
युवा बिहारी नीतीश
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युवा बिहारी नीतीश
@YourNitish9
परित्राणाय साधूनाम् विनाशाय च दुष्कृताम्। #मानवतावादी #PG STET CTET #Industrialization_in_Bihar #बिहार_मांगे_95_प्रतिशत_डोमिसाइल




राजपूत रेजिमेंट के जवान जो कश्मीर में रहकर देश की सेवा कर रहे हैं, भाजपा के सांसद भोले सिंह द्वारा सरंक्षण प्राप्त भाजपा समर्थित चेयरमैन ने रातों रात जमीन कब्जा कर ली है, इन हरामखोर माफियाओं से देश की सीमा पर हमारी रक्षा करने वाले जवान भी सुरक्षित नहीं है।





भाजपा के दरभंगा जिला महामंत्री अमित झा अस्पताल में एक बेड न मिलने की वजह से ईलाज के अभाव में तड़प-तड़प के मर गए। वो 8 घंटा पटना एम्स के पोर्टिको में स्ट्रेचर पर तड़पते रहे, उनकी पत्नी और परिवार भाजपा नेताओं को फोन करती रह गई, किसी ने एक बेड तक दिलाने में मदद नहीं किया, आखिरकार अमित झा मर गए। पार्टी के लिए दिन-रात एक करके कार्य करने वाले अपने कार्यकर्ताओं का भाजपा कैसे ख्याल रखती है, उसका ये उदाहरण है। अमित झा भाजपा दरभंगा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री रहे थे, डरहार गांव के निवासी थे, पार्टी के लिए दिन-रात एक करके कार्य करने वाले समर्पित कार्यकर्ता थे। लेकिन जब उन्हें मदद की जरूरत थी तो दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी भाजपा का कोई नेता उनके काम नहीं आया। जब अमित अस्पताल में स्ट्रेचर पर बेड का इंतजार कर रहे थे, तब उनकी पत्नी ने दरभंगा सांसद गोपाल जी ठाकुर, दरभंगा विधायक सह भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी, दरभंगा से राज्यसभा सांसद धर्मशीला गुप्ता, हरि साहनी समेत भाजपा के तमाम वरिष्ठ नेताओं को बारबार कॉल करके एक बेड दिलाने का रिक्वेस्ट किया। सबने मदद का आश्वासन और 10 मिनट बाद कॉलबैक करने का भरोसा दिया। उनकी पत्नी इंतजार करती रह गई, बार-बार कॉल करती रही लेकिन कहीं से कोई मदद नहीं मिला, नेताओं ने फोन तक उठाना बंद कर दिया और आखिर में अमित तड़प तड़प के स्ट्रेचर पर ही मर गए। जब अमित झा के मौत की खबर फैली, तब भाजपा के इन सभी नेताओं ने फेसबुक पर शोक संदेश और श्रद्धांजलि व्यक्त किया, अमित के घर फोटो खिंचाने गए लेकिन जब मदद की जरूरत थी तब कोई नहीं था। अमित का एक 12 साल का बेटा है, उसने सबके सामने नेताओं से कहा "यदि एक बेड दिला देते तो आज पापा जिंदा रहते और आप लोगों को नहीं आना पड़ता"। खुद को कार्यकर्ताओं की पार्टी कहने वाली भाजपा का उनके कार्यकर्ताओं के प्रति कैसे बर्ताव है, अमित झा की मौत इसका स्पष्ट उदाहरण है। और जो भाजपा अपने कार्यकर्ताओं को इस तरह अपने हाल में छोड़ देती है, उसके नेता आम जनता की किस तरह मदद करते होंगे, ये सोचने की बात है।

@Samastipur_Pol @bihar_police क्या हो रहा ये सब?मेरा तो एक बार हेलमेट ही रख लिया था पुलिस,और बोला कि जब पैसे दोगे तब हेलमेट ले जाना,ऑनलाइन चालान नहीं काटता येलोग,सबको कैश में चाहिए बिना नेम प्लेट सड़क पर वाहन जाँच करती है हथौड़ी थाने की डायल 112 की पुलिस




कालाधन आये तो 50 साल तक टैक्स नही देना होगा॥






