
हम भगवान "ब्रह्मा विष्णु शिव पार्वती मां" के उपासक है। हम ऋषि मुनियों द्वारा स्थापित वर्ण व्यवस्था को मानने वाले है व इस मान्यता पर गर्व करते है। हम शंकराचार्य द्वारा स्थापित मठों व इन मठों के गुरु शंकराचार्य को ही मात्र हिंदुओं के हितैषी व मार्गदर्शक मानते है। यही सत्य है।


































