बांग्लादेशी हिंदुओं को बचाओ मोदीजी।🥹
अगर सैनिक कार्यवाही करनी पड़े तो करो मोदीजी।
पर उन्हें बचाओ। 🙏🏻
कहा गया मदनी? 🥹
कहाँ है ओवैसी?🥹
कहा है भांडियावुड़? 😭
कहा है टुकड़े टुकड़े गैंग के समर्थक? 🥹
आज मारने वाले उनके अपने है। और मरने वाले हम।
इसलिए यह सड़े हुए लोग हमारे समर्थन में आवाज नहीं उठाएँगे।
माननीय प्रधानमंत्री मोदीजी @narendramodi जी आपसे निवेदन है ले आओ बांग्लादेशि हिंदुओं को ले आओ हिंदुस्तान में।🙏🏻🥹
हम आपसे ही उम्मीद कर सकते है।🙏🏻🚩
श्रमेव जयते!
आज मेरे श्रमिक भाई-बहनों के लिए एक ऐतिहासिक दिन है। हमारी सरकार ने चार लेबर कोड लागू कर दिए हैं। आजादी के बाद यह श्रमिकों के हित में किया गया सबसे बड़ा रिफॉर्म है। यह देश के कामगारों को बहुत सशक्त बनाने वाला है। इससे जहां नियमों का पालन करना बहुत आसान होगा, वहीं ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा मिलेगा।
#श्रमेव_जयते
#ShramevJayatepib.gov.in/PressReleseDet…
घर वाले और रिश्तेदार बोलते थे हिंदू से शादी मत कर तेरा लाइफ बर्बाद हो जाएगा, वो औरतों की इज़्जत नहीं करते!
जब अपने हिंदू BF से शादी की तब पता चला ये लोग महिलाओं की देवी मानते है
अब ये इस्लाम छोड़ के पूरी तरीके से सनातनी हो गई है 🙏
पत्रकार: जाति जनगणना पर आपका क्या कहना है?
हेमन्त दा: हां मैंने असम में लागू कर दिया है जाति जनगणना.. सब मुस्लिमों की जाति जनगणना शुरू कर दी है.. जाति केवल हिंदुओं में थोड़ी है मुस्लिमों में भी है.. डंके की चोट पर शुरू कर दी है जाति जनगणना..
पत्रकार: आप तो हर काम डंके की चोट पर करते है.. 1200 से ज्यादा मदरसे बन्द करवा दिये,छत्तीस गढ़ के एक पूर्व मंत्री थे अकबर.. आप बोले उसको हटाना बहुत जरूरी है नहीं तो 100 अकबर ले आएगा
हेमन्त दा: वो तो लाते ही है, नहीं लाते क्या...?
😂😂😂😂😂😂🔥🔥🔥
असम में जब भी कांग्रेस की सरकार रही, उसने घुसपैठियों को जमीनें देने के साथ ही अवैध कब्जों को भी संरक्षण दिया। अब बीजेपी सरकार यहां के लोगों के साथ मिलकर इस चुनौती का मुकाबला कर रही है।
मैं ट्रेन से यात्रा कर रहा था तो एक भिखारी मेरे पास आया और बोला "अल्लाह के नाम पर कुछ दे दो बाबा"
मैंने नजर उठा कर निर्विकार भाव से उसे देखा और बोला "मैं अल्लाह को नहीं मानता" तो क्यों दे दूँ ?
उसने घुरकर मुझे देखा तो उसके बाद मैंने उसे प्रस्ताव दिया कि तुम "भगवान राम" के नाम पर मांगो तो मैं तुम्हें 50 रुपया दूँगा
इस पर वो मेरा मुँह ताकने लगा और ट्रेन के आसपास के लोग भी कौतूहल से हमें देखने लगे
फिर, मैंने अपने प्रस्ताव को और अधिक आकर्षक बनाते हुए कहा कि अगर वो भगवान राम के नाम पर मांगेगा तो मैं उसे "100 रुपया" दूँगा
लेकिन, वो भिखारी इसके लिए तैयार नहीं हुआ और भुनभुनाते हुए चला गया और मैं भी मन ही मन "उसकी कट्टरता को भांपकर, पेपर पढ़ने लगा
लेकिन, इस घटना से मुझे ये सीख मिल गई कि एक भिखारी जिसके पास खाने को कुछ नहीं है और भीख मांगकर अपना जीवन-यापन करता है, वो भी "धन के कारण, अपने धर्म से समझौता" नहीं करता है तो क्या हम हिन्दू एक भिखारी से भी ज्यादा गए-बीते हैं जो अपने निजी स्वार्थ (धन अथवा पद) की लालच में अपने धर्म से गद्दारी करने व सेक्युलर बनने को हमेशा एक पैर पर खड़े रहते हैं
सोचना अवश्य और हो सके तो अपने भटके दोस्तों एवं ग्रुप में जरूर भेजें ताकि वे अपने मन में मंथन या मनन जरूर करें 🙏
#hindu#awareness