Sumit Yadav
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Sumit Yadav
@Sumit_149
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अखिलेश यादव की सरकार में 86 में 55 यादव एसडीएम बने थे फिर 2017 के बाद ऐसा क्या हुआ कि टॉप 10 में भी नहीं आ पा रहे हैं इस बार 932 में 9 भी नहीं बन पाये @yadavakhilesh ji ..??



एक यादव भाई से सुन लीजिए असली हिस्सेदारी यही है, ग्रुप सी और ग्रुप-D की नौकरी में किसका दबदबा है वह देखो यादवो के मेरिट के आगे सवर्णो का कुछ भी औकात नही है योगी आदित्यनाथ की सरकार ने भी सबसे ज्यादा यादवों का सिलेक्शन हो रहा है। 62000 हजार में साढ़े 19 हजार यादव है। यूपी पीसीएस से मात्र 932 परिवार का भला होगा, उसमें कुछ नही रखा है। असली गेम यहां है जँहा एक जाति के 19000 परिवार का भला हो रहा है। यह उनकी मेरिट और मेहनत का कमाल है।





















UPPCS 2024 के परिणामों में डिप्टी जेलर पद पर कुल 60 चयनित अभ्यर्थियों में से 45 सवर्ण होने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है इस खबर के सामने आते ही विभिन्न वर्गों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। योगी आदित्यनाथ की सरकार में अनारक्षित सीटों पर SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को ओवरलैपिंग का लाभ न देना इसकी प्रमुख वजह मान रहा है वहीं, कुछ लोग इसे सामाजिक संरचना और ऐतिहासिक जातीय वर्चस्व से जोड़कर देख रहे हैं, जहाँ अवसरों की असमानता लंबे समय से बनी हुई है। सोशल मिडिया में, बहस का एक पहलू यह भी है कि जो लोग पूर्व में सपा सरकार के दौरान “86 में 56 यादव SDM” जैसे फेक नारेटिव वाले मुद्दों को जोर-शोर से उठाते थे, वे इस मामले में अपेक्षाकृत चुप दिखाई दे रहे हैं इससे चयन प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर दोहरे मानदंड की चर्चा भी तेज हो गई है यह मुद्दा आरक्षण नीति, समान अवसर और प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे बड़े सवालों को फिर से केंद्र में ला खड़ा करता है। #UPPSC #DeputyJailer #Jailor




UPPCS 2024 के परिणामों में डिप्टी जेलर पद पर कुल 60 चयनित अभ्यर्थियों में से 45 सवर्ण होने का दावा सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है इस खबर के सामने आते ही विभिन्न वर्गों में तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिल रही हैं। योगी आदित्यनाथ की सरकार में अनारक्षित सीटों पर SC, ST और OBC अभ्यर्थियों को ओवरलैपिंग का लाभ न देना इसकी प्रमुख वजह मान रहा है वहीं, कुछ लोग इसे सामाजिक संरचना और ऐतिहासिक जातीय वर्चस्व से जोड़कर देख रहे हैं, जहाँ अवसरों की असमानता लंबे समय से बनी हुई है। सोशल मिडिया में, बहस का एक पहलू यह भी है कि जो लोग पूर्व में सपा सरकार के दौरान “86 में 56 यादव SDM” जैसे फेक नारेटिव वाले मुद्दों को जोर-शोर से उठाते थे, वे इस मामले में अपेक्षाकृत चुप दिखाई दे रहे हैं इससे चयन प्रक्रिया और सामाजिक प्रतिनिधित्व को लेकर दोहरे मानदंड की चर्चा भी तेज हो गई है यह मुद्दा आरक्षण नीति, समान अवसर और प्रशासनिक सेवाओं में सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे बड़े सवालों को फिर से केंद्र में ला खड़ा करता है। #UPPSC #DeputyJailer #Jailor



