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News Tiger@NewsTigerGlobal·
प्रति: माननीय और आदरणीय श्रीमती निर्मला सीतारमण जी 🙏 वित्त एवं कॉर्पोरेट मामलों की मंत्री तथा, माननीय और आदरणीय अध्यक्ष महोदय: IBBI (Insolvency and Bankruptcy Board of India) 🙏 नमस्ते! @nsitharaman @nsitharamanoffc @PMOIndia @MCA21India @BJP4India @RSSorg @LokSabhaSectt @JPNadda @narendramodi विषय: Insolvency and Bankruptcy Code 2016 में संशोधन करने का विनम्र अनुरोध – रियल एस्टेट प्रोजेक्ट लिक्विडेशन में चले जाने पर होम बायर्स को उनके घर उपलब्ध कराने के लिए कानून में प्रावधान करने हेतु। माननीय महोदय, बहुत से होम बायर्स ऐसे भारी वित्तीय संकट के कारण दोबारा घर नहीं खरीद पाएंगे। हममें से कई लोग इस प्रोजेक्ट के घर के लिए अभी भी होम लोन की EMI भर रहे हैं। हमारे प्रिय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पीएम आवास योजना के फंड से होम बायर्स को घर खरीदने के लिए धन उपलब्ध कराया है, वह धन व्यर्थ नहीं जाना चाहिए। एक घर पूरे परिवार का सपना होता है। लाखों ऐसे परिवार इस सपने को पूरा करके पूरे राष्ट्र – हमारे प्यारे भारत – का सपना साकार करते हैं। इसलिए हमारा विनम्र अनुरोध है कि Insolvency and Bankruptcy Code 2016 में निम्नलिखित संशोधन किया जाए: 1. लिक्विडेशन की स्थिति में भी RERA कानून के साथ सामंजस्य बनाए रखते हुए, उन होम बायर्स जिनके साथ RERA के अनुसार रजिस्टर्ड एग्रीमेंट है, लिक्विडेटर को उनके घरों को लिक्विडेशन एस्टेट में शामिल नहीं करना चाहिए। क्योंकि होम बायर्स कॉर्पोरेट डेब्टर के ग्राहक हैं, इसलिए IBC के प्रावधानों में यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि होम बायर्स को उनके घर मिल जाएं। 2. रियल एस्टेट (रेगुलेशन एंड डेवलपमेंट) एक्ट (RERA) के प्रावधानों को रियल एस्टेट कंपनियों के इंसॉल्वेंसी मामलों में IBC कोड पर सर्वोच्चता दी जाए। संक्षेप में: वित्तीय संस्थानों ने विजय ग्रुप हाउसिंग लिमिटेड को 431 करोड़ रुपये का ऋण दिया था, जबकि कंपनी के पास इतनी बड़ी राशि देने लायक संपत्ति का मूल्य नहीं था। बिल्डर ने लगभग सारा पैसा साइफन कर लिया और फरार हो गया। पिछले तीन वर्षों से रिकवरी की कोई कार्रवाई नहीं हुई। 297 होम बायर्स ने 98 से 100 प्रतिशत तक भुगतान कर दिया है। उनके एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हैं और RERA के अनुसार वे अलॉटी माने जाते हैं। कॉर्पोरेट इंसॉल्वेंसी रिजोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के दौरान (CoC) में लेंडर्स का वोट प्रतिशत बहुत अधिक था। उन्होंने 123 करोड़ रुपये के रिजोल्यूशन प्लान को अस्वीकार कर दिया, जिसमें होम बायर्स को घर मिलने वाले थे। अब लिक्विडेशन में एसेट वैल्यू घटकर 101 करोड़ रह गई है और आगे भी घट रही है। होम बायर्स के फ्लैट्स को भी जबरन लिक्विडेशन एसेट में शामिल कर लिया गया है। अतः हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि उचित कार्रवाई करें और लिक्विडेटर को निर्देश दें कि हमारे फ्लैट्स को लिक्विडेशन एसेट से बाहर करें। Insolvency and Bankruptcy Code 2016 में संशोधन करके प्रावधान बनाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से निपटा जा सके और लिक्विडेशन की स्थिति में भी होम बायर्स को उनके घर मिल सकें। रेजोल्यूशन प्रोफेशनल/लिक्विडेटर को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लिक्विडेशन की स्थिति में भी होम बायर्स को घरों का कब्जा दिया जाए। IBC को RERA के साथ सामंजस्यपूर्ण बनाया जाए। माननीय महोदय, हम विजय ग्रुप हाउसिंग लिमिटेड के विजय एस्टेट, वाकस, नेरल प्रोजेक्ट के होम बायर्स वर्ष 2017 से अब तक अपने खरीदे गए घरों का कब्जा पाने के लिए इंतजार कर रहे हैं। लगभग 291 परिवार वित्तीय और मानसिक रूप से बुरी तरह प्रभावित हैं। कई होम बायर्स बेघर रहते हुए गुजर गए। हममें से अधिकांश निम्न आय वर्ग के होम बायर्स हैं। ज्यादातर रिटायर्ड हैं या कुछ वर्षों में रिटायर होने वाले हैं। कई बुजुर्ग बिना किसी आर्थिक सहारे के हैं। अनेक किराए के मकान में या रिश्तेदारों के घर पर उनकी दया पर रह रहे हैं। कई लोगों ने प्रॉविडेंट फंड की राशि घर खरीदने में लगा दी है। अब हमारे पास दोबारा घर खरीदने की आर्थिक क्षमता नहीं बची है। कई लोग अभी भी इस प्रोजेक्ट के घर के होम लोन की EMI भर रहे हैं। एक होम बायर की पत्नी कैंसर जैसी बीमारी से पीड़ित हैं, एक होम बायर का बेटा बिस्तर पर है, कई वरिष्ठ होम बायर्स स्वयं बिस्तर पर हैं। ऐसे भारी वित्तीय बोझ के कारण कई होम बायर्स दोबारा घर नहीं खरीद पाएंगे। इससे उनके मौलिक अधिकार – जीवन के अधिकार – पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है। अधिकांश होम बायर्स ने बैंक से होम लोन लिया है और आज भी नियमित EMI भर रहे हैं। कुछ होम बायर्स ने ठाणे, मुंबई में अपना पुराना घर बेचकर इस प्रोजेक्ट में पैसा लगाया था और अब किराए के मकान में रह रहे हैं। वेतन होम लोन की EMI और किराए में चला जा रहा है। रिटायरमेंट के कारण आय बहुत कम या न के बराबर है। बच्चों की पढ़ाई, इलाज, बिजली बिल, खाना आदि खर्च पूरे करना अत्यंत कठिन हो गया है। यदि हमने इतना भुगतान करने के बाद अपना घर प्राप्त कर लिया होता तो स्थिति पूरी तरह अलग होती। कुछ होम बायर्स वित्तीय तनाव के कारण गुजर गए हैं: 1. श्री दांडेकर (70 वर्ष) – बेहद खराब वित्तीय स्थिति में भोजन त्यागकर चल बसे। 2. डॉ. कागलकर – प्रोजेक्ट में देरी और बिना घर के EMI भरने के सदमे से निधन। 3. श्री पवार – वित्तीय संकट के कारण निधन। 4. श्री रेगे (68 वर्ष) – प्रोजेक्ट में देरी से उत्पन्न वित्तीय बोझ के तनाव से निधन। 5. श्री शेरपेका के पुत्र को गंभीर मस्कुलर बीमारी है, वे बिस्तर पर हैं। यदि उन्हें घर मिल गया होता तो परिवार की स्थिति अलग होती। 6. हमारे एसोसिएशन के सचिव ने अपने ऑटिज्म से प्रभावित इकलौते बेटे की देखभाल के लिए सारी जीवन भर की बचत इस घर में लगा दी थी। 7. श्री रविंद्र कटकर और श्री दास – सेवानिवृत्त आर्मी जवान – अपनी सेवा से प्राप्त धन से घर खरीदा था, लेकिन आज किराए के मकान में रह रहे हैं। माननीय महोदय, इस पत्र के माध्यम से हम विजय ग्रुप हाउसिंग लिमिटेड के विजय एस्टेट, वाकस, नेरल, तालुका करजत, जिला रायगढ़ के होम बायर्स आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि कृपया उक्त कंपनी के लिक्विडेटर को निर्देश दें कि हमारे घरों का कब्जा हमें सौंप दिया जाए तथा IBC में आवश्यक संशोधन करें। इस प्रोजेक्ट में 80% काम 90% पूरा हो चुका है और शेष 20% काम 50% पूरा हुआ है। हम कुल 291 होम बायर्स हैं। हमने अपने घरों के लिए 90 से 95% तक भुगतान कर दिया है। सभी सेल एग्रीमेंट रजिस्टर्ड हैं। RERA के अनुसार 2018-2020 तक कब्जा देने का वादा किया गया था। कंपनी 30 सितंबर 2023 को इंसॉल्वेंसी में चली गई। इसके बाद NCLT द्वारा लिक्विडेटर नियुक्त किया गया। हम अलॉटी होने के नाते बेचे गए फ्लैट्स पर हमारे अधिकार हैं, जबकि बाकी अनसोल्ड फ्लैट्स और जमीन वित्तीय संस्थानों के ऋण वसूली के लिए लिक्विडेशन में हैं। इसलिए हम आपसे विनम्र अनुरोध करते हैं कि इस प्रोजेक्ट को NBCC के अधीन ले लिया जाए या उचित व्यवस्था करके हमें हमारे घर उपलब्ध कराए जाएं। धन साइफनिंग और फ्रॉड का विवरण: विजय ग्रुप हाउसिंग लिमिटेड के डायरेक्टर श्री अतिव गाला पर लगभग 341 करोड़ रुपये साइफन करने का आरोप है, जिसमें होम बायर्स और वित्तीय संस्थानों का पैसा शामिल है। यह पैसा संबंधित कंपनियों के जाल के माध्यम से व्यवस्थित रूप से डायवर्ट किया गया। वित्तीय संस्थानों की मिलीभगत: कंपनी ने L&T फाइनेंस से 185 करोड़, L&T हाउसिंग फाइनेंस से 115 करोड़ और आदित्य बिरला से 41 करोड़ रुपये का ऋण लिया। हमारा मानना है कि इन संस्थानों ने फंड के अंतिम उपयोग की निगरानी में घोर लापरवाही बरती, जिससे यह बड़ा फ्रॉड संभव हो सका। कई बेईमान बिल्डर IBC कानून का दुरुपयोग करके बैंक से भारी ऋण लेते हैं, होम बायर्स से पैसा वसूलते हैं, प्रोजेक्ट छोड़ देते हैं और फिर इंसॉल्वेंसी में डाल देते हैं। इसलिए हम आपसे अत्यंत आवश्यक अपील करते हैं कि Insolvency and Bankruptcy Code 2016 में निम्नलिखित संशोधन किया जाए: 1. लिक्विडेशन की स्थिति में भी RERA कानून के साथ सामंजस्य बनाए रखते हुए, RERA के अनुसार रजिस्टर्ड एग्रीमेंट वाले होम बायर्स के घरों को लिक्विडेशन एस्टेट में शामिल न किया जाए। IBC में प्रावधान हों कि होम बायर्स को उनके घर अवश्य मिलें। 2. रियल एस्टेट कंपनियों के इंसॉल्वेंसी मामलों में RERA के प्रावधान IBC पर सर्वोच्च हों। यह संशोधन होम बायर्स के अधिकारों को RERA के अनुसार सर्वोच्च महत्व देगा और उन्हें कानूनी सुरक्षा प्रदान करेगा। आपका नेतृत्व और दूरदृष्टि हमेशा करोड़ों लोगों के लिए आशा का स्रोत रही है। हम विश्वास करते हैं कि आप हमारी स्थिति की गंभीरता को समझेंगे और हजारों परिवारों के भविष्य की रक्षा के लिए शीघ्र और दृढ़ कार्रवाई करेंगे, जिन्होंने अपना सारा जीवन का कमाया धन और सपना इन घरों में लगाया है। इस अत्यावश्यक विषय पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद। भवदीय, विजय एस्टेट वाकस होम बायर्स एसोसिएशन अध्यक्ष चंद्रकांत दांडेकर सचिव श्री भीमराव वाघमारे (9920427526) @EconomicTimes @htTweets @timesofindia @the_hindu @BBCHindi @ibn_lokmat @lokmat @ABPNews @aajtak @ndtv @DainikBhaskar @JagranNews
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VINOD JAKHAR
VINOD JAKHAR@VinodJakharIN·
मोदी की एक रैली पर औसतन ₹33 करोड़ खर्च होते हैं। सोचिए, यही पैसा अगर स्कूलों, अस्पतालों, सड़कों और युवाओं के रोजगार पर लगाया जाता, तो कितने लोगों की ज़िंदगी बदल सकती थी। लेकिन जनता के टैक्स का पैसा विकास पर नहीं, सिर्फ छवि चमकाने पर खर्च हो रहा है।
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Dhruv Rathee Satire
Dhruv Rathee Satire@DhruvRathenx·
उत्तर 24 परगना: नीलगंज सुभाषनगर में सुभाष नगर पेट्रोल पंप के पास एक गली में VVPAT पर्चियां पड़ी मिली
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Aam Aadmi Party Delhi
यही पानी रेखा सरकार के मंत्रियों के घर सप्लाइ करो 😡 ये वीडियो दिल्ली के सैनी एंक्लेव का है। दिल्ली के तमाम इलाकों से गंदे पानी के आने की शिकायतें लगातार मिल रही हैं लेकिन चार इंजन सरकार सोई पड़ी है। बताइए रेखा मैडम यहाँ जाकर रील नहीं बनाएंगी?
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Dhruv Rathee Satire
Dhruv Rathee Satire@DhruvRathenx·
वाराणसी से दिल्ली सिर्फ 800 KM. • ट्रेन: ₹600 • फ्लाइट: ₹5,000 • कार (गंगा एक्सप्रेसवे): ₹6,200 यानि सड़क से जाना अब हवाई सफर से भी महंगा पड़ रहा है। टोल ऐसा कि जनता ड्राइव नहीं, जुर्माना भर रही है.
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Devender Yadav (देव)
Devender Yadav (देव)@DevenderYadav_·
ये वीडियो उनको जरूर देखना चाहिए... जो बोल रहे थे AAP खत्म हो गई🤣 छा गए @MehrajMalikAAP भाई🔥🔥 इतनी भीड़ तो सातों गद्दार सांसद मिलकर भी नहीं इकठ्ठा कर पाते🤣
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Sanjay Singh AAP
Sanjay Singh AAP@SanjayAzadSln·
‘स्मार्ट चीटर’ बनकर जनता को लूट रहा 'स्मार्ट मीटर'‼️ 'स्मार्ट मीटर' की लूट के खिलाफ मऊ जनपद में जिला अध्यक्ष विक्रमजीत सिंह के नेतृत्व में AAP कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों का हल्ला बोल 🔥 'स्मार्ट चीटर' के लूट का खेल, अब नहीं सहेगा उत्तर प्रदेश!
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News Tiger
News Tiger@NewsTigerGlobal·
@AAPDelhi @msisodia वो हो ग्रेट सर जी, सही में अदभुत बात कही
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Aam Aadmi Party Delhi
पश्चिम विज्ञान बाहर की दुनिया में रिसर्च करता है और हमारे शास्त्र अपने मन के भीतर देखना सिखाते हैं। हमें अपने बच्चों को ये दोनों बातें सिखानी हैं.. @msisodia
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Sandeep Udmale
Sandeep Udmale@sandeepudmale5·
अवघ्या 20 मिनिटात या ताईनं डबघाईला आलेल्या महिलांच्या सुरक्षिततेबाबत फडणवीस अँड कंपनीचं पितळ उघडं पडलं..!! चिमुकलीवर अत्याचार करणाऱ्या नराधामाला या अगोदर सुद्धा दोन वेळा अटक झाली असताना तो मोकाट सुटलाच कसा...??? #NasarapurCrime
MR
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We The People
We The People@WithYou2023·
This video will shock you beyond words. The sheer courage and conviction of this young girl Mahima, who did a dangerous undercover 5 day sting operation in order to expose a sex trafficking network.in the process she got beaten and sold 3 times. Minor girls were being given hormonal injections and forcefully impregnated and babies from them were being sold openly. What Mahima did is insanely courageous but sadly now her life remains under threat. Inspite of this story going viral the main stream media remains silent and doesn’t run this on national media news channels. The onus on her safety may now be our responsibility, Kindly share this video so much that her face becomes so known that everyone know her for what a courageous woman she is and she personifies true journalism. This is what is happening with little girls and women under the so called regime that says - “Beti Bachao”. Take a salute 🫡 Mahima 😇
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Neha Singh Rathore
Neha Singh Rathore@nehafolksinger·
किसान का अनाज है तो भीगने दिया…क्रिकेट का मैदान होता तो बचा लिया जाता.
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Gss🇮🇳
Gss🇮🇳@Gss_Views·
Whole Punjab is now calling 7 RS MPs who switched to BJP as Punjab De Gaddar !! Sab sehan kar lavange veere, par Punjab naal Gaddari bardash nahi💪
Indonesia
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Prof. Varsha Eknath Gaikwad
Prof. Varsha Eknath Gaikwad@VarshaEGaikwad·
धारावी के लोगों को अपात्र, अनिर्णीत घोषित करके जमीन हथियाने का ये षडयंत्र है। प्रधानमंत्री के एक मित्र को बीकेसी मिल गई इसलिए अब देखा देखी दूसरे दोस्त को धारावी चाहिए! ये हम होने नहीं देंगे! #ModaniHataoMumbaiBachao
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Dinesh Chauhan
Dinesh Chauhan@dinesh_chauhan·
आर्केस्ट्रा की काली दुनिया 😢
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