इसलिए सबसे प्राचीन धर्म "बौद्ध धर्म" है ,
सनातन शब्द की उत्पति "बौद्ध धर्म" से हुई है ,मतलब ब्राह्मण धर्म की स्थापना पुष्यमित्र शुंग ने की जो मौर्य काल के बाद हुई !
इसलिए भारतीय नेता भी विदेशों में अपना परिचय बुद्ध की धरती से बताते हैं!
नमो बुद्धाय ☸️ 🙏
@TheLife2078@speak000000 मै इतिहास की बात कर रहा हूं, महोदय जी।
जो मुझे इतिहास के छात्र के रूप में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के प्राचीन इतिहास के सबसे सम्मानित प्रोफेसर प्रोफेसर जफरुल इस्लाम जी ने पढ़ाया था और अब मैं अपने विद्यार्थियों को पढ़ाता हूं।
@AdvAashishSingh क्यों भीमराव रामजी आंबेडकर जी और तथागत बुद्ध की फोटो लगाकर बदनाम कर रहे हो इन दोनों महान पुरुष ने बड़े संघर्ष के बाद सामाजिक चेतना को जागृत किया था।
कृपया आंबेडकर जी को तो बख्श दो 🌹
भगवान बुद्ध के बारे में अफवाह
भगवान क्षत्रिय थे ❌
भगवान किसी के अवतार थे ❌
भगवान ने किसी जाति व्यवस्था का समर्थन किया❌
भगवान के समय कोई ब्राह्मण संस्कृति थी ❌
भगवान के समय कोई ब्राह्मण था ❌
भगवान के समय कोई वर्ण सिस्टम था ❌
भगवान अपनी पत्नी को बिना बताए घर से गए ❌
@AdvAashishSingh किस इतिहासकार या किस प्रमाणित पुस्तक से प्राप्त किया है?
कृपया मुझे भी बताएं
मै इतिहास का शिक्षक हूं अपने बच्चों को पढ़ाऊं और वे भी इस उत्तर से स्वस्थ ज्ञानी और अधिकारी बन सकें।
बहुत बहुत आभार होगा।
@replyquotepmok2@dharamsabhaspcl कर्ण पराक्रमी योद्धा था लेकिन वह ईष्र्या और घमंड में चूर रहता था जो कि किसी भी योद्धा के लिए अभिशाप है।
यही उसके पतन का कारण बना।
@unickthinker@ScienceJourney2 बहुत सम्मान के साथ🌹जानना चाहता हूं कि
क्या
अंबेडकरजी और बुद्ध ने ऐसी ही भाषा में अपने विरोधियों से बात करते थे,जैसी भाषा का प्रयोग आप कर रहे हैं?
अंगुलीमाल की कहानी शिक्षाप्रद है।
शेष आप स्वतंत्र है किसी को भी अपशब्द या गाली देने के लिए।
कृपया बुद्ध, अंबेडकर को बदनाम न करें।
थुकला का क्लैंडर हिंदू क्लैंडर है कमाल है हिंदू का मतलब 1875 के सत्यार्थ प्रकाश में दयानंद सरस्वती उर्फ मूलशंकर तिवारी बता गए है कि ये नाम मुसलमानों ने ईर्ष्या से रखा है।
तो ठुकला को बताना चाहिए की हिंदू कैलेंडर बनाया कब?
दूसरी तरफ बुद्ध को गाली दिया वालामिकी रामायण अयोध्याकाण्ड 109 सर्ग के 34 श्लोक में और कल्कि अवतार में विष्णु तो बौद्ध राजा प्रजा का क़त्लेआम कर रहा है तो इसका बुद्ध कबसे हुए?
नोट : भारत में आज जिसे हिंदू कैलेंडर कहते है असल में वो बहुजन समाज से आने वाले मेघनाथ साहनी ने नेहरू गवर्मेंट में बुद्धिस्ट कैलेंडर शक संवत् को रिफार्म कर चंद्र से सोलर में वैज्ञानिक ढंग से कन्वर्ट किया था। थुकला पढ़ा लिखाई किया होता तो पता होता की आज भी उसका नाम शक संवत् यानी पाली का साक्य संवत् ही है जो बुद्धिस्ट कैलेंडर है। ब्राह्मणों का अपना कोई कैलेंडर नहीं है बुद्धिस्ट मालवा संवत् को ही 9 वी सदी बाद विक्रमादित्य संवत् कहते है। और भारत के ज्यादातर पुराने शिलालेख साक्य संवत् यानी शक संवत् का प्रयोग किए है।
@ScienceJourney2 पंचांग का सबसे प्राचीन मूल वेदों में मिलता है, विशेषकर ऋग्वेद में इसमें 12 महीनों,अधिक मास और 360 दिनों के चक्र का वर्णन है
कालखंड केअनुसार लगभग c.5000 ईसा पूर्व
वेदांग ज्योतिष' के प्रणेता महर्षि लगध को माना जाता है। उन्होंने 'वेदांग ज्योतिष' नामक ग्रंथ की रचना की।
@ScienceJourney2 आप पढ़ें लिखे ज्ञानी व्यक्ति हैंआप को इतनी समझ होनी चाहिए कि वाल्मीकि रामायण के कई शताब्दियों बाद बुद्ध का जन्म हुआ है,यदि हर बात को गुगलऔर ह्वाट्सएप से पढ़ेंगे तो समस्या बनी रहेगी।
राम के समकालीन थे महर्षि वाल्मीकिऔर राम के पुत्रों के शैक्षिक गुरु थे।
शेष समाज में बहुत अफवाह है।
@dromsudhaa श्रीमान जी,
आइए शास्त्र पढ़िए, शाकाहारी भोजन करिए, जनेऊ धारण करिए, सत्य सनातन धर्म में विश्वास करिए हिस्सा क्या पूरा का पूरा ले जाइए यहां तक कि मंदिर के मालिक भी बन सकतें हैं।
ब्राह्म का जीवन बहुत कठोर है, श्रीमान 🌹
@speakdhurandhar@ScienceJourney2 समझ से समझ होती है और जब समझ ही नहीं है तो आप किसी को कुछ भी कहने को स्वतंत्र है यहां तक कि गाली सहित अपशब्द भी।
मैंने सभी तथ्यों को स्पष्ट रूप से लिखा जो हजारों प्रामाणिक साहित्य में लिखा है।
शेष आप को अगर मेरे यू-ट्यूब चैनल को देखना है तो मेरे प्रोफाइल पर लिंक दिया है।
@UmeshKumar__ बातों से काम नहीं चलता है
इतिहास से काम चलता है
इतना आपके पास ज्ञान है तो @ScienceJourney2 के यूट्यूब चैनल पर तथ्यों से बात करो
सिर्फ अफवा फैलाना यही काम तुम्हारे लोगो का है
इसलिए ठीकरा दूसरे पर फोड़ना
@qunisk96 थोड़ा पढ़ लिया करो
हिंदू धर्म और प्राचीन भारतीय संस्कृति में पूर्णिमा की तिथि को बुद्ध के जन्म से हजारों साल पहले से पवित्र माना जाता रहा है।वैदिक काल से ही पूर्णिमा के दिन दान,स्नान और यज्ञ करने की परंपरा रही है।वैशाख माह की पूर्णिमा का खगोलीय महत्व प्राचीन काल से चला आ रहा है।
33 करोड़ मिलकर भी इस एक मर्द का मुकाबला ना कर पाए.....।
आज भारत को विदेश में सिर्फ ‘महात्मा बुद्ध’की वजह से जाना जाता है।
बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक शुभकामनाएं।
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🌺🌺 नमो बुद्धाय 🌺🌺
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#buddha
@speakdhurandhar यही समस्या है आप सभी लोगों की,
न तो सत्य का पढ़ेंगे और न सत्य को परखेंगे
बस दूसरे को झूंठ बताकर अफवाहों के बाजार तैयार करेंगे।।
मै आपको चुनौती देता हूं कि जो मैंने लिखा है उसे तथ्यों और सबूतों के साथ झूंठा साबित करें।
न सबूत न प्रमाण
सिर्फ अफवाह फैलाना लोगों का धर्म बन गया है
@speakdhurandhar सभी को शिक्षा,दीक्षा,ज्ञान ब्राह्मणों,क्षत्रिय ने ही दिया था
बुद्ध के गुर
प्रथम गुरू-आलार कलाम
द्वितीय गुरु-उद्दक रामपुत्र।
अशोक के गुरु
चाणक्य की मृत्यु के बाद उनके शिष्य राधागुप्त,
भीमराव रामजी आंबेडकर के गुरु
१.कृष्णा जी केशव
२.ब्राह्मण शिक्षक पेंडसे थे,
इतना पर्याप्त है
देश के विभिन्न राज्यों में अनुसूचित जाति वर्ग के टॉपर :
मध्यप्रदेश 12वीं बोर्ड (कला वर्ग) टॉपर 2026- आकाश अहिरवार (जाटव)
राजस्थान 12वीं बोर्ड टॉपर 2026 : सोनू मेहरा (जाटव)
उत्तराखण्ड 10वीं बोर्ड टॉपर 2026 : अक्षत गोपाल (जाटव)