Haris Butt retweetledi

आज का दृश्य अपने आप में बहुत कुछ कह गया।
जब देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद के पटल से किसी विपक्षी सांसद का नाम लेते हैं—तो वह सिर्फ एक नाम नहीं होता, वह एक मौजूदगी (presence) का ऐलान होता है। और आज यह मौजूदगी थी इमरान प्रतापगढ़ी की।
इमरान प्रतापगढ़ी कोई पारंपरिक नेता नहीं हैं। उनकी ताकत सिर्फ राजनीति नहीं, बल्कि अल्फ़ाज़ की ताकत है। वो संसद में सिर्फ बोलते नहीं—महसूस करवाते हैं। उनकी शायरी, उनका लहजा, और मुद्दों को पेश करने का अंदाज़ उन्हें भीड़ से अलग खड़ा करता है।
आज जब प्रधानमंत्री ने खुद उनका नाम लिया—
तो यह साफ़ दिखाता है कि:
•उनकी आवाज़ अब नजरअंदाज़ नहीं की जा सकती
•उनका प्रभाव सत्ता पक्ष तक महसूस किया जा रहा है
•और उनकी पहचान अब सीमित दायरे से निकलकर राष्ट्रीय स्तर पर गूंज रही है
राजनीति में अक्सर कहा जाता है—“जिसे आप ignore नहीं कर सकते, वही असली खिलाड़ी बन रहा है।”
और आज का दिन उसी बात की तस्दीक करता है।
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के इस युवा चेहरे ने यह साबित किया है कि:
•शब्द भी सत्ता को चुनौती दे सकते हैं
•और शायरी भी संसद में असर छोड़ सकती है
इमरान प्रतापगढ़ी की लोकप्रियता सिर्फ भीड़ की तालियों में नहीं, बल्कि उस मजबूरी में दिखती है, जब विरोधी भी उनका जिक्र करने पर मजबूर हो जाएं।
@narendramodi @kharge @ShayarImran
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