बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा प्रदेश में संचालित प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत समस्त 1.43 लाख शिक्षामित्रों की मानदेय में बढ़ोतरी (₹10,000 से बढ़ाकर ₹18,000 प्रतिमाह) के उपलक्ष्य में आज जनपद गोरखपुर में आयोजित 'शिक्षामित्र सम्मान समारोह' में सम्मिलित हुआ।
इस अवसर पर विद्यार्थी नेतृत्व आधारित प्रार्थना सभा गतिविधि कैलेंडर 'अरुणोदय' का विमोचन भी किया।
आप सभी शिक्षक हैं, अभिभावक जिस अटूट विश्वास के साथ अपने बच्चों को आपके पास भेजते हैं, उन बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें एक आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी आपके ऊपर है।
सभी शिक्षामित्र बहनों-भाइयों को हार्दिक बधाई।
@myogiadityanath ग्राम पंचायत में बने सचिवालय में कार्यरत पंचायत सहायक जो ग्राम पंचायत की नींव की रीड बने हुए हैं उनका मानदेय भी देख ले श्रीमान एक बार ₹6000 में नौकर बनकर रह रहे हैं कृपया उनका मानदेय बढ़ाया जाए
@myogiadityanath श्रीमान ग्राम पंचायत स्तर पर सरकार के सभी विभागों की सुविधा ग्रामीण लोगों को उपलब्ध कराने वाला सबसे उपेक्षित पंचायत सहायक का भी सोच लेते कुछ । वही सबसे ज्यादा परेशान है अपने मानदेय के कारण
@psunionup@mopr_goi@oprajbhar
@myogiadityanath यूपी में सबसे कम मानदेय पर कोई काम कर रहा है तो वह ग्राम पंचायत स्तर पर तैनात पंचायत सहायक है जो मात्र 6000 पर कार्य करने को मजबूर है उसी की वजह से ग्राम पंचायत सशक्त बन रहीं हैं जो खुद सशक्त नहीं बन पा रहा कृपया पंचायत सहायक के बारे में भी सोचें @psunionup@uppanchayatiraj
@myogiadityanath पर श्रीमान ग्राम पंचायत स्तर पर काम करने वाले पंचायत सहायक जिन्होंने आयुष्मान कार्ड बनाने में अपनी जान लगा दी उनको यह लाभ क्यों नहीं दिया गया वह जो न्यूनतम वेज से भी कम पर कार्य कर रहे हैं उनका मानदेय बढ़ाने का और उनका नाम न लेने का क्या कारण है
कोई भी शिक्षक हो, उच्च शिक्षा, माध्यमिक, बेसिक या शिक्षामित्र, अनुदेशक व शिक्षणेत्तर कर्मचारी...
हम लोगों ने इनको ₹5 लाख तक की कैशलेस स्वास्थ्य की सुविधा उपलब्ध करवाई है,
1 अप्रैल से यह लागू भी हो जाएगा...
@myogiadityanath पर जो पंचायत सहायक 6000 के अल्पमंडेय पर काम करके ग्राम पंचायत विकसित कर रहे हैं। उनके लिए कोई काम नहीं किया जा रहा।उनके बारे में भी कुछ सोचिए सर
वर्तमान में 1 करोड़ 6 लाख निराश्रित महिलाएं, वृद्धजन और दिव्यांगजन यूपी के अंदर ₹12,000 सालाना पेंशन की सुविधा प्राप्त कर रहे हैं,
सरकार इसको बहुत जल्दी बढ़ाने जा रही है, हमने बजट दे दिया है...
@myogiadityanath@UPGovt श्रीमान वह पंचायत सहायक जो ₹6000 के मानदेय के लिए भी 6 महीने तक इंतजार करते हैं और जिनके जीवन यापन करना भारी है उनका मानदेय बढ़ाने पर भी जोर दे लेते
.@UPGovt ने उच्च शिक्षा में बेटियों के लिए खासतौर पर जो हमारी मेरिटोरियस छात्राएं हैं, उन बालिकाओं के लिए स्कूटी देने के कार्यक्रम के लिए भी धनराशि की व्यवस्था इस बजट में की है...
@Mayawati Up में पंचायत सहायक 6000 रुपए में काम करते हैं जो न्यूनतम वेज से भी काम है और 6000 का मानदेय भी 6-6 महीने तक नहीं मिलता कृपया इस विषय को संज्ञान में लेकर विधानसभा में उठाएं
उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज पेश किया गया सन् 2026-27 का बजट लोक लुभावना ज्यादा तथा जनता के वास्तविक उत्थान एवं प्रदेश में सर्वसमाज व सभी क्षेत्र के विकास का कम प्रतीत होता है। फिर भी जो घोषणायें व आश्वासन आदि जनता को देने का प्रयास किया गया है उसकी सही से समयबद्ध तरीके से अमल जरूर हो ताकि ये केवल कागजी न रह जायें।
साथ ही, पिछले वर्ष के बजट का ज़मीनी क्रियान्वयनों का सही डाटा देकर बजट भाषण की परम्परा को वाकई में ठोस व विश्वसनीय बनाया जाता तो यह उचित होता, जबकि वर्तमान बजट भी अख़बारों की सुर्ख़ी बटोरने वाला ज्यादा प्रतीत होता है, जिससे एक बार फिर लोगों को अपने ’अच्छे दिन’ की उम्मीदों पर पानी फिर गया लगता है। वैसे भी उत्तर प्रदेश के लोगों को स्थाई आमदनी वाली रोज़गार व्यवस्था का इंतज़ार बना हुआ है, जिसको लेकर गंभीरता एवं सक्रियता आवश्यक।
इस सम्बंध में एससी, एसटी व ओबीसी आरक्षण पर भी सरकार का समुचित ध्यान देना ज़रूरी है। बैकलाग की भर्ती की भी जितनी जल्दी पूर्ति हो उतना बेहतर होगा।
वैसे भाजपा सरकार अगर बी.एस.पी. की चारों सरकार की तरह ’सर्वजन हिताय व सर्वजन सुखाय’ की संवैधानिक दायित्व को निष्ठा व ईमानदारी से निभाने का प्रयास करे तो यह देश व जनहित में उचित होगा। बजट भी इस दिशा में ही होना चाहिए अर्थात् बजट वर्ग व क्षेत्र विशेष का हितकारी तथा ख़ासकर करोड़ों ग़रीब एवं किसान-विरोधी ना होकर उनके जीवन सुधार का माध्यम हो तो यह सही होगा।
राजस्थान प्रदेश सहित तीन राज्यों की बैठक
इसके साथ ही, अखिल भारतीय स्तर पर पार्टी द्वारा गतिविधियों को अनवरत जारी रखने की प्रक्रिया में आज राजस्थान प्रदेश सहित तीन राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारियों की बैठक में उन तीनों राज्यों की अलग-अलग से हुई बैठक में वहाँ के राजनीतिक हालात के मद्देनज़र पार्टी संगठन की तैयारी तथा सर्वसमाज में पार्टी के जनाधार को बढ़ाने के लिये दिल्ली में हुई पिछली बैठक में दिये गये दिशा-निर्देशों के प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गयी तथा उन राज्यों के लोगों से अपने अच्छे दिन लाने के लिये यूपी की तरह पार्टी संगठन को मज़बूत बनाकर सत्ता प्राप्ति की ललक पैदा करने का आह्वान किया गया ताकि परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर द्वारा जबरदस्त मेहनत एवं संघर्ष के बाद ख़ासकर ’बहुजन समाज’ के लोगों को आत्म-सम्मान व स्वाभिमान के साथ जीने हेतु आरक्षण सहित जो अनेकों संवैधानिक अधिकार मिले हैं उनका सही से लाभ उन्हें मिल सके, जैसाकि यूपी में बी.एस.पी. की रही चारों सरकारों में उन्हें पहली बार मिलने की सुखद अनुभूति हुई।
@Aamitabh2 उत्तर प्रदेश में अगर कोई सबसे कम मानदेय पर काम कर रहा है तो वह पंचायत सहायक है सर कृपया पंचायत सहायक को का मानदेय जो सिर्फ 6000 है जो न्यूनतम वेज से भी काम है कृपया उसके बारे में भी सरकार का ध्यान आकर्षित करें
सुप्रीम कोर्ट से उत्तर प्रदेश में अनुदेशकों के लिए बड़ी प्रसन्नता की खबर आई है-- अब संविदा अवधि समाप्त होने के बाद भी अनुदेशकों की नौकरी खत्म नहीं होगी ---- साथ ही अब अनुदेशक 17 हजार रुपये मासिक का मानदेय पाएंगे ---
आपदा मित्र के रूप में जो स्वयंसेवक कार्य करेंगे, उन्हें हम उत्तर प्रदेश में होमगार्ड की भर्ती में प्राथमिकता देंगे...
वर्तमान में 45,000 होमगार्ड की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है...
दीपावली के पावन पर्व से पूर्व प्रदेश के 14.82 लाख राज्य कर्मचारियों को बोनस प्रदान किया जाएगा।
वेतन मैट्रिक्स लेवल-8 तक के कार्मिकों को 30 दिन की परिलब्धियों के आधार पर प्रति पात्र कर्मचारी ₹6,908 तक का बोनस प्राप्त होगा।
कर्मचारियों की निष्ठा, परिश्रम और योगदान के प्रति @UPGovt का यह एक उपहार है।
आप सभी को हार्दिक बधाई!
हर सफाई कर्मचारी/संविदा कर्मचारी को अब पैसा आउटसोर्सिंग कंपनी नहीं देगी बल्कि सरकार का कॉरपोरेशन सीधे उनके अकाउंट में पैसा देगा...
स्वच्छता कर्मियों को ₹5 लाख का स्वास्थ्य बीमा का कवर भी देंगे...
@myogiadityanath पंचायत सहायकों ने आशा एएनएम व स्वच्छता कार्मिकों से ज्यादा आयुष्मान कार्ड बनाएं लेकिन पंचायत सहायकों को आयुष्मान कार्ड नहीं दिया गया उनका मानदेय 6000 है कुत्तों की तरह उनसे काम लिया जाता है उनका मानदेय बढ़ाने की भी कृपा करें। इसके साथ फार्मर रजिस्ट्री और एग्रीस्टॉक भी कर रहे हैं
@myogiadityanath पंचायत सहायक मिनिमम वेज से भी काम में काम कर रहे हैं रुपए 200 प्रतिदिन की दर से जो महीने में 6000 होता है और साल में 72000 तो किस तर्क से यह उत्तर प्रदेश की औसत आमदनी 120000 के आसपास है।
पंचायत सहायकों की मानदेय वृद्धि की जाए कम से कम ₹30000
राज्य कर्मचारियों के हितों का संरक्षण हमारी शीर्ष प्राथमिकता है।
उसी क्रम में आज उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा राज्य कर्मचारियों को 53% की दर से प्रदान किए जा रहे महंगाई भत्ता को दिनांक 01.01.2025 से 55% किए जाने का निर्णय लिया गया है।
इस निर्णय से लगभग 16 लाख कर्मचारी लाभान्वित होंगे।
आप सभी को हार्दिक बधाई!
इस बजट में आउटसोर्सिंग कार्मिकों को ₹16,000-₹18,000 प्रतिमाह दिए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की है...
इसके लिए हम लोग एक आउटसोर्सिंग कॉरपोरेशन का भी गठन करने जा रहे हैं...
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के द्वारा आज केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों के लिए 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को दी गई मंजूरी अभिनंदनीय है।
'विकसित भारत' के निर्माण के लिए समर्पित केंद्र सरकार के करोड़ों कर्मचारियों की आर्थिक उन्नति को सुनिश्चित करता यह कल्याणकारी निर्णय उनकी जीवन शैली को बेहतर बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
महाकुम्भ के पावन अवसर पर करोड़ों कर्मचारियों को लाभांवित करते इस निर्णय के लिए उत्तर प्रदेश में कार्यरत केंद्र सरकार के सभी कर्मचारियों की ओर से प्रधानमंत्री जी का हार्दिक आभार!
@myogiadityanath लेकिन वही कंप्यूटर ऑपरेटर अपने मानदेय से परेशान होकर आपसे उसे बढ़ाने की विनती नियमित तौर पर कर रहा है परंतु एक दिहाड़ी मजदूर से भी कम पैसों पर कार्य करने को विवश है मानदेय प्रणाली को राज्य पोषित करके 30000 किया जाए एवं उन्हें सरकारी कर्मचारी नियुक्त किया जाए
@oprajbhar
आज उत्तर प्रदेश की 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों में ग्राम सचिवालय लगभग बन चुके हैं और इनमें इंटरनेट की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा चुकी है।
वहां पर ग्राम पंचायत सहायक के रूप में कंप्यूटर ऑपरेटर भी नियुक्त किए जा चुके हैं...