Salahuddin Khan

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@Salahuddin_AAP

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New Delhi, India Katılım Ekim 2009
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News24
News24@news24tvchannel·
मुंबई इंडियंस के खिलाफ संकटमोचक बने श्रेयस अय्यर ◆ कप्तानी पारी पर एक शब्द में क्या कहेंगे आप? Shreyas Iyer || #MIvsPBKS | Bumrah || Hardik Pandya #ShreyasIyer
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Salahuddin Khan
Salahuddin Khan@Salahuddin_AAP·
सारे मिलकर पंजाब को हराने पर तुले हैं #MIvsPBKS
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Salahuddin Khan
Salahuddin Khan@Salahuddin_AAP·
#BJP4IND अगर सच में दिल्ली को बेहतर व खूबसूरत राजधानी बनाना चाहती है व अपने तमाम वादों को पूरा करना चाहती है तो @KapilMishra_IND जैसे तेजतर्रार व तजुर्बेकार को दिल्ली का सी एम बनाना चाहिए। कपिल के पास दिल्ली सरकार में काम करने का बेहतर तजुर्बा है @narendramodi @AmitShah @JPNadda
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Salahuddin Khan
Salahuddin Khan@Salahuddin_AAP·
अलविदा आम आदमी पार्टी ...... 12 वर्षों का सफर समाप्त हुआ
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Salahuddin Khan
Salahuddin Khan@Salahuddin_AAP·
@KapilMishra_IND करावलनगर विधानसभा का प्रत्याशी बनाए जाने पर आपको ढेरों शुभकामनाएं
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Gurpreet Garry Walia
Gurpreet Garry Walia@garrywalia_·
पीएम अगर इन में से किसी को एक को चुनना हो तो आप किसे चुनेंगे ?
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Salahuddin Khan
Salahuddin Khan@Salahuddin_AAP·
@dilipkpandey @msisodia @SanjayAzadSln @AapKaGopalRai @AAPDelhi @SatyendarJain @AtishiAAP यह आपका अपना फैसला है, लेकिन मेरा अपना आकलन यह है कि पार्टी का यह फैसला दुर्भाग्यपूर्ण एवं आत्मघाती है, पार्टी अगर संगठन निर्माताओं के साथ यह सुलूक कर सकती है तो हम जैसों का क्या वजूद है। अब हम जैसे लोगों को गंभीरता पूर्वक सोचना होगा.......
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Dilip K. Pandey - दिलीप पाण्डेय
देश में जब अन्ना आंदोलन शुरू हुआ था, तो मैं दूर परदेस में बैठा था। मेरे लिए सब छोड़कर आने की इकलौती वजह ‘माँ भारती’ के प्रति मेरा अथाह प्रेम और सम्मान था- वो प्रेम और सम्मान समय के साथ बढ़ता गया और मैंने अपने परिवार से पहले देश को और संगठन को रखा। आज भी उसमें रत्ती भर की कमी नहीं आई है। कल देखा मैंने, अचानक से एक कैंपेन शुरू हो गया, जिसमे प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से ये संदेश देने की कोशिश की जा रही है कि मैं पार्टी या अपने नेता अरविंद जी के प्रति असंतोष और नाराज़गी से भरा हूँ। ये पढ़कर पहले तो मुझे हँसी आई, और लगा की इसे नज़रअंदाज़ कर दूँ। मगर मेरी चुप्पी के भी कई कयास लगाए जा सकते हैं, इसलिए यह बड़े अफ़सोस के साथ लिखना पड़ रहा है. मैं पहली और आख़िरी बार स्पष्ट कर रहा हूँ कि भले ही आप @ArvindKejriwal जी के या @AamAadmiParty के शुभचिंतक हैं, या फिर मेरे अपने साथी हैं, ये तीनों बातें बिल्कुल एक हैं। हमारा हित और अहित एक है। अगर आप मुझसे कोई निजी बैर निकालने के लिए भी, या सिर्फ़ मज़े के लिए (या किसी ने आपको कोई कहानी सुना कर फुसलाया है), मुझमें और अरविन्द भाई में कोई मतभेद दिखाना चाहते हैं, तो हवा में नाव चला रहे हैं आप - मैं कहीं नहीं जा रहा, पार्टी के लिए दरी बिछाने से लेकर, तिहाड़ और फिर विधानसभा जाने तक का सफ़र तय किया है, आप में से कोई भी भाई, साथी पार्टी ऑफिस में आ कर मुझसे मिल सकते हैं. मैं सच्चाई के रास्ते पर चलकर सदैव देश हित में काम करता रहूँगा, उसके आगे निजी पद या प्रतिष्ठा मामूली बात है। आप’का, दिलीप🌻
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ShaguftaRafique
ShaguftaRafique@Writersahiba·
Aaj Apun 59 ke hogayele bhaiyonbehnon...Agle saal senior citizen😍
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Manish Singh
Manish Singh@RebornManish·
झुकने वाली कौम.. एक हजार साल की गुलामी के दंश को रोती कौम, जिसने झुक झुक कर सलाम कर अपनी रियासत बचाये रखी। ●● इतिहास में हम विदेशी आक्रमणकारियों के बारे में पढ़ते हैं। आर्यो का आक्रमण, सिकन्दर का हमला, शको, हूण, कुषाण, मुहम्मद बिन कासिम.. गजनवी और घोरी हों, खलजी या बाबर, तैमूर हो,अब्दाली या फिर अंग्रेज.. कब हुआ कि हिंदुस्तान ने एक होकर सर उठाया हो?? मार भगाया हो?? ●● चंद्रगुप्त हो, स्कन्दगुप्त हो या, दाहिर, हेमू, सांगा और शिवाजी... टीपू से सिराजूउद्दौला और लक्ष्मीबाई से हजरत महल तक, सब अकेले ही लड़े। राष्ट्र चेतना के नाम पर इक्का दुक्का छोड़, कौन साथ खड़ा हुआ? अंग्रेजी राज को लीजिए। प्लासी और बक्सर के अलावे कितनी लड़ाइयां याद हैं आपको?? अगर कोई बड़ी नही लड़ाई हुई, तो कैसे 1757 से 1857 के बीच पूरा देश अंग्रेजो के शिकंजे में आ गया?? जवाब मिलेगा- सहायक संधि !! ●● मुफ्त का राज मिलेगा, अय्याशी के तमाम साधन मिलेंगे। सेना, प्रशासन और सुरक्षा के झमेले ब्रिटिश के जिम्मे.. इस नीति से तमाम हिंदुस्तान अंग्रेजी राज के तले आया। और यही नीति तो मुगलो की थी- मनसबदारी प्रथा। दिल्ली दरबार में ऊंचा रसूख और इलाके में अर्धस्वायत्त सत्ता। यह चुग्गा मिला, तो मुगलिया हरम की सुरक्षा, बारी बारी से राजपूत करते। जी हां-मुगलो को उज्बेक, ताजिक, अफगान, पठान औऱ ममलूको का भरोसा न था। वे हरम की सुरक्षा में राजपूत राजाओं की सेना लगाते। और इस भरोसे की वजह.. मनसबदारी प्रथा। ●● जिन महाराणा प्रताप को कागजी शेर बनाकर मेरी जाति वाले सोशल मीडिया पर वीरता का झन्डा लहराते है, इतिहास कहता है कि वे तो केवल मानसिंह से ज्यादा ऊंचा मनसब चाहते थे। न मिला तो लड़ पड़े। और जब बेटे को मनचाहा मनसब मिल गया, तलवार खूंटी पर टांग दी। ●● अपना राजपाट धन दौलत बना रहे, दिल्ली में कौन है, इससे क्या मतलब??? मायावती पहले ही नतमस्तक हैं। केजरीवाल, या ममता सेटलमेंट मॉड में है। हो सकता है नीतीश भी इसमे जुड़ जाएं। गद्दी बनी रहे, रसूख बना रहे, तो अनावश्यक दांत और नाखून अड़ाने तक लड़ाई की जरूरत क्या है? ये वही क्षेत्रीय क्षत्रप है, छोटे छोटे इलाको, जातियों और तबकों के नायक हैं, जिनके विरुद पे पन्ने लिखे गये। जो कभी मुगलिया दरबार के नवरत्न थे, और कभी किंग जॉर्ज के सामने दुम हिलाते थे। ये वही मध्यकालीन साइकोलॉजी है। ●● पर एक बार, हमने सर उठाया। बस एक बार। जब हमने, हम भारत के लोगो ने नायकों का, कुलीनों का, राजाओं का मुंह ताकना बन्द किया। एक कृशकाय बूढ़े की महीन सी आवाज सुनकर हम अपने घरों से निकल पड़े। तीन हजार साल के इतिहास में एक बार हिंदुस्तान की प्रजा ने मामला अपने हाथ मे लिया। ●● और उस बार, बस एक बार हमने अपने गले से गुलामी का जुआ उखाड़ फेंका। हम प्रजा न रहे, हम नागरिक हुए। आज ही के दिन, सदियो की कालिख हमने मुख से धो डाली थी। जय हिंद का नारा गुंजाया, तिरंगा लहरा, गणतंत्र के नाम का। ये तीन पीढ़ी पुरानी बात है। ●● कृशकाय बूढ़े की आवाज मद्धम हो चुकी है। क्षितिज पे युद्ध के नाद गूंज रहे है। एकमुखी सत्ता का शिकंजा कस रहा है। राम के मन्दिर में शहंशाह की गद्दी सजी है। हमारे नायक झुक रहे हैं। मनसबदारी माथे से लगा रहे हैं। सारे एक एक कर दरबार मे सलामी बजा रहे है। रण नही, याचना का दौर है। यही इतिहास था, यही मौजूदा दौर है। झुकने वाली कौम का दौर है।
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CMO Delhi
CMO Delhi@CMODelhi·
माननीय मुख्यमंत्री श्री @ArvindKejriwal जी ने 812वें वार्षिक उर्स के अवसर पर हज़रत ख़्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह अजमेर शरीफ के लिए पवित्र चादर पेश की। उन्होंने देश में आपसी भाईचारे, अमन चैन एवं देश की तरक़्क़ी की कामना की।
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Rahul Gandhi
Rahul Gandhi@RahulGandhi·
The killing of thousands of innocent civilians, including children in Gaza and the collective punishment of millions of people by cutting off their food, water and electricity are crimes against humanity. Hamas' killing of innocent Israelis and taking of hostages is a crime and must also be condemned. The cycle of violence between Israel and Palestine must be brought to an end.
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Durgesh Pathak
Durgesh Pathak@ipathak25·
It’s was an honour to stand at a prestigious podium of @Harvard, where I got an opportunity to interact with students, alumni & professors who had keen interest towards @AamAadmiParty & @ArvindKejriwal. Had a captivating discussion followed by a Q&A regarding governance, health, education, municipal corporation in Delhi, indian democracy and overall State of Affairs in India. It was an intriguing discussion & they were quite appreciative, enthusiastic and encouraging.
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ShaguftaRafique
ShaguftaRafique@Writersahiba·
Kabhi hum mote lagte hain..kabhi hum duble lagte hain..kabhi hum bhooke lagte hain..kabhi hum bhookad dikhte hain 🤨
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AAP
AAP@AamAadmiParty·
मोदी जी, देश की बेटियां जवाब मांग रही हैं आप कब तक यौन शोषण आरोपी बृजभूषण सिंह को बचाएंगे?
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