
He was so angry, he stood up from his chair in our studio to be heard. Stop what you’re doing and listen to NEET student Harsh Dubey.
Ranput
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He was so angry, he stood up from his chair in our studio to be heard. Stop what you’re doing and listen to NEET student Harsh Dubey.



Reservation se, AAZADI !! Cut-off gap se, AAZADI !! Equal chance ke liye, AAZADI !! Reservation khatam hone tak, JUNG RAHEGI! JUNG RAHEGI! Equal opportunity milne tak, JUNG RAHEGI! JUNG RAHEGI! BHARAT HUM SHARMINDA HAIN RESERVATION SYSTEM AB TAK ZINDA HAI !!





हनी डागर को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि वह जाट हैं, या इसलिए क्योंकि उसने कोई नियम तोड़ा? पहले यह तय कर लीजिए। NEET परीक्षा में हुई गड़बड़ियों के विरोध का मुद्दा कुछ लोगों ने "Student vs Police" और अब "जाट vs Student" बनाने की कोशिश शुरू कर दी है। सोशल मीडिया पर ऐसे पेश किया जा रहा है मानो Honey Dagar ही दिल्ली पुलिस का Commissioner हों और लाठीचार्ज का आदेश भी इसने ही दिया हो। वही बीजेपी वाले हनी को हीरो की तरह पेश कर रहे ताकि गुस्साए छात्र हनी डागर के साथ कोई अनहोनी करदे और पेपर लीक का सारा मुद्दा ही भटक जाये। अगर सवाल उठाने हैं, तो सही सवाल उठाओ। दिल्ली पुलिस के Commissioner अनुराग कुमार हैं। कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी Special CP (Law & Order) Devesh Chandra Srivastava और Madhup Tiwari जैसे वरिष्ठ अधिकारियों के पास होती है। इनकी जाति निकाल कर इनको निशाना बना लो क्योंकि आदेश तो लाठीचार्ज के इन लोगों ने ही दिए है। दिल्ली पुलिस केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन काम करती है। धर्मेंद्र प्रधान के साथ साथ अमित शाह से भी इस्तीफा मांग होनी चाहिए क्योंकि जो बर्बरता छात्रों के साथ हुई है,उसकी जवाबदेही इसकी ही होनी चाहिए। दिल्ली पुलिस के Standing Order No. 51 (Uniform Regulations of Delhi Police) के अनुसार ड्यूटी के दौरान नेम प्लेट और निर्धारित पहचान पहनना अनिवार्य है। साथ ही, डी.के. बसु मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भी स्पष्ट किया है कि जनता से संपर्क करने वाले पुलिसकर्मियों की पहचान स्पष्ट और दिखाई देने वाली होनी चाहिए। यदि ऐसा नहीं हुआ, तो जवाबदेही तय होनी चाहिए। अगर किसी पुलिसकर्मी ने बिना स्पष्ट पहचान या बिना निर्धारित वर्दी के कार्रवाई की है, तो सवाल यह होना चाहिए कि उसे ऐसा करने का आदेश किसने दिया? यह प्रशासनिक जवाबदेही का विषय है, न कि किसी व्यक्ति की जाति का। लेकिन कुछ लोगों ने हनी डागर का पता निकाल कर सोशल मीडिया पर डाल दिया और अब उसको,उसके परिवार वालों को जान से मारने की धमकी मिल रहीं है। अगर कल को हनी के साथ कोई घटना घट जाती है तो इसका जिम्मेदार कौन होगा? सरकार हर आंदोलन में यही चालें चलती है ताकि लोगों को मुद्दों से भटकाया जाये और इनका काम कुछ लोगों ने views के लिए आसान कर दिया। लोकतंत्र में सवाल जाति से नहीं, जवाबदेही से होने चाहिए। अगर नियम टूटे हैं, तो जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाए—किसी एक व्यक्ति को उसकी जाति के आधार पर निशाना बनाना न न्याय है, न लोकतंत्र। #जाट_समाज @amitkilhor





EWWW ughhh 🤢🤮




400cr spent on worshiping someone who was against hero worshiping











So Babasaheb's samvidhan was not able to remove casteism? does that mean Babasaheb was a failed man who couldn't uplift yall🤔🤔

आनंद दुबे: फ़रवरी में आए नए UGC कानून को लेकर जब सवर्ण समाज के बच्चे 8 मार्च को रामलीला मैदान में प्रदर्शन करना चाहते थे, तब BJP सरकार ने अनुमति नहीं दी। और आज जंतर-मंतर पर इतने दिनों से तिलचट्टे बैठा दिए हैं। 🔥🔥

