Chanda Chori - Astha se Dhoka, Paper leaks and the systemic corrossion of education system, institutional capture, breaking of political parties, multiple scams and charges of corruption, backbreaking price rise, foreign policy failures and strategic blunders, the imposition of ethanol blending on 3.5 crore vehicle owners, unbridled deforestation, and the continued assault on the rights of SCs, STs, OBCs and minorities are among the critical issues on which the Congress Party will hold the Modi Govt accountable during the forthcoming Monsoon Session of Parliament.
These pressing concerns affecting the lives and aspirations of our people were deliberated upon during the meeting of the Congress Parliamentary Party (CPP).
90+ paper leaks, countless shattered dreams
India's students deserve a better education system that reward hard work, not uncertainty.
Join the movement and raise your voice against educational injustice
आज CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी की अध्यक्षता में पार्लियामेंट्री स्ट्रैटेजी ग्रुप की बैठक हुई।
इस सत्र में जो विधेयक आने वाले हैं, हमें उसकी औपचारिक जानकारी नहीं दी गई है। आने वाली 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक में हमें इसकी जानकारी मिलेगी।
लेकिन हमारा अनुमान है कि सरकार परिसीमन विधेयक को वापस लाना चाहती है। हम पूरी ताकत से परिसीमन विधेयक और संविधान संशोधन विधेयक का विरोध करेंगे।
: कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी
📍 दिल्ली
⦿ हम विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक का पूरा विरोध करेंगे
⦿ सरकार FCRA विधेयक भी लाना चाहती है, जिसका हम विरोध करेंगे
⦿ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 में कुछ संशोधन की बातें भी सामने आ रही हैं। हम इस संशोधन के पक्ष में नहीं है, इसका विरोध करेंगे
: कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी
📍 दिल्ली
हम संसद के मानसून सत्र में 👇
⦿ 'चंदा चोरी' और आस्था के साथ धोखे का मुद्दा उठाएंगे
⦿ परीक्षा और शिक्षा प्रणाली, NEET के मुद्दे पर बात करेंगे
⦿ देश में चल रहे E20 घोटाले पर भी चर्चा की मांग करेंगे
⦿ साथ ही कमजोर होती विदेश नीति का मुद्दा भी उठाएंगे
: कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी
📍 दिल्ली
हमले पहले भी कहा है- सरकार मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर महिला आरक्षण लागू करे, विपक्ष पूरा समर्थन करेगा।
लेकिन मोदी सरकार महिला आरक्षण के नाम पर परिसीमन विधेयक पास कराना चाहती है। विपक्ष ने पहले भी एकजुटता के साथ इसका विरोध किया है और आगे भी करेंगे।
: कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी
📍 दिल्ली
संसद का मानसून सत्र 19 दिन का है, जिसमें से 16 दिन संसद की कार्यवाही चलेगी। इसमें विधेयक पारित होने हैं, विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा होनी है।
मोदी सरकार सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के मुद्दों को प्राथमिकता देने की बात करती है, लेकिन हमारा अनुभव रहा है कि सत्र में विपक्ष के मुद्दों पर चर्चा नहीं होती- सिर्फ विधेयक पास होते हैं।
मोदी सरकार की कथनी और करनी में जमीन आसमान का फर्क है।
: कांग्रेस महासचिव (संचार) @Jairam_Ramesh जी
📍 दिल्ली
बहुत हुआ, चलो युवा,
हाथ से हाथ जोड़ के,
अन्याय का घड़ा फोड़ के।
युवा ख्वाब ये जल जाएंगे,
सिंहासन तब हिल जाएंगे,
छात्रों की गूंज, ये है छात्रों की गूंज।
शिक्षा Revolution की ओर देश के सभी छात्रों और युवाओं का उत्साह और जोश बढ़ाने के लिए #ChhatronKiGoonj Anthem.
बदलाव अब दूर नहीं।
आज CPP चेयरपर्सन श्रीमती सोनिया गांधी जी की अध्यक्षता में कांग्रेस संसदीय दल की रणनीतिक बैठक हुई।
इस बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष व राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष श्री मल्लिकार्जुन खरगे और नेता विपक्ष श्री Rahul Gandhi के साथ संसदीय दल के सदस्य मौजूद रहे।
दिल्ली
17 जुलाई को देहरादून आ रहा हूँ। पर उत्तराखंड ही क्यों? क्योंकि देवभूमि को पेपर लीक का epicentre बना दिया गया है।
UKSSSC परीक्षा में यहाँ एक “सिस्टम” बैठ गया है, जहाँ पटवारी, लेखपाल, या कोई और पद क़ाबिलियत से नहीं, अपराधियों के तय किए रेट से मिलता है।
सरकार ने सख़्त नकल-विरोधी क़ानून बनाया - फिर भी लीक होते रहे। क़ानून काग़ज़ पर रहा, और पेपर बाज़ार में बिकते रहे।
ज़रा सोचिए, एक बच्चे ने सालों तैयारी की। फ़ॉर्म भरा, फ़ीस दी, दूर के सेंटर तक गया। और उसका पद किसी और ने ख़रीद लिया।
यह लीक नहीं - यह चोरी है। उस युवा के हक़ की, उसके रोज़गार की, उसके भविष्य की।
मैं उत्तराखंड के हर अभ्यर्थी, हर छात्र, हर युवा से कहता हूँ - यह आपकी लड़ाई है, और मैं आपके साथ हूँ।
17 जुलाई, देहरादून। आइए, ‘छात्रों की गूँज’ को हुंकार बनाएँ। भविष्य नीलाम नहीं होने देंगे। सपने लीक नहीं होने देंगे।
अभी जुड़ें: rahulgandhi.in/chhatron-ki-go…#ChhatronKiGoonj
जब चुनाव होता है तो मोदी सफ़ाई कर्मियों का पैर धोता है।
जब नोटबंदी और करोना होता है तो मोदी ललिता पवार की तरह रोता है।
जब जंतर मंतर पर अनशन होता है, तो मोदी विदेशों की सैर करके, भरपेट ख़ाकर आराम से सोता है।
जानते हैं क्यों?
क्यूँकि मोदी जानता जब चुनाव आयेगा युवाओं को नफ़रत की पुड़िया बाँट दूँगा BJP का काम हो जायेगा।
युवाशक्ति तुम्हे समझना होगा मोदी तुम्हें एक वोट के सिवा कुछ नही समझता।
न मोदी बोलेगा न गोदी तुम कब तक खामोश रहोगे युवा शक्ति?
#I_support_sonam_wangchuk
Vikas Garg is a businessman who has been arrested by the ED.
👉The key point is that he is the Convenor of the BJP's Economic cell.
👉He is the son of BJP's former MLA Nand Kishor Garg.
• He is a promoter/director of several listed companies—such as Vikas Ecotech, Vikas Lifecare, Eraaya Lifespace.
• Recently, his company Eraaya Lifespaces acquired the American Ebix Inc.
• Now, in the Mahadev Betting App money laundering case, the ED has arrested him and taken him to Raipur.
• The ED's allegation is that illegal earnings from Mahadev Betting were routed through Foreign Portfolio Investors and QIP, which funded the acquisition of Ebix.
• In addition, investigations by Customs Duty Fraud, SEBI, CBI, and others are ongoing against him.
👉He has deep ties with BJP folks. After all, thieves are cousins, aren't they?
👉But why is there a lock on the media's mouth?
मैं हफ़ीज़ @kidwai_hafeez भाई के लिखे 👇इन विचारों से शत प्रतिशत सहमत हूँ।
मेरी आलोचना चाहे जितनी कर लें मगर जो बात है, वह कहने से तो नही चूकूँगा, भले पसन्द आए या न आए ।।सोनम वांगचुक का उपवास 18वें दिन की तरफ है । सब लोग दो तरह की अपील कर रहे हैं कि वह अनशन तोड़ दें क्योंकि जिनके लिए कर रहे हैं । उन्हें ही फ़िक़्र नही है । कुछ लोग तो समाज को ही मरा हुआ ठहरा रहे हैं । कुछ लोग कह रहे कि अहंकारी सत्ता के सामने मरने से भला क्या लाभ । कुछ का कहना है कि यह सत्ता किसी की नही सुनती तो इसमें अनशन क्यो किया । कोई छात्रों को कह रहा,कोई समाज को,यही नही कुछ लोग तो राहुल और दूसरे विपक्षियों से भी सवाल कर रहे हैं कि वह कहाँ हैं ।
अब मेरा एक प्रश्न है कि क्या अनशन से पहले इस सत्ता का चरित्र आप नही जानते थे ।।आपको नही पता था कि मीडिया और सत्ता क्या बर्ताव करेगा । क्या आपने विपक्षी पार्टियों नेताओं को अपने मंचो से दूर रहने को नही कहा था । क्या आपने इसे राजनैतिक कहकर केवल छात्रों के लिए केंद्रित रहने की वकालत नही की थी । क्या आपको नही पता था कि जिनके लिए लड़ने जा रहे हैं, पहले उन्हें संगठित करना ज़रूरी है ।
अरे कोई नौसिखिये है क्या जो यह सब नही जानते थे । आप सब जानते थे,हम यह जानते हैं । हमने तो आपको एक बार भी ग़लत नही कहा,जब आपको लगा कि पानी सर के ऊपर आ गया है । अनशन करना पड़ेगा,भूख हड़ताल करनी ही पड़ेगी, तो आपने किया,जिसे सबका समर्थन है ।
तो अचानक यह क्यों शुरू हो गया कि फ़लाने आए की नही आए । अगर फ़लाने नही आएंगे तो देश उन्हें माफ नही करेगा । अरे यार,लड़ाई सत्ता से है या विपक्ष से है । यह लड़ाई को हल्की बनाएगा,आपको ऐसे बयान नही देने चाहिए । कुछ लोगों को कड़वी लगेगी मगर सच यही है कि आप अपने उसूलों से हट रहे हैं । जब आपने कहा था यह आराजनैतिक है तो रहिये आराजनैतिक । जिसमें संवेदना होगी,वह खुद बखुद समर्थन दे देगा ।
अब रही बात समाज की,छात्रों की तो आप इतिहास पलटकर देख लो ।आक्रोश जन्मता है तो उसे बनाए भी रखा जाता है । केवल एक घटना से केंद्र बन जाने से कोई आंदोलन सफल नही हो जाता । समाज को करवट दिलाने में बड़ी मेहनत लगती है । आप बैठे रहिये अगर समाज पर असर नही पड़ रहा तो समाज क्या करे । जो करना है, आपको करना है ।
नील की खेती,चंपारण का आंदोलन पढ़ लीजिये । जब बापू को बुलाया ही इसलिए गया था कि वह उनकी लड़ाई लड़ें, तब तो लोग हट गए थे । राजेन्द्र बाबू समेत कितने लोगों को कार्यकर्ता बनकर घर घर जाकर लोगों को तैयार करना पड़ा कि उन्हें लड़ना पड़ेगा । कोई समाज यूहीं नही चिपक जाता है, बड़ी मेहनत लगती है समाज और मुद्दों के बीच चुम्बकत्व पैदा करने में,समाज को कोसकर कुछ नही मिलेगा ।
अब रही सत्ता की बात,तो बच्चा बच्चा जानता है कि वह कितनी निष्ठुर,असंवेदनशील, अहंकारी और अत्याचारी है ।।अगर आपने इसकी गणना नही की थी तो क्या ही कहें । हर समझदार इंसान कह रहा कि इनसे लड़ना होगा तो लम्बी तैयारी रखो । यह अपने लोगों को सेकंड भर में निपटा देते हैं, आपतो हो ही इनके दुश्मन । तब आपको कैसे लगता है कि अब इनके सामने अनशन तोड़ दिया जाए क्योंकि यह निष्ठुर हैं । अरे भाई यह जन्म से पहले से निष्ठुर हैं, इनके मात्र संगठन में विरोध के बीज पनपने की प्रक्रिया ही नही है ।
हम फिर कह रहे हैं कि मामले की गम्भीरता को समझिये । आप अपनी बात,अपने लोगों में पहुँचाइये और यह जारी भी रखिये । ऐसा नही है कि आपकी बात न मानी जाएगी,माननी तो पड़ेगी, मगर उसके लिए त्राहिमाम त्राहिमाम चिल्लाने से नही होगा,बल्कि गम्भीरता से विचार करना होगा ।
सोनम वांगचुक गम्भीर और संवेदनशील व्यक्ति हैं । देश उनसे अनभिज्ञ नही है । सब उन्हें देख रहे हैं । वक़्त गुज़रने दीजिये, देश उनके साथ जुड़ जाएगा मगर कोई यह कहे कि तुरत फुरत कुछ होगा, तो भाई साहब कुछ नही होगा । बल्कि आइंदा से कोई चार दिन का भी उपवास नही कर पाएगा ।
आप मेरी जमकर आलोचना कीजिये मगर हम यह कहने से पीछे नही हटेंगे की जो मुद्दा हाथ लिया है, उसे छोड़कर हटना इसलिए सही है क्योंकि समाज खराब है और सत्ता निष्ठुर ।।हमारे लिए मुद्दा और हमारा तरीका पवित्र होना चाहिए,बाकी बातें दूसरों की हैं । वह जुड़े या न जुड़ें ।
रही बात सोनम वंगचुक की तो हम उन्हें व्यक्तिगत जानते हैं । वह साहसी,समझदार,गम्भीर और पवित्र व्यक्ति हैं ।।उनकी जीवटता सन्देश देगी,आप देखते जाइये । उनके लिए प्रार्थना,उनकी इच्छाशक्ति बनी रहे और वह इस समस्या के हल तक पहुँचे । उन्हें मेरा समर्थन है मगर मैं यह नही मानूंगा की समाज मरा हुआ है । न यह मानूंगा की यह लोग इस सत्ता के चरित्र को नही जानते थे । न ही यह मानूंगा की छात्रों की कमी है कि वह जुड़ क्यों नही रहे
आप मज़बूती से रहिये,सामने कोई भी हो मजबूर होगा।