amarjeet
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#JaateHueLamhon ❤️🩹
Ye Gaana Nahi Yaadein Hain …
#RoopKumarRathod Ji 🙏🏽
Ye Gaana Apka Tha , Apka Hi Rahega ! Apne Hume Aur Version Ko Itna Pyaar Diya Uske Liye Thank you 🙏🏽
Jaate Hue Lamhon ♥️
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अरे ओ त्रिपाठी, जी! ज़रा एक नज़र इधर डालो
मोहम्मद शमी:
अंसारी बुनकर/जुलहा : OBC मुस्लिम
2.जसप्रीत बुमरा:
बढ़ई OBC : रामघरिया सिख
3. मोहम्मद सिराज मंसूरी
कॉटन कार्डर : OBC मुस्लिम
4. सूर्य कुमार यादव
अहीर : OBC
5. कुलदीप यादव
अहीर : OBC
6. शुभमन गिल
जाट सिख : OBC
त्रिपाठी जी आरक्षण की ज़रूरत पड़ेगी मगर EWS आरक्षण की। अभी रुको 10 साल OBC और दलित ही इस टीम में जगह बना पाया करेंगे क्योंकि अब जात पात का खेल सबको समझ आ गया है, अब जो मेहनत करेगा वो आगे बढ़ेगा।
हर्ष वर्धन त्रिपाठी 🇮🇳Harsh Vardhan Tripathi@MediaHarshVT
अच्छा है कि, क्रिकेट टीम में खिलाड़ियों को #आरक्षण से नहीं, योग्यता से चुना जाता है। शुभ रात्रि #IndianCricketTeam #IndiaVsNewZealand #INDVSNZ
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बाहर बारिश हो रही थी और अन्दर क्लास चल रही थी, तभी टीचर ने बच्चों से पूछा कि अगर तुम सभी को 100-100 रुपये दिए जाए तो तुम सब क्या क्या खरीदोगे? किसी ने कहा कि मैं वीडियो गेम खरीदुंगा। किसी ने कहा मैं क्रिकेट का बेट खरीदुंगा। किसी ने कहा कि मैं अपने लिए प्यारी सी गुड़िया खरीदुंगी, तो किसी ने कहा मैं बहुत सी चॉकलेट्स खरीदुंगी। एक बच्चा कुछ सोचने में डुबा हुआ था। टीचर ने उससे पुछा कि तुम क्या सोच रहे हो? तुम क्या खरीदोगे? बच्चा बोला कि टीचर जी, मेरी माँ को थोड़ा कम दिखाई देता हैं तो मैं अपनी माँ के लिए एक चश्मा खरीदूंगा। टीचर ने पूछा, तुम्हारी माँ के लिए चश्मा तो तुम्हारे पापा भी खरीद सकते हैं, तुम्हें अपने लिए कुछ नहीं खरीदना? बच्चे ने जो जवाब दिया उससे टीचर का भी गला भर आया। बच्चे ने कहा कि मेरे पापा अब इस दुनिया में नहीं है। मेरी माँ लोगों के कपड़े सिलकर मुझे पढ़ाती हैं और कम दिखाई देने की वजह से वो ठीक से कपड़े नहीं सिल पाती है इसीलिए मैं मेरी माँ को चश्मा देना चाहता हुँ ताकि मैं अच्छे से पढ़ सकूँ, बड़ा आदमी बन सकूँ और माँ को सारे सुख दे सकूँ। टीचर ने कहा, बेटा तेरी सोच ही तेरी कमाई है। ये 100 रूपये मेरे वादे के अनुसार और ये 100 रूपये और उधार दे रहा हूँ। जब कभी कमाओ तो लौटा देना। और मेरी इच्छा है तू इतना बड़ा आदमी बने कि तेरे सर पर हाथ फेरते वक्त मैं धन्य हो जाऊं। 15 वर्ष बाद। बाहर बारिश हो रही है। अंदर क्लास चल रही हैं। अचानक स्कूल के आगे जिला कलेक्टर की बत्ती वालीगाड़ी आकर रूकती है। स्कूल स्टाफ चौकन्ना हो जाता है। स्कूल में सन्नाटा छा जाता है। मगर ये क्या? जिला कलेक्टर एक वृद्ध टीचर के पैरों में गिर जाते है और कहते है " सर मैं दामोदर दास उर्फ़ झंडू। आपके उधार के 100 रूपये लौटाने आया हूँ "पूरा स्कूल स्टॉफ स्तब्ध। वृद्ध टीचर झुके हुए नौजवान कलेक्टर को उठाकर भुजाओं में कस लेता है और रो पड़ता है। हम चाहें तो अपने आत्मविश्वास और मेहनत के बल पर अपना भाग्य खुद लिख सकते है और अगर हमको अपना भाग्य लिखना नहीं आता तो परिस्थितियां हमारा भाग्य लिख देंगी l

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रिटायर्ड IAS की पत्नी ने 8 साल बंधक रखा: दिव्यांग बोली- जीभ से फर्श साफ करवाया, पेशाब पिलाई; सालों से सूरज की रोशनी नहीं देखी
dainik-b.in/MmBGDBzpUsb
#Ranchi

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@Profdilipmandal राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, up इत्यादि बहुत से राज्यों में सभी जातियों के श्मशान घाट अलग अलग होते हैं। इसमें जातिवाद की बात कहां आ गई?
मेरे गांव में ब्राह्मण, राजपूत, स्वामी, मुस्लिम, कुम्हार, सिद्ध, लुहार जाति है और सभी के श्मशान घाट अलग अलग है।
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@yadavakhilesh नेटा जी,,,अगर किसी इंडियन आर्मी जवान वाले के घर तिरंगा नहीं मिलता है तो क्या 🤔🤔
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