

Shekhar
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JSSC-CGL मामला वर्तमान में हाईकोर्ट में subjudice है और माननीय न्यायालय ने अपना फैसला रिज़र्व कर रखा है। इसके बावजूद मुख्यमंत्री जी का आज मंच से यह कहना कि ‘JSSC-CGL पूरी तरह पाक साफ है और हम जल्द ही इसकी नियुक्तियाँ देंगे’, न्यायिक प्रक्रिया के प्रति असम्मान दर्शाता है। संवैधानिक पद पर आसीन मुख्यमंत्री ऐसा बयान दे तो ये पूरी तरह से हास्यास्पद है। जब मामला अदालत के विचाराधीन हो, तब एक संवैधानिक पद पर बैठे मुख्यमंत्री को ऐसी बयानबाज़ी से बचना चाहिए। सरकार का दायित्व न्यायालय की मर्यादा बनाए रखना है, न कि बेतुकी बयानबाजी कर निर्णय को प्रभावित करने की कोशिश करना.. हेमंत जी के बयान से ऐसा प्रतीत होता है मानो उन्हें कोर्ट का फैसला पहले से ही पता हो और उनसे ही पूछ के फैसला लिखा जाएगा। क्या यही पारदर्शिता और संवैधानिक आचरण है जिसकी उम्मीद राज्य की जनता अपनी सरकार से करती है? हम पुनः स्पष्ट करते हैं कि भारतीय जनता पार्टी और अभ्यर्थियों का संघर्ष न्याय और पारदर्शिता के लिए है। उक्त मामले में फैसला आने से समय से पहले दिया गया बयान न्यायिक प्रक्रिया को बाधित करने का प्रयास है। @HemantSorenJMM @narendramodi @blsanthosh @BJP4India @BJP4Jharkhand @JPNadda @AmitShah @PMOIndia

मुख्यमंत्री के इस स्टेटमेंट से ये भी सिद्ध हो रहा कि सरकार के बड़े बड़े लोग पेपर लीक में संलिप्त है और पूरी सरकार इज्जत बचाने में लगी है @yourBabulal


























