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सुमेर सिंह राठौड़ 🐦
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सुमेर सिंह राठौड़ 🐦
@Sumer_Ji
राजनीतिज्ञ नहीं हूँ पर राजनीति का विश्लेषण जरूर करता हूँ, राजपूत हूँ इसलिए राजपूताने की आन रखता हूँ हर किसी के लिए दिल में सम्मान रखता हूँ, जय हिन्द जय भारत
दिल और दिमाग दोनों हैं मुकाम Katılım Şubat 2011
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I purchased a Titan “His & Her” couple watch set worth ₹9,145 from AJIO for a time-sensitive occasion. Instead, I received a basic Sonata watch worth around ₹1,800. This is not a minor error-it reflects a serious lapse in service and trust.
@AJIOLife @titanwatches #harassment


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सोशल मीडिया पर पेट्रोल और डीज़ल की कमी को लेकर फैल रही खबरें पूरी तरह निराधार हैं। भारत में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आपूर्ति व वितरण नेटवर्क सामान्य रूप से कार्य कर रहे हैं।
इंडियनऑइल निर्बाध ईंधन आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। नागरिकों को आश्वस्त किया जाता है कि किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।
कृपया पेट्रोल पंपों पर अनावश्यक भीड़ न लगाएँ और सही जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
Reports on social media suggesting a shortage of petrol and diesel are baseless. India has sufficient fuel stocks, and supply and distribution networks are functioning normally.
IndianOil is committed to maintaining uninterrupted fuel supply across the country. Citizens are requested not to panic or crowd fuel stations and to rely only on official sources for accurate information.
@HardeepSPuri @PetroleumMin @neerajmittalias @secretary_moPNG @ChairmanIOCL @sahneyas
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माननीय @moefcc जी
अरावली के साथ किसी भी प्रकार का छल कपट ना करें।
कृपया सरिस्का के जंगल के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ ना करें।
#JungleSena
SAVE ARAVALI TRUST ®@SaveAravali
टाइगर बचाने के नाम पर जंगल की बलि: सरिस्का से 4,839 हेक्टेयर घना वन बाहर! Full details - whatsapp.com/channel/0029Va… #Sariska #Aravali
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ICMR यानि इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च की हाल ही की एक रिपोर्ट बताती है कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में Antibiotic दवाएं कमजोर साबित हो रही हैं। इसका एक बड़ा कारण बिना सोचे-समझे इनका सेवन है। इसलिए मेरा आग्रह है कि Doctors की सलाह के बिना Antibiotics दवाएं ना लें।
#MannKiBaat
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"विकास के नाम पर विनाश का रास्ता"
भारत की सबसे प्राचीन पर्वतमाला अरावली आज अपने अस्तित्व की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रही है। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के एक निर्देश के बाद 100 मीटर से कम ऊँचाई वाली पहाड़ियों को “पहाड़” न मानने की व्याख्या सामने आई है, जिसने अरावली के विशाल भूभाग को कानूनी संरक्षण से बाहर करने का खतरा पैदा कर दिया है। यह केवल शब्दों का खेल नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी परिणाम राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पूरे उत्तर-पश्चिम भारत के पर्यावरणीय भविष्य को सीधे प्रभावित करने वाले हैं।
अरावली पर्वतमाला लगभग 692 किलोमीटर तक गुजरात से लेकर दिल्ली तक फैली है और इसे लगभग तीन अरब वर्ष पुरानी पर्वत श्रृंखला माना जाता है। इसका दो-तिहाई हिस्सा राजस्थान में स्थित है, जहाँ यह जलवायु संतुलन, वर्षा चक्र और भूजल रिचार्ज की रीढ़ के रूप में कार्य करती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि अरावली न होती, तो पश्चिमी, मध्य और दक्षिण भारत का बड़ा भूभाग रेगिस्तान में बदल चुका होता। ऐसे में इस प्राकृतिक ढाल को कमजोर करना दीर्घकालिक पर्यावरणीय आत्मघात से कम नहीं है।
फॉरेस्ट सर्वे ऑफ इंडिया के आँकड़े इस संकट की गंभीरता को और स्पष्ट करते हैं। देश में मैप की गई 12,081 पहाड़ियों में से केवल 1,048 यानी महज 8.7 प्रतिशत ही 100 मीटर की ऊँचाई के मानक पर खरी उतरती हैं। इसका सीधा अर्थ यह है कि अरावली का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा इस नई व्याख्या के बाद कानूनी सुरक्षा खो सकता है। यह स्थिति खनन, रियल एस्टेट और निजी परियोजनाओं के लिए रास्ता खोलती है, जबकि पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के लिए यह विनाश का संकेत है।
अरावली केवल पहाड़ियों की श्रृंखला नहीं है। यह 300 से अधिक जीव-जंतुओं और पक्षियों का प्राकृतिक आवास है, लाखों पशुपालकों के लिए चारागाह है और बनास, साबरमती तथा लूणी जैसी नदियों का उद्गम स्थल भी है। इसकी चट्टानी संरचना वर्षा जल को रोककर उसे जमीन के भीतर पहुँचाती है, जिससे पूरे क्षेत्र में भूजल रिचार्ज होता है। पहले से ही जल संकट से जूझ रहे पश्चिमी राजस्थान के लिए अरावली का कमजोर होना सूखे को स्थायी बना देने जैसा होगा।
सरकार की पर्यावरण नीति की वास्तविक तस्वीर जोजरी नदी की उपेक्षा और खेजड़ी वृक्षों के साथ हो रहे व्यवहार से भी साफ होती है। खेजड़ी, जिसे राजस्थान का राज्य वृक्ष माना जाता है और जो रेगिस्तानी पारिस्थितिकी तंत्र की जीवनरेखा है, आज योजनाबद्ध कटाई का शिकार बन रहा है। सरकारी आँकड़ों और जमीनी आकलनों के अनुसार, सोलर परियोजनाओं और औद्योगिक लीज़ के नाम पर अब तक लगभग 26 लाख खेजड़ी पेड़ काटे जा चुके हैं, जबकि आने वाले समय में करीब 50 लाख और खेजड़ी पेड़ों की कटाई की तैयारी की जा रही है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि एक पूर्ण विकसित खेजड़ी पेड़ के साथ अन्य पेड़ो को तैयार होने में लगभग 100 वर्ष लगते हैं, जिससे मरुस्थल के इस अनमोल पारिस्थितिकी तंत्र पर दीर्घकालिक और गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।
एक पेड़ औसतन 1,200 किलोलीटर ऑक्सीजन प्रतिवर्ष देता है। इस आधार पर, जो 26 लाख पेड़ काटे गए, वे हर साल लगभग 25 करोड़ किलोलीटर ऑक्सीजन प्रदान करते थे जो अब पूरी तरह बंद हो चुकी है। पेड़ों के कटने और बड़े पैमाने पर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री तक वृद्धि दर्ज की गई है। पर्यावरणविदों के अनुसार, पश्चिमी राजस्थान में बारिश कम होने का यह एक प्रमुख कारण बन गया है। तापमान बढ़ने और आवास नष्ट होने के चलते रेगिस्तान के कई छोटे जीव भी विलुप्ति के कगार पर पहुँच गए हैं। जबकि यही पारिस्थितिकी तंत्र है जो न्यूनतम पानी में पनपता है, मिट्टी को बाँधकर मरुस्थलीकरण को रोकता है, पशुओं के लिए चारा देता है और स्थानीय ग्रामीण अर्थव्यवस्था का आधार है।
विडंबना यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अतीत में अरावली की रक्षा के लिए ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। 1990 के दशक से लेकर एम.सी. मेहता बनाम यूनियन ऑफ इंडिया जैसे मामलों में कोर्ट ने राजस्थान और हरियाणा में अनियंत्रित खनन पर रोक लगाई और यह स्वीकार किया कि इससे होने वाला पर्यावरणीय नुकसान अपूरणीय है। ऐसे में आज उसी अरावली को कमजोर करने वाली व्याख्या सामने आना न केवल चिंताजनक है, बल्कि न्यायिक परंपरा के भी विपरीत प्रतीत होता है।

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आगामी 10 दिसंबर, 2025 को जयपुर में प्रथम प्रवासी राजस्थानी दिवस का भव्य आयोजन किया जा रहा है।
यह ऐतिहासिक आयोजन न केवल प्रवासी राजस्थानियों की उपलब्धियों एवं योगदान का सम्मान करेगा, बल्कि उन्हें विकसित राजस्थान के निर्माण में सक्रिय भागीदार बनने का सुनहरा अवसर भी प्रदान करेगा। मैं सभी प्रवासी भाई-बहनों को इस भव्य आयोजन में पधारने के लिए सादर आमंत्रित करता हूं।
-मुख्यमंत्री श्री @BhajanlalBjp
#PravasiRajasthaniDivas
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महत्वपूर्ण सूचना :~
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सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में एक युवती दावा कर रही है कि “राजस्थान में एक परंपरा के तहत शादी के बाद पहले ससुर, फिर देवर और फिर पति का संबंध होता है और जो पहला बच्चा होगा उसे गिरा दिया जाता है।”
उक्त परंपरा के संबंध में @NCIBHQ ने अपने स्तर पर गहन पड़ताल की है। हमारी पड़ताल में पूरे राजस्थान में ऐसी किसी परंपरा या रस्म का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
यह दावा पूर्णतः फर्जी, झूठा एवं भ्रामक है। इसे सिर्फ पब्लिसिटी और लोगों को गुमराह करने के लिए फैलाया गया है।
एनसीआईबी मुख्यालय @RajPoliceHelp से अनुरोध करता है कि इस तरह की बेहूदा और समाज में नफरत फैलाने वाली वीडियो बनाने वाली महिला के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार किया जाए।
साथ ही आप सभी से निवेदन है कि ऐसी फर्जी खबरों और अफवाहों पर ध्यान न दें।
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॥जीवेत् शरदः शतम्॥
भाजपा परिवार के अभिभावक, भारतीय राजनीति में सदाचार, शुचिता तथा कर्तव्यनिष्ठा के प्रतीक पुरुष, करोड़ों कार्यकर्ताओं के पथ-प्रदर्शक एवं पूर्व उपप्रधानमंत्री 'भारत रत्न' श्री लालकृष्ण आडवाणी जी को जन्मदिन की हार्दिक शुभकामनाएं!
ईश्वर से प्रार्थना है कि आपको सुदीर्घ, सुयशपूर्ण जीवन और उत्तम स्वास्थ्य की प्राप्ति हो तथा आपका अमूल्य मार्गदर्शन और स्नेहिल आशीर्वाद हम सभी पर यूं ही बना रहे।

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@umda_panktiyaan छोरियों ने हर मन की प्रीत को यूं दिल से लगाया है,
देख विश्व चैंपियन ट्रॉफी को हर जन मुस्कुराया है
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𝐂.𝐇.𝐀.𝐌.𝐏.𝐈.𝐎.𝐍.𝐒 🏆
Congratulations to #TeamIndia on winning their maiden ICC Women's Cricket World Cup 🇮🇳
Take. A. Bow 🙌
#WomenInBlue | #CWC25 | #Final | #INDvSA

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बहरीन प्रवास के दौरान विधानसभा परिवार के ग्राम मगरा निवासी छोटे भाई हितेन्द्र सिंह भाटी, जो एशियाड गेम्स में कैमल रेसिंग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं, उनसे आज आत्मीय मुलाकात हुई।
उनकी लगन, मेहनत और जज़्बे पर हमें गर्व है।
छोटे भाई को आगामी प्रतियोगिताओं के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं और उज्ज्वल भविष्य की हार्दिक मंगलकामनाएं।

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