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🚨 "If buyers do not want ethanol-blended petrol, they can purchase pure petrol, which is already available at a higher price." - Minister Nitin Gadkari.

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है। विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा। मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। @NHAI_Official

I genuinely don't understand how Indian fuel stations can be this careless. Even if someone offered you ten times more money, how could you be so reckless around thousands of liters of highly flammable fuel ? And even after posting such acts on social media, why is no action taken against these people ? Is this really a country that takes public safety seriously ?

देहरादून–ऋषिकेश फोर/सिक्स लेन परियोजना को लेकर पिछले कुछ दिनों से अनेक नागरिकों, पर्यावरण प्रेमियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा व्यक्त की जा रही चिंताओं और सुझावों का मैंने गंभीरता से संज्ञान लिया है। यह परियोजना भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की एक महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजना है, जिस पर माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों तथा सभी आवश्यक वैधानिक एवं पर्यावरणीय स्वीकृतियों एवं प्रक्रियाओं का पालन करते हुए कार्यवाही की जा रही थी। परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को ध्यान में रखते हुए लगभग 3.5 किलोमीटर लंबे हाथी अंडरपास तथा छोटे वन्यजीवों के आवागमन के लिए विशेष कल्वर्ट जैसी व्यवस्थाओं का भी प्रावधान किया गया है, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष एवं सड़क दुर्घटनाओं में वन्यजीवों की मृत्यु की घटनाओं में कमी लाने में सहायता मिलेगी, जो अक्सर इस रास्ते में देखा जाता है। विकास हमारे लिए आवश्यक है, लेकिन जनभावनाओं, पर्यावरण और स्थानीय हितों की अनदेखी कर कोई निर्णय नहीं लिया जाएगा। इसी उद्देश्य से प्रमुख सचिव एवं संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सभी हितधारकों, स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं विशेषज्ञों से पुनः विस्तृत संवाद स्थापित किया जाए। माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशों एवं निर्णय का पूर्ण सम्मान करते हुए आगे की कार्यवाही की जाएगी। साथ ही, जब तक सभी पक्षों के साथ संतोषजनक सहमति एवं विश्वास का वातावरण नहीं बन जाता, तब तक इस परियोजना के अंतर्गत आने वाले पेड़ों का कटान स्थगित रखा जाएगा। मेरे लिए उत्तराखण्ड की प्रकृति, जनभावनाएँ और प्रदेश का विकास—तीनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। हमारी सरकार संवाद, सहमति और व्यापक जनहित के आधार पर ही आगे बढ़ेगी। @NHAI_Official





"Let's Settle this, If you don't want E-20, You have to pay more for premium petrol." — Nitin Gadkari, Transport Minister

"We will not offer consumers a choice between Pure Petrol, E10, and E20." — Government





