The Equal Ground

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Katılım Ekim 2025
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SC/ST एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट की व्याख्या का CPI ने किया विरोध, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के महासचिव डी. राजा बोले: “निजी जगह पर हुआ जातीय उत्पीड़न भी अपराध है” पढ़िये पूरी ख़बर 👇 facebook.com/share/1Kzvxcnv… #SCSTAct #communist #supremecourtofindia
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हरियाणा के पहलवान अंकित बैयनपुरिया ने सुनाई जातिगत भेदभाव की कहानी PM मोदी के साथ मंच साझा कर चुके फिटनेस इन्फ्लुएंसर बोले, अखाड़ों में जाने से पहले पूछी जाती थी CASTE, कई बार जानबूझकर पहुंचाई गई चोट देखिये पूरी खबर 👇 youtube.com/shorts/3X4c7zn… #AnkitBaiyanpuria
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उत्तराखंड में दलित भाइयों पर हमला, “पानी पीने” को लेकर विवाद का आरोप, शादी समारोह के दौरान दलित युवकों के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। शादी में DJ चला रहे युवक ने पानी पी लिया, जिसके बाद जातिसूचक गालियां देते हुए हमला किया गया। पढ़िये पूरी खबर 👇 facebook.com/share/p/1CQ1ih…
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Dalit Times | दलित टाइम्स
शांति, करुणा और ज्ञान का संदेश देने वाला बुद्ध पूर्णिमा का यह दिन केवल आस्था का नहीं, बल्कि जागरूकता और सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक है। गौतम बुद्ध ने मानवता को तर्क, समानता और अहिंसा का मार्ग दिखाया- एक ऐसा मार्ग जो अन्याय और भेदभाव के विरुद्ध खड़ा होता है। उनके विचार हमें समाज में प्रेम, भाईचारे और न्याय की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। जय भीम। नमो बुद्धाय। 🙏 @_TheEqualGround #BuddhaPurnima #NamoBuddhay #JaiBhim #DrAmbedkar #Buddha #SocialJustice #Buddhism #TrendingIndia #FestivalOfPeace
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जिन्होंने वोट दिया, क्या अब उन्हें न्याय मिलेगा? बंगाल ने सरकार बदल दी, क्या दलितों की हालत भी बदलेगी? बंगाल की राजनीति में बड़ा उलटफेर हो चुका है। इस बार भारतीय जनता पार्टी 294 में से करीब 185+ सीटों पर बढ़त के साथ स्पष्ट बहुमत की ओर बढ़ती दिख रही है, जबकि तृणमूल कांग्रेस करीब 90 सीटों तक सिमटती नजर आ रही है। याद रखना होगा कि यही वह बंगाल है, जहां 2016 में 3 सीटों से शुरू होकर बीजेपी 2021 में 77 सीटों तक पहुंची, लेकिन सत्ता से दूर रही। इसके बाद राज्य में व्यापक पोस्ट-पोल हिंसा की घटनाएं सामने आईं। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को सैकड़ों शिकायतें मिलीं, जिनमें हत्या, यौन हिंसा, आगजनी और जबरन पलायन जैसे गंभीर आरोप शामिल थे। इन मामलों में बड़ी संख्या उन लोगों की बताई गई जिन्हें बीजेपी समर्थक माना गया, जिनमें दलित और आर्थिक रूप से कमजोर तबके के लोग भी शामिल थे। इसी दौरान एक बड़ा आरोप यह भी सामने आया कि चुनाव खत्म होने के बाद बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व दिल्ली लौट गया और ज़मीनी स्तर पर कई समर्थक, खासकर दलित परिवार, खुद को असुरक्षित और अकेला महसूस करते रहे। अब जब सत्ता परिवर्तन लगभग तय है, तो यह सिर्फ राजनीतिक जीत नहीं, बल्कि एक अहम परीक्षा है। जिन लोगों ने अपने लोकतांत्रिक अधिकार का इस्तेमाल किया और उसके बाद हिंसा, डर और विस्थापन का सामना किया, क्या उन्हें अब न्याय मिलेगा। क्या दलित समर्थकों की सुरक्षा, पुनर्वास और सम्मान की बहाली नई सरकार की प्राथमिकता बनेगी। Dalit Times के नजरिए से यह सिर्फ सरकार बदलने की कहानी नहीं, बल्कि जवाबदेही का सवाल है। #DalitTimes #WestBengal #Electionresult2026 #DalitLivesMatters #PoliticalViolence #BJP
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“जाति भूलनी होगी, तभी सुधरेगी राजनीति” मोहन भागवत के बयान पर उठे सवाल RSS प्रमुख ने जाति और विवाह को लेकर दिया बयान, लेकिन सामाजिक न्याय और जमीन पर जारी भेदभाव को लेकर बहस तेज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत का जाति व्यवस्था और राजनीति को लेकर दिया गया बयान एक बार फिर चर्चा में है। लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि “जाति भूलनी होगी, तभी राजनीति सुधरेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि विवाह को सिर्फ निजी संबंध नहीं बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी के रूप में देखा जाना चाहिए। भागवत ने अपने संबोधन में कहा कि समाज में जाति आधारित सोच कमजोर होगी तो जाति आधारित राजनीति भी बदलने लगेगी। उन्होंने यह भी दावा किया कि RSS में किसी स्वयंसेवक से उसकी जाति नहीं पूछी जाती और सभी को एक समान माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में भी मोहन भागवत कई बार सार्वजनिक मंचों से जातिगत भेदभाव खत्म करने की बात कह चुके हैं। हालांकि, उनके इस बयान के बाद सामाजिक न्याय और बहुजन मुद्दों पर काम करने वाले लोगों के बीच कई सवाल फिर उठने लगे हैं। आलोचकों का कहना है कि भारत में जाति सिर्फ “मानसिकता” का विषय नहीं, बल्कि सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत ढांचे से जुड़ा मुद्दा है। उनका तर्क है कि जमीन पर आज भी दलित उत्पीड़न, सामाजिक बहिष्कार, मंदिर प्रवेश विवाद, सीवर में मौतें और अंतरजातीय विवाहों को लेकर हिंसा जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों के अनुसार, अनुसूचित जातियों के खिलाफ अत्याचार के हजारों मामले हर साल दर्ज होते हैं। हाल के महीनों में राजस्थान, मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश समेत कई राज्यों में दलित दूल्हों को घोड़ी से उतारने, बारात रोकने और सामाजिक बहिष्कार के मामले चर्चा में रहे हैं। ऐसे में “जाति भूलने” वाले बयान को लेकर सोशल मीडिया पर भी तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि जाति भारतीय राजनीति की केंद्रीय वास्तविकताओं में से एक रही है। मंडल आयोग से लेकर आरक्षण और प्रतिनिधित्व की बहस तक, पिछड़े, दलित और आदिवासी समाज ने लंबे आंदोलनों के बाद संवैधानिक अधिकार हासिल किए हैं। इसी वजह से कई लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या सामाजिक बराबरी सिर्फ अपीलों से आएगी, या उसके लिए संस्थागत बदलाव और प्रतिनिधित्व पर भी गंभीर कदम जरूरी हैं। सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने भागवत के बयान का समर्थन करते हुए इसे सामाजिक समरसता की दिशा में जरूरी बताया, जबकि कई लोगों ने कहा कि जब तक जातिगत भेदभाव की वास्तविक संरचनाओं पर खुलकर बात नहीं होगी, तब तक ऐसे बयान अधूरे माने जाएंगे। #MohanBhagwat #RSS #CastePolitics #SocialJustice #DalitLivesMatter #Reservation #Bahujan #JaiBhim #CasteSystem #DalitTimes
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भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने अमेरिका दौरे के दौरान कैलिफोर्निया में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किया, कार्यक्रम में लगे जय भीम के नारे। #jaibhim #BabasahebAmbedkar #bhimarmy #chandarshekharazad #AmbedkarJayanti #america
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IIT बॉम्बे में 'अंबेडकर' की गूंज, छात्रों ने भरी नई ऊर्जा बाबासाहेब 'के नाम से IIT के कैंपस में दिखा जोश और एकजुटता #BabasahebAmbedkar #DrBRAmbedkar #AmbedkarJayanti #JaiBhim #iitbombay
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आप सभी से बस यही अपील है- इस मिशन को और मजबूत बनाइये, हमारी आवाज़ को और बुलंद कीजिये, क्योंकि ये लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं, पूरे समाज की है। जय भीम ✊💙 #DalitTimes #JaiBhim #AmbedkarJayanti #TheEqualGround
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साथियों जय भीम 💙 14 अप्रैल 2021 को बाबा साहेब की 130वीं जयंती पर हमने दलित टाइम्स की स्थापना की थी। संघर्ष करते हुए, बहुत सी मुश्किलों का सामना करते हुए आज हमने 5 साल पूरे कर लिये हैं। बहुत कुछ सीखा, बहुत कुछ झेला, लेकिन कभी हार नहीं मानी। इन पांच सालों में दलित टाइम्स की निष्पक्ष आवाज को दबाने के लिए बड़े-बड़े चैनलों के मनुवादी पत्रकारों ने बहुत साजिशें कीं, हमारे खिलाफ एजेंडा चलाया, हमारी team के साथियों को call करके डराया गया, नफरती tweet किये गये, उनके परिवार तक को धमकाया गया। लेकिन हम लोगों ने हार नहीं मानी क्योंकि हम बाबा साहेब अंबेडकर के विचारों को मानने वाले लोग हैं। बाबा साहेब के संघर्ष की कहानियाँ, उनकी किताबें और उनका जीवन हमेशा हमें प्रेरणा देता रहा। अगर हम पढ़-लिखकर यहाँ तक पहुँचे हैं तो pay back to society के नाम पर बस यही धुन थी कि समाज के लिए कुछ कर पायें। इसी उद्देश्य से हमने दलित टाइम्स शुरू किया। आप लोग देखते होंगे कि आज दलित उत्पीड़न की घटनाएँ ज्यादा नजर आ रही हैं। ये घटनाएँ पहले भी होती थीं, बस mainstream media इन्हें दिखाता नहीं था। लेकिन जबसे आप जैसे लोग, हम जैसे लोग social media पर active हुए हैं और इन घटनाओं को जोर-शोर से उठाने लगे हैं, तबसे ये सामने भी आ रही हैं और न्याय भी मिल रहा है। आज हम बाबा साहेब के दिखाये रास्ते पर चल रहे हैं। बाबा साहेब ने कहा था कि दलितों का अपना मीडिया होना चाहिए, और हम उसी मिशन को आगे बढ़ा रहे हैं। अब इसी उद्देश्य से हमने @_TheEqualGround शुरू किया है। आप सभी से बस यही अपील है- इस मिशन को और मजबूत बनाइये, हमारी आवाज़ को और बुलंद कीजिये, क्योंकि ये लड़ाई सिर्फ हमारी नहीं, पूरे समाज की है। जय भीम ✊💙 #DalitTimes #JaiBhim #AmbedkarJayanti #TheEqualGround

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दलित एंव महिला उत्थान के लिए सदैव समर्पित रहे महान समाज सुधारक महात्मा ज्योतिबा फुले जी की जयंती पर शत शत नमन: 🌼🌼🌼 @_TheEqualGround सत्यशोधक समाज की स्थापना करने वाले ज्योतिबा 'फुले को उनके जन्मदिन पर याद करना सिर्फ एक रस्म भर न जाए बल्कि हम सभी मिलकर उस सपने को पूरा करने का प्रण लें जो उन्होंने लिए था। । #JyotiraoPhule | #Trending | #MahatmaJyotibaPhule
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केरल के एट्टुमानूर विधानसभा क्षेत्र से 26 वर्षीय आशना मात्र 84 रुपये की कुल संपत्ति के साथ चुनावी मैदान में उतरी हैं। वे सीमित संसाधनों और चंदे के माध्यम से 10 हजार रुपये के बजट में चुनाव प्रचार कर रही हैं। यह प्रकरण राजनीति में धनबल बनाम सादगी की बहस को पुनः केंद्र में ला रहा है
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Women, Peace & Security Index 2025–26 181 देशों में भारत 131वें स्थान पर। डेनमार्क, आइसलैंड, नॉर्वे टॉप पर; अफगानिस्तान सबसे नीचे। क्या भारत देश महिलाओं के लिए सुरक्षित है? देखिये पूरी ख़बर 👇🏾 @DalitTime #WPSIndex #WomenSafety #IndiaRank #GenderEquality
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