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पुडुचेरी से ग्राउंड रिपोर्ट…
कौओं को दाने से लेकर टेनिस तक पुडुचेरी के सीएम की सादगी से सत्ता की कहानी
थट्टनचावड़ी सीट - यहां से तय होगी पुडुचेरी की सरकार, रंगास्वामी बचाएंगे गढ़ या वैतिलिंगम करेंगे वापसी?
उपमिता वाजपेयी, पुडुचेरी।
पुडुचेरी के पुराने मोहल्लों से फ्रेंच कॉलोनी, व्हाईट टाउन और समुद्र को छूते शहर के आखिरी छोर तक लाउडस्पीकर से जमकर प्रचार हो रहा है। तमिल गाने उम्मीदवारों की तारीफों की धुन गा रहे हैं। इन गानों के बीच से आती पटाखों की आवाज ये बताती है कि वहां कोई बड़ा नेता मौजूद है। देश के आखिरी कोने पर बसे पुडुचेरी में चुनाव अपने आखिरी मुहाने पर है।
पुडुचेरी का थट्टनचावड़ी वो सीट है जहां से एनडीए के टिकट पर सीएम एन रंगास्वामी और कांग्रेस की सीट पर पूर्व सीएम और मौजूदा सांसद वैतिलिंगम दोनों चुनाव लड़ रहे हैं। इलाके की प्रमुख सड़कर पर एक लोडिंग रिक्शा पर हाथी जितना बड़ा जग का चुनाव चिह्म लेकर सबसे आगे चल रहा है। ये पुडुचेरी के सीएम एन रंगास्वामी की पार्टी एआईएनआरसी का चुनाव चिह्न है। चार पांच गाड़ियां है, साधारण मॉडल वालीं। काफिला बीच चौराहे पर रुकता है। कार्यकर्ताओं की भीड़ कार को घेर लेती है। सीएम गाड़ी से बाहर आते हैं। इलाके के उम्मीदवार से मिलते हैं। उन्हें कई किलो वजनी ताजे फूलों का हार पहनाया जाता है। उम्मीदवार साष्टांग प्रणाम करते हैं। महिलाएं मुस्कुराकर उन पर ताजे फूल फेंकती हैं। कई बार वो माइक लेकर अपने हासिल और चुनावी वादों को गिनाते हैं। पैदल संकरी गली के आखिरी छोर तक जाते हैं। इलाके के बड़े मंदिर को देखकर हाथ भी जोड़ते हैं। बमुश्किल 10-12 मिनट बाद वो दोबारा कार में आकर बैठ जाते हैं। काफिला अगले इलाके को कूच करता है।
सीएम एम रंगास्वामी दिन में दो सीटों पर प्रचार के लिए जाते है। उनकी पार्टी ने 16 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं। लगभग हर सीट पर वो प्रचार के लिए जा चुके हैं। 75 साल के सीएम खुद दो सीटों से चुनाव लड़ रहे हैं। थट्टनचावड़ी और मंगलम। थट्टाचावड़ी जहां उनकी पारंपरिक सीट है वहीं मंगलम इसलिए अहम है क्यों वहां गठबंधन के बावजूद डीएमके और कांग्रेस दोनों ने अपने सहयोगी खड़े कर दिए हैं।
एक बड़े से हॉल और दो कमरों के जिस घर में सीएम रहते हैं वहां की दीवारों को पलस्तर और रंगरोगन की जरूरत है। बैचलर हैं और मां के निधन के बाद से वो अकेले ही यहां रहते हैं। जिन दो कमरों में उनका बसेरा है उनमें से एक में उनका सिंगल बेड, अलमारी रखी है। दूसरे को स्टोररूम नुमा बनाया है। जिसमें ट्रॉफी, फ्रैम से लेकर चुनाव प्रचार का तमाम सामान और बिसलेरी को बोतलें रखी हैं। घर के आंगन में एक टेनिस कोर्ट बना है। हर दिन कम से कम एक घंटा वो यहां टेनिस खेलते हैं।
योपुर सुरेश उनके साथ रोज खेलने आते हैं। कहते हैं टेनिस स्पीड का गेम है। हमारे सीएम किसी 16 साल, 25 साल के प्लेयर से जमकर मुकाबला कर लेते हैं। टेनिस कोर्ट से थोड़ी ही दूर पर एक मुरुगन भगवान का मंदिर है। वो हर सुबह वहां पूजा करने के बाद ही काम पर निकलते हैं। सीएम पूजा करने के बाद कौओं को दाना-पानी देते हैं और फिर प्रसाद भी खुद बांटते हैं। इन दिनों चुनावी बयार है इसलिए जो उम्मीदवार उनसे मिलने आते हैं उन्हें इस मंदिर में विशेष पूजा करवाई जाती है। सीएम उन्हें भगवान मुरुगन के सामने रखा चुनावी घोषणा पत्र उठाकर देते हैं। उसपर कुछ फूल और नींबू रखे होते हैं।
रंगास्वामी चार बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं। दो बार कांग्रेस और दो बार अपनी बनाई ऑल इंडिया एन आर कांग्रेस से। पुडुचेरी के सबसे ज्यादा वक्त के लिए सीएम रहने का रिकॉर्ड उनके हिस्से है। पहली बार जब अपनी पार्टी से सीएम बने तो उनकी पार्टी सिर्फ 45 दिन पुरानी थी। नई पार्टी क्यों बनाई ये समझाने के लिए चुनाव लड़ने से पहले कार्यकर्ताओं को उन्होंने साढ़े तीन घंटे खड़े होकर भाषण दिया था। पेशे से किसान,पढ़ाई से वकील रंगास्वामी एक्टर शिवाजी गणेशन के बूजम फैन थे। युवाओं को शिवाजी गणेशन की फिल्मों के टिकट बांटते थे। वकालत और किसानी करते वो राजनीति में आ गए। पुदुचेरी में लोग कहते हैं कि कोई भी कभी भी कहीं भी सीएम रंगास्वामी से मिल सकता है। ये उनकी सबसे सबसे बड़ी ताकत है।
इस बार लोग इस ताकत को वोट में बदलते हैं या कांग्रेस डीएमके को मौका देते हैं इसका फैसला 9 अप्रेल को होगा।
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