उत्तर प्रदेश के जनपद औरैया के थाना दिबियापुर अंतर्गत थाना फफूंद क्षेत्र के ग्राम तुलसीपुर निवासी 21 वर्षीय दलित युवक अनुज कुमार उर्फ छोटू [आज़ाद समाज पार्टी (कांशीराम) की उत्तर प्रदेश कोर कमेटी के सदस्य देवराज आज़ाद जी के छोटे भाई] की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई हत्या अत्यंत दुखद एवं गंभीर जाँच का विषय है।
दिनांक 18 जनवरी 2026 को शाम लगभग 5:30 बजे अनुज यह कहकर घर से निकला था कि वह ग्राम लाडपुर मोटरसाइकिल देने जा रहा है। शाम 7:00 बजे उसके मोबाइल पर कॉल कर यह कहा गया कि अनुज का ग्राम दखलीपुर में एक्सीडेंट हो गया है, लेकिन मौके पर न तो कोई एक्सीडेंट मिला और न ही अनुज का कोई पता चला।
लगातार तलाश के बाद अगली सुबह अनुज की मोटरसाइकिल सड़क किनारे तथा उसका शव सड़क से लगभग 100 मीटर दूर खेत में पड़ा मिला, जिसके सिर में गंभीर चोट के निशान थे।परिस्थितियाँ स्पष्ट रूप से हत्या की ओर संकेत करती हैं।
सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि घटना को कई दिन बीत जाने के बावजूद पुलिस अब तक किसी ठोस निष्कर्ष पर नहीं पहुँच सकी है। न तो हत्या की वजह स्पष्ट की गई है और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हुई है। यह स्थिति न केवल पीड़ित परिवार, बल्कि पूरे समाज के लिए गहरी चिंता का विषय है—विशेषकर तब, जब मृतक दलित समुदाय से संबंध रखता हो।
हम इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि—मामले की तत्काल उच्चस्तरीय एवं स्वतंत्र जाँच कराई जाए
हत्या में शामिल सभी दोषियों की शीघ्र गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए,जाँच में हो रही देरी व लापरवाही की जवाबदेही तय की जाए, पीड़ित परिवार को सुरक्षा, न्याय एवं सम्मान दिया जाए
@CMOfficeUP@myogiadityanath
*चंद्रशेखर पुलिसवालों से बोले- गोली मार दो:* मेरठ जाने से रोका, VIDEO कॉल पर दलित बेटी बोली- मेरे भाई को जिंदा जलाया गया
dainik.bhaskar.com/pLANBW9lTZb
भारतीय स्वतंत्रता न्याय संग्राम के प्रथम शहीद बहुजन नायक क्रांतिवीर जबरा पहाड़िया तिलका माँझी जी के शहादत दिवस पर उन्हें शत-शत नमन एवं विनम्र आदरांजलि।
मेरठ की तहसील सरधना क्षेत्र के ग्राम ज्वालागढ़ में कश्यप समाज के युवक रानू कश्यप को पहले शराब पिलाई गई, फिर उसके पास मौजूद लगभग 80,000 रुपये लूट लिए और उसके बाद उसे ज़िंदा जला दिया गया। यह सिर्फ एक हत्या नहीं, बल्कि मानवता को शर्मसार करने वाला जघन्य अपराध है।
दिनांक 5 जनवरी 2026 (सोमवार) को हुई इस घटना के सभी आरोपियों की अब तक गिरफ्तारी न होना, उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
हम इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं। हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। प्रकृति उन्हें यह असीम दुःख सहने की शक्ति प्रदान करे।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि—सभी फरार आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार किया जाए, मामले की निष्पक्ष एवं तेज़ जांच कराई जाए,पीड़ित परिवार को सरकारी सुरक्षा प्रदान की जाए, मृतक के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व उचित मुआवजा एवं न्याय सुनिश्चित किया जाए।
मैं शीघ्र अपने पीड़ित परिवार से मुलाकात करूँगा। वे अपने आप को अकेला न समझें—हम उनके साथ हैं, संघर्ष में भी और न्याय की लड़ाई में भी।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर के थाना केमरी से वायरल हुआ वीडियो उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था के पतन और सत्ता के संरक्षण का भयावह उदाहरण है। वीडियो में खुद को बजरंग दल का नेता बताने वाला व्यक्ति थाने के अंदर पुलिसकर्मियों को खुलेआम धमकाते हुए कहता है —“जिस दारोगा की औकात हो मार के दिखाओ, थाने में आग लगा दूंगा।”
यह कोई सामान्य धमकी नहीं है, बल्कि सत्ताधारी भाजपा से जुड़े संगठन के संरक्षण में पनप रहे गुंडातंत्र की खुली घोषणा है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी— सवाल यह नहीं है कि वह व्यक्ति इतना बेलगाम क्यों है, वास्तविक सवाल यह है कि उसे यह हिम्मत किस सत्ता-संरक्षण के कारण मिली है?
आज उत्तर प्रदेश में हालात ऐसे बना दिए गए हैं कि भाजपा-समर्थित संगठनों से जुड़े लोग पुलिस को भी आंख दिखा रहे हैं, और प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। यदि यही शब्द किसी अन्य के मुँह से निकल जाते, तो अब तक उस पर एनएसए लग चुका होता,उसके घर पर बुलडोज़र चल चुका होता।
यह साफ़ है कि उत्तर प्रदेश में कानून अब संगठन और विचारधारा देखकर लागू किया जा रहा है।
हम @UPGovt से मांग करते हैं कि—वीडियो में दिखाई दे रहे बजरंग दल के कथित नेता को तत्काल गिरफ्तार किया जाए,उसके विरुद्ध गंभीर आपराधिक धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
यह भरोसा दिया जाए कि कानून सभी के लिए बराबर है।यदि इस मामले में भी सरकार चुप्पी साधे रहती है, तो यह माना जाएगा कि भाजपा सरकार खुद ऐसे तत्वों को संरक्षण देकर संविधान को कमजोर कर रही है।
उत्तर प्रदेश को धार्मिक उन्माद और सत्ता–संरक्षित गुंडागर्दी से नहीं,संविधान, कानून से चलाया जाना चाहिए।
@CMOfficeUP@myogiadityanath
उत्तर प्रदेश के जिला कानपुर देहात के शिवली थाना क्षेत्र के वसौसी गांव में एक बहुजन परिवार के साथ हुई घटना अत्यंत दुखद, दण्डनीय और जातिगत नफरत का घिनौना उदाहरण है।
इंटर कॉलेज के बाहर झोपड़ी डालकर जीवनयापन कर रहे देवकीनंदन पासवान और उनकी पत्नी ममता को स्कूल के जातंकवादी चौकीदार द्वारा पहले बेरहमी से पीटा गया। इलाज के बाद जब पीड़ित घर लौटे, तो जातंकवादियों ने अपने साथियों को बुलाकर लाठी-डंडों और हथौड़ी से दोबारा हमला किया, देवकीनंदन पासवान की इलाज के दौरान मृत्यु हो गई और उनकी पत्नी ममता की हालत गंभीर बनी हुई है।
यह कोई “कहासुनी” नहीं थी, यह दलित की औकात दिखाने की मानसिकता थी।यह हत्या पूर्व नियोजित, सुनियोजित और जातीय घृणा से प्रेरित है।
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी, सबसे गंभीर सवाल यह है कि—पीड़ित अस्पताल से लौटे, फिर भी आरोपी खुलेआम हमला करने कैसे पहुंच गए? क्या दलित की जान की कीमत इस व्यवस्था में इतनी सस्ती है?
हम इस हृदयविदारक घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हैं।हमारी संवेदनाएँ शोकाकुल परिजनों के साथ हैं।प्रकृति से प्रार्थना है कि वह उपचाररत पीड़िता को शीघ्र पूर्ण स्वस्थ करे तथा परिवार को यह असीम दुःख सहने का संबल दे।
हम @UPGovt से माँग करते हैं कि— सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर हत्या व SC/ST एक्ट की कठोर धाराएं लगाई जाएं,पीड़ित महिला को सरकारी सुरक्षा, बेहतर इलाज और समुचित मुआवजा दिया जाए,पीड़ित परिवार को पुनर्वास और न्याय की गारंटी दी जाए।
@CMOfficeUP
ग्वालियर में भारतीय संविधान के निर्माता, आधुनिक भारत के शिल्पकार, शोषित-वंचितों, दलितों, आदिवासियों, पिछड़ों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के मुक्तिदाता, ज्ञान व चेतना के प्रतीक, विश्व-रत्न परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के पुतले को जलाने का प्रयास और उनके विरुद्ध की गई आपत्तिजनक नारेबाज़ी सिर्फ़ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय को खुलेआम चुनौती देने का घिनौना षड्यंत्र है।
यह कृत्य उन नफरती और संविधान-विरोधी ताक़तों की पहचान उजागर करता है, जो आज भी बराबरी, भाईचारे और न्याय से डरती हैं। बाबा साहेब का अपमान दरअसल उन करोड़ों लोगों के आत्मसम्मान पर हमला है, जिन्हें संविधान ने इंसान की तरह जीने का हक़ दिया। यह देश की शांति भंग करने और समाज को बांटने की सुनियोजित कोशिश है।
हम @MP_MyGov से कठोर शब्दों में मांग करते हैं—दोषी पर NSA की धाराओं में मुक़दमा दर्ज हो,इस कृत्य के पीछे मौजूद साज़िश और संरक्षण की भी जांच हो, भविष्य में परम पूज्य बाबा साहेब और संविधान के अपमान की किसी भी कोशिश पर शून्य सहनशीलता दिखाई जाए।
यदि अगले 72 घंटों के भीतर हमारी मांगे पूरी नहीं हुई तो 1 जनवरी को ग्वालियर पहुँचकर परम पूज्य बाबा साहेब और संविधान के सम्मान में शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक लेकिन निर्णायक जन-आंदोलन किया जाएगा।
किसी भी अव्यवस्था की पूरी ज़िम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।
जय भीम, जय संविधान,जय भारत।
@CMMadhyaPradesh@DrMohanYadav51
यूके (लंदन) में अध्ययनरत अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) छात्रों को केंद्रीय/राज्य छात्रवृत्ति की किस्तें समय पर न मिलने से उत्पन्न गंभीर मानवीय संकट के संबंध में माननीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री @Drvirendrakum13 जी पत्र लिखा।
@mygovindia@MSJEGOI
महाराजा बिजली पासी जी की जयंती पर उत्तर प्रदेश के जनपद हरदोई में भीम आर्मी-आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के तत्वाधान में आयोजित “बहुजन संकल्प महारैली” में अपनों के साथ।
परम पूज्य बाबा साहेब डॉ॰ भीमराव अंबेडकर जी और मान्यवर साहब कांशीराम जी की विचारधारा “बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय” को आगे बढ़ाने के जिला फर्रुखाबाद में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के जिलाध्यक्ष पद पर मा. अवधेश प्रताप सिंह को नियुक्त किया जाता है।
#25_जनवरी #विशाल_रैली_आगरा
राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं सांसद चंद्रशेखर आजाद जी के
आगरा में आयोजित विशाल रैली के लिए रामलीला मैदान का वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ निरीक्षण किया।
बसपा से पूर्व विधायक एवं कैबिनेट मंत्री रहे ठाकुर यशपाल सिंह के पुत्र जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान के निवास स्थान पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का उनके निवास स्थान पर पहुंचें, जहां चंद्रशेखर आजाद का तलवार देकर स्वागत किया गया, इस मुलाकात के बाद जिले के विपक्षी दलों में हलचल पैदा कर रहा है।
हालांकि अभी यह एक औपचारिक मुलाकात बताई जा रही है लेकिन अगर इस मुलाकात के राजनीतिक मायने देखे जा रहे हैं ।
@APVNews_
बसपा से पूर्व विधायक एवं मंत्री रहे ठाकुर यशपाल सिंह के पुत्र जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान के निवास स्थान पर नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद का उनके निवास स्थान पर पहुंचें, जहां चंद्रशेखर का तलवार देकर स्वागत किया गया, इस मुलाकात के बाद जिले के विपक्षी दलों में हलचल पैदा कर रहा है।