैं जब-जब अपने आसपास भेदभाव की ऐसी तस्वीर देखती हूं, मुझे रोहित वेमुला की वो चिठ्ठी याद आती है। वो जानता था कि जीते-जी कुछ नहीं बदलेगा, उसे उम्मीद थी कि मरने के बाद कुछ बदले न बदले, लेकिन शायद लोग ठहरकर कुछ सोच पाएं.. चाहे कुछ वक्त के लिए ही सही। पश्चिम में ब्लैक्स के साथ होने वाले भेदभाव पर बनी फिल्म ‘सिनर्स’ देखते हुए भी मुझे रोहित के शब्द याद आए। रयान कूगलेर की ‘सिनर्स’ देखने से पहले तक मुझे अंदाजा नहीं था कि कोई हॉरर फिल्म भी इतना स्ट्रॉन्ग पॉलिटिकल और सोशल मेसेज दे सकती है। 1930 के दशक का अमेरिका.. जब ‘जॉन क्रो’ जैसे कानूनों ने गोरों और कालों के बीच की खाई को और बढ़ा दिया था। 1950 में सिविल राइट्स मूवमेंट शुरू होने तक अमेरिका में डिवाइड और नफरत का माहौल चरम पर था। गोरों के दिमाग पर व्हाइट सुप्रीमेसी इतनी हावी थी कि समाज में कई क्लैन एक्टिव हो गए थे। इनका मकसद था ब्लैक लोगों के खिलाफ हिंसक तरीकों का इस्तेमाल करना और उन्हें रास्ते से हटाना। ऐसे दौर में दो भाई स्मोक और स्टैक अपनी जिंदगी पटरी पर लाने की कोशिश करते हैं। इसमें उनका साथी होता है सेमी, जिसका पैशन है ब्लूज म्यूजिक। ब्लूज एक तरीके का फोक म्यूजिक है जिसे अफ्रीकन अमेरिकन्स ने शुरू किया था। 20वीं सदी की शुरुआत में ये म्यूजिक काफी चलन में था। इन गानों में ज्यादातर दुख का भाव होता था, कभी बिछड़े हुए प्यार को लेकर तो कभी अत्याचार और भेदभाव को लेकर भी। फिल्म की कहानी माइथोलॉजी और म्यूजिक का सहारा लेते हुए रंगभेद का भयानक सच सामने रखती है। और सच यही है कि दुनिया एक बड़े तबके के लिए हमेशा से क्रूर रही है। जीते जी उनके लिए इंसाफ और प्यार की उम्मीद इतनी धुंधली कर दी जाती है कि मर जाना और ‘दूसरी दुनिया’ में इंसाफ की तलाश करना आसान लगने लगता है। ‘सिनर्स’ का खून पीने वाला वैंपायर जब हीरो से कहता है कि जिंदा रहकर भी तुम क्या हासिल कर लोगे, ये लोग कभी तुम्हारे नहीं होंगे.. तो पश्चिम से लेकर पूरब तक, अमेरिका से लेकर भारत तक पहचान के नाम पर अत्याचार की तस्वीर आंखों के सामने कौंध जाती है। ‘सिनर्स’ के एक्टर माइकल बी जॉर्डन को बेस्ट एक्टर का ऑस्कर अवॉर्ड मिला है। फिल्म को स्क्रीनप्ले, सिनेमैटोग्राफी और म्यूजिक के लिए भी ऑस्कर मिला है। फिल्म ये सम्मान डिजर्व करती है। #sinners #oscars










