
Bisht Jeevan
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पांच हजार साल पुरानी सभ्यता होती तो मालाएं पहना कर स्वागत होता।












हमने कहा था कि यहाँ के जल, जंगल, जमीन आधारित यहाँ की अर्थव्यवस्था हो जिसपर स्थानीय लोगों को अधिकार और हक़-हकूक मिले I उत्तराखंड की नीतियां हिमालय के आस्तित्व, हिमालयी पर्यावरण और हिमालयी परिस्थितिकी को लेकर बनाई जाएँ l हिमालयी पर्यावरण और परिस्थितिकी का संरक्षण केवल राज्य के लिए नहीं पूरे देश के लिए जरुरी है I वर्तमान में हिमालयी पर्यावरण और परिस्थितिकी को नज़रअंदाज़ करके जिस तरह का विकास किया जा रहा है, उससे हमारे जल, जंगल और पहाड़ को ख़तरा उत्पन्न हो गया है I उत्तराखंड के जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए विशेष भू-कानून की जरुरत है जिससे यहाँ कि सरकारें भू-माफियाओं के हाथों खेलती आ रही हैं और कभी भी सशक्त भू-कानून या हिमालयी परिस्थितिकी के अनुसार नीतियां लागू नहीं करी I उत्तराखंड के आस्तित्व को बचाने के लिए सशक्त भू-कानून और हिमालयी परिस्थितिकी के अनुसार नीतियां लागू करनी होंगी I जय हिमालय, जय उत्तराखंड #हिमालय #भू_कानून @UKD4Uttarakhand


