लेकिन दूसरी लहर के बाद ज्यो ही कोरोना खत्म हुआ, इन सब को पिछवाड़े पर लात मार के निकाल दिया गया, आज जयपुर में 2-3 महीने से धरने पर बैठे है पर इनकी आवाज आज तक किसी ने नही सुनी...
प्राइवेट जॉब को छोड़ चुके है, सरकारी से निकाल दिया अब जाए तो जाए कहा....
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अग्निपथ - नौजवानों ने नकारा
कृषि कानून - किसानों ने नकारा
नोटबंदी - अर्थशास्त्रियों ने नकारा
GST - व्यापारियों ने नकारा
देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नहीं समझते क्यूंकि उन्हें अपने ‘मित्रों’ की आवाज़ के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता।
माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा आपसे व्यक्तिगत अनुरोध है की मुझे इस ज़लालत भरे मंत्री पद से मुक्त कर मेरे सभी विभागों का चार्ज श्री कुलदीप रांका जी को दे दिया जाए, क्योंकि वैसे भी वो ही सभी विभागों के मंत्री है।
धन्यवाद