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@SAA96810

Unity is strength 🇮🇳🤝

Lucknow Katılım Nisan 2025
217 Takip Edilen268 Takipçiler
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INDIAN@SAA96810·
सुनों साथी दूसरों की मेहरबानी पर जीने वाले कभी अपनी कहानी नहीं लिख पाते। अपने हिस्से की धूप खुद ही समेट लो, छाँव देने वाले अक्सर साथ छोड़ जाते हैं।
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Aazma 🇮🇳 آعظمہ
Missing you all my X Friends I’ll be back soon.....✨❤️
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Aazma 🇮🇳 آعظمہ
आप सब को इस बात पर यकीन हो ना हो मुझे तो है।
Aazma 🇮🇳 آعظمہ tweet media
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राजीव (वैराग्य)
.... वो जो न आने वाला है ना उस से मुझ को मतलब था, आने वालों से क्या मतलब, आते हैं आते होंगे..! यारो कुछ तो ज़िक्र करो तुम उस की क़यामत बाँहों का, वो जो सिमटते होंगे उन में, वो तो मर जाते होंगे..!! -जॉन एलिआ ..... आज आप सबसे मुआफी.. आज बस जॉन को लिख रहा हूँ.. बहुत मशगुल आप सब, पर वक़्त निकाल जॉन जरूर पढ़े अगर जीने और मरने का बराबर शौक है तो...
राजीव (वैराग्य)@Vairagya_Shanti

....... ख़त तेरे नाम किया -तनहा ✍️ ....... मेरे जॉन एलिआ, तुम्हे याद करना खुद को एक ऐसी महफिल में ले जाना है जहाँ चिराग तो जल रहे हैं, पर रौशनी में उदासी घुली है। तुम्हारी याद में 'तनहा' कुछ लिखने बैठा है आज... मुकम्मल तो नहीं, तुम्हें कौन समझता है 🤔.. अधुरा हीं सही.. पर तुमको लिखा.. पढ़ो 👇 .... ​जॉन, तुम क्या गए कि महफिलों से वह बेबाक वहशत ही चली गई। ... अब तो यहाँ लोग सलीके से रोने भी लगे है, तुम्हारी तरह सरेआम दिल के टुकड़े नहीं करते..! ... ​कुछ शेर तुम्हारे लिये, तुम्हारे अंदाज मे :- ... ​उसी को ताकता रहता हूँ नींद आने तक, वो शख्स जो मेरे ख्वाबों में भी पराया है..! ​तुम्हारी याद का मलबा अभी हटा ही नहीं, ये दिल तो शहर था, अब एक गाँव लगता है..! ​सुना है शहर में अब 'जॉन' कोई और नहीं, वरना हर मोड़ पे इक शख्स खुद से लड़ता था..! .... ​मेरे जॉन, ​जब भी तन्हाई हद से ज्यादा सरगोशियाँ करने लगती है, तो तुम्हारी वो नज्में ज़हन में गूंजती हैं जहाँ तुमने "मैं" को "तुम" से ज्यादा अहमियत दी। तुम्हारी शायरी सिर्फ लफ्जों का खेल नहीं थी, वह तो उस अना (Ego) की चीख थी जिसे दुनिया ने कभी समझा ही नहीं। ​"शायद अब भी कोई रास्ता निकल आए, चलो ज़रा जी कर देखते हैं।" .... ​जॉन, तुमने कहा था कि 'ज़िन्दगी क्या है, बस इक सिगरेट का धुआँ है'। आज जब हम तनहा हैं, तो उस धुएँ में तुम्हारी सूरत और वो कड़वी बातें साफ नज़र आती हैं। तुमने दर्द को जो नफ़ासत दी, वह अब किसी और के बस की बात नहीं। ​तुम जहाँ भी हो, उम्मीद है वहाँ तुम्हें तुम्हारी वह 'शायद' मिल गई होगी जिसे तुम ता-उम्र ढूंढते रहे। ​खैर, अब बस भी करो जॉन... तुम्हारी कमी बहुत खलती है। जल्दी मिलते है, सजायेंगे एक महफ़िल तुम्हारे नये आशियाँ मे। तेरा तनहा भी तुझसा होने लगा है जॉन.. तुझसा.. .... -तनहा ✍️

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वैराग्य
वैराग्य@rajeevktiwary·
... मेरे कमरे को सजाने कि तमन्ना है तुम्हे, मेरे कमरे मे किताबों के सिवा कुछ भी नहीं...! -जॉन एलिआ
राजीव (वैराग्य)@Vairagya_Shanti

....... ख़त तेरे नाम किया -तनहा ✍️ ....... मेरे जॉन एलिआ, तुम्हे याद करना खुद को एक ऐसी महफिल में ले जाना है जहाँ चिराग तो जल रहे हैं, पर रौशनी में उदासी घुली है। तुम्हारी याद में 'तनहा' कुछ लिखने बैठा है आज... मुकम्मल तो नहीं, तुम्हें कौन समझता है 🤔.. अधुरा हीं सही.. पर तुमको लिखा.. पढ़ो 👇 .... ​जॉन, तुम क्या गए कि महफिलों से वह बेबाक वहशत ही चली गई। ... अब तो यहाँ लोग सलीके से रोने भी लगे है, तुम्हारी तरह सरेआम दिल के टुकड़े नहीं करते..! ... ​कुछ शेर तुम्हारे लिये, तुम्हारे अंदाज मे :- ... ​उसी को ताकता रहता हूँ नींद आने तक, वो शख्स जो मेरे ख्वाबों में भी पराया है..! ​तुम्हारी याद का मलबा अभी हटा ही नहीं, ये दिल तो शहर था, अब एक गाँव लगता है..! ​सुना है शहर में अब 'जॉन' कोई और नहीं, वरना हर मोड़ पे इक शख्स खुद से लड़ता था..! .... ​मेरे जॉन, ​जब भी तन्हाई हद से ज्यादा सरगोशियाँ करने लगती है, तो तुम्हारी वो नज्में ज़हन में गूंजती हैं जहाँ तुमने "मैं" को "तुम" से ज्यादा अहमियत दी। तुम्हारी शायरी सिर्फ लफ्जों का खेल नहीं थी, वह तो उस अना (Ego) की चीख थी जिसे दुनिया ने कभी समझा ही नहीं। ​"शायद अब भी कोई रास्ता निकल आए, चलो ज़रा जी कर देखते हैं।" .... ​जॉन, तुमने कहा था कि 'ज़िन्दगी क्या है, बस इक सिगरेट का धुआँ है'। आज जब हम तनहा हैं, तो उस धुएँ में तुम्हारी सूरत और वो कड़वी बातें साफ नज़र आती हैं। तुमने दर्द को जो नफ़ासत दी, वह अब किसी और के बस की बात नहीं। ​तुम जहाँ भी हो, उम्मीद है वहाँ तुम्हें तुम्हारी वह 'शायद' मिल गई होगी जिसे तुम ता-उम्र ढूंढते रहे। ​खैर, अब बस भी करो जॉन... तुम्हारी कमी बहुत खलती है। जल्दी मिलते है, सजायेंगे एक महफ़िल तुम्हारे नये आशियाँ मे। तेरा तनहा भी तुझसा होने लगा है जॉन.. तुझसा.. .... -तनहा ✍️

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राजीव (वैराग्य)
... ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता... ..... ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता.... एक हीं शख्स था जहान मे क्या..!!😭 -जॉन एलिआ शुभ रात्रि..
राजीव (वैराग्य)@Vairagya_Shanti

....... ख़त तेरे नाम किया -तनहा ✍️ ....... मेरे जॉन एलिआ, तुम्हे याद करना खुद को एक ऐसी महफिल में ले जाना है जहाँ चिराग तो जल रहे हैं, पर रौशनी में उदासी घुली है। तुम्हारी याद में 'तनहा' कुछ लिखने बैठा है आज... मुकम्मल तो नहीं, तुम्हें कौन समझता है 🤔.. अधुरा हीं सही.. पर तुमको लिखा.. पढ़ो 👇 .... ​जॉन, तुम क्या गए कि महफिलों से वह बेबाक वहशत ही चली गई। ... अब तो यहाँ लोग सलीके से रोने भी लगे है, तुम्हारी तरह सरेआम दिल के टुकड़े नहीं करते..! ... ​कुछ शेर तुम्हारे लिये, तुम्हारे अंदाज मे :- ... ​उसी को ताकता रहता हूँ नींद आने तक, वो शख्स जो मेरे ख्वाबों में भी पराया है..! ​तुम्हारी याद का मलबा अभी हटा ही नहीं, ये दिल तो शहर था, अब एक गाँव लगता है..! ​सुना है शहर में अब 'जॉन' कोई और नहीं, वरना हर मोड़ पे इक शख्स खुद से लड़ता था..! .... ​मेरे जॉन, ​जब भी तन्हाई हद से ज्यादा सरगोशियाँ करने लगती है, तो तुम्हारी वो नज्में ज़हन में गूंजती हैं जहाँ तुमने "मैं" को "तुम" से ज्यादा अहमियत दी। तुम्हारी शायरी सिर्फ लफ्जों का खेल नहीं थी, वह तो उस अना (Ego) की चीख थी जिसे दुनिया ने कभी समझा ही नहीं। ​"शायद अब भी कोई रास्ता निकल आए, चलो ज़रा जी कर देखते हैं।" .... ​जॉन, तुमने कहा था कि 'ज़िन्दगी क्या है, बस इक सिगरेट का धुआँ है'। आज जब हम तनहा हैं, तो उस धुएँ में तुम्हारी सूरत और वो कड़वी बातें साफ नज़र आती हैं। तुमने दर्द को जो नफ़ासत दी, वह अब किसी और के बस की बात नहीं। ​तुम जहाँ भी हो, उम्मीद है वहाँ तुम्हें तुम्हारी वह 'शायद' मिल गई होगी जिसे तुम ता-उम्र ढूंढते रहे। ​खैर, अब बस भी करो जॉन... तुम्हारी कमी बहुत खलती है। जल्दी मिलते है, सजायेंगे एक महफ़िल तुम्हारे नये आशियाँ मे। तेरा तनहा भी तुझसा होने लगा है जॉन.. तुझसा.. .... -तनहा ✍️

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Sanju
Sanju@SanjuKu79832010·
36 साल का तजुर्बा बनाम 15 साल की निडर सोच। यह सिर्फ मुकाबला नहीं… क्रिकेट की दुनिया का अनोखा पल होगा। जब Mitchell Starc वर्ल्ड कप जीत रहे थे, तब Vaibhav Suryavanshi प्राइमरी स्कूल में थे। आज रात RR vs DC के मैच में स्विंग के बादशाह का सामना उस बच्चे से होगा, जिसे डरना आता ही नहीं। स्टार्क यॉर्कर से पैरों पर निशाना साधेंगे, वैभव सीधे स्टैंड्स को देखेंगे। और अगर पहली ही गेंद छक्के के लिए गई… तो इंटरनेट सच में ब्रेक हो सकता है। आपको क्या लगता है आज अनुभव जीतेगा, या भविष्य?
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Deepak Sharma
Deepak Sharma@sharma_k_deepak·
वो जिसके हाथ में छाले हैं पैरों में बिवाई है उसी के दम से रौनक आपके बंगले में आई है इधर एक दिन की आमदनी का औसत है चवन्नी का उधर लाखों में गांधी जी के चेलों की कमाई है अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस की शुभकामनाएं 💐
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𝐊𝐌 𝐏ɽ𝐢𝐘ɑɳʞɑ
मैं सहूँ कर्ब-ए-ज़िंदगी कब तक रहे आख़िर तिरी कमी कब तक - Jaun Elia 🖤
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Gulzar's Diary.🏔️🌿
तुम्हारे साथ त'अल्लुक़ तो दोस्ताना था तुम इस में रंग-ए-सियासत कहाँ से ले आए..! ~ऐतबार साजिद
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Deepak Sharma
Deepak Sharma@sharma_k_deepak·
वह तोड़ती पत्थर; देखा उसे मैंने इलाहाबाद के पथ पर— वह तोड़ती पत्थर। कोई न छायादार पेड़ वह जिसके तले बैठी हुई स्वीकार; श्याम तन, भर बँधा यौवन, नत नयन प्रिय, कर्म-रत मन, गुरु हथौड़ा हाथ, करती बार-बार प्रहार :— सामने तरु-मालिका अट्टालिका, प्राकार। चढ़ रही थी धूप; गर्मियों के दिन दिवा का तमतमाता रूप; उठी झुलसाती हुई लू, रुई ज्यों जलती हुई भू, गर्द चिनगीं छा गईं, प्राय: हुई दुपहर :— वह तोड़ती पत्थर। देखते देखा मुझे तो एक बार उस भवन की ओर देखा, छिन्नतार; देखकर कोई नहीं, देखा मुझे उस दृष्टि से जो मार खा रोई नहीं, सजा सहज सितार, सुनी मैंने वह नहीं जो थी सुनी झंकार एक क्षण के बाद वह काँपी सुघर, ढुलक माथे से गिरे सीकर, लीन होते कर्म में फिर ज्यों कहा— ‘मैं तोड़ती पत्थर।’ सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला
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Deepak Sharma
Deepak Sharma@sharma_k_deepak·
दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूँ आई कि जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चराग़ फ़िराक़ गोरखपुरी
𝐊𝐌 𝐏ɽ𝐢𝐘ɑɳʞɑ@Priy2007

दिल में तूफ़ान हो गया बरपा तुम ने जब मुस्कुरा के देख लिया ....❤️:) @sharma_k_deepak

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𝐊𝐌 𝐏ɽ𝐢𝐘ɑɳʞɑ
दिल में तूफ़ान हो गया बरपा तुम ने जब मुस्कुरा के देख लिया ....❤️:) @sharma_k_deepak
𝐊𝐌 𝐏ɽ𝐢𝐘ɑɳʞɑ tweet media
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Deepak Sharma
Deepak Sharma@sharma_k_deepak·
इस डूबते सूरज से तो उम्मीद ही क्या थी हँस हँस के सितारों ने भी दिल तोड़ दिया है महेश चंद्र नक़्श
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Nightmare of Haters 😎
Nightmare of Haters 😎@imTrueIndia1·
🐭 चूहों की ट्रेन! मां आगे-आगे चलती है और बच्चे एक-दूसरे की पूंछ पकड़कर perfect line में पीछे चलते हैं Nature का ये cute convoy देखने लायक है 😂
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𝓛𝓭𝓾𝓽𝓿 𝓴𝓷𝓲𝓰𝓱𝓽 𝓬𝓸𝓶𝓶𝓮𝓷𝓽𝓸𝓻𝔂
इंडो-कनाडाई मॉडल और स्पोर्ट्स प्रेजेंटर "येशा सागर" और दिल्ली कैपिटल्स के खिलाड़ी "समीर रिज़वी" के बीच संबंधों की चर्चाएं काफी समय से सोशल मीडिया पर बनी हुई हैं... इन दोनों की लिंकअप की चर्चाएं पिछले साल से सोशल मीडिया पर बनी हुई जब इन दोनों को एक साथ देखा गया था... पहले क्रिकेट पर ध्यान दे लो समीर मियां... कही ऐसा ना हो कि तुम्हारी नाकामियों का ठीकरा इस लड़की के ऊपर फूटने लगे। अभी थोड़ी सी कामयाबी नसीब नहीं हुई और ये भाई साहब 22 गज की पिच छोड़कर इश्क़ मुहब्बत की पिच पर दौड़ने लगे है...🤦🏻
𝓛𝓭𝓾𝓽𝓿 𝓴𝓷𝓲𝓰𝓱𝓽 𝓬𝓸𝓶𝓶𝓮𝓷𝓽𝓸𝓻𝔂 tweet media
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@MR.Khan
@MR.Khan@M__Rkhan·
जानवर में इंसानियत और इंसान में जानवर🤔
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