anjafi

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@anjafi

Energy healer, Painter, Poet, Professor, Gardner,Creator

Katılım Ağustos 2022
86 Takip Edilen449 Takipçiler
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anjafi
anjafi@anjafi·
कभी कभी इतनी उचक उठती है कि स्टेशन जाकर सामने खड़ी किसी भी ट्रेन में चढ़ जाँऊ किसी छोटे से अंजान से सूने स्टेशन पर गई रात उतरूँ चाय की थड़ी से दो चाय लूँ जिस बेंच पर कोई अकेला बैठा हूँ उस अंजान के साथ बैठ चाय पीते पीते अपने सारे वाजिब ,नावाजिब राज उगल दूँ, जिस जिस को देनी है
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anjafi
anjafi@anjafi·
नया साल चढ़ती उम्र का एक और पत्थर ऊब के धूप की चिलचिलाहट है आशाओं के अमूर्तन का हरा लगाव के पतझड़ की हकलाहट है बीते पलों की बची पुलक गहराते अकेलेपन की झुंझलाहट है आते से पिछले का कुछ ज्यादा ये लम्हा बस रस्मी झिलमिलाहट है AT
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anjafi
anjafi@anjafi·
भीतर कोई आंख है जो कहती है थमो,यह मत देखो दूसरे ने क्या कहा यह देखो कि उसने तुम में क्या बदलाव किया जिंदगी में जिनसे नहीं बनी वह सिर्फ हमारे दुश्मन नहीं थे,शायद गुरु ही रहे होंगे जो रूप बदल कर हमारे अच्छे के लिए हमसे मिलते रहे वास्तव में स्व को रचना थिर हो जाना है...
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anjafi
anjafi@anjafi·
सिवाय मुझे प्रेम करने के, और बस एक दिन आकण्ठ डूब जाओगे...!!! स्वयं को इतना आज़माने के बाद फिर समाधि में बैठ सिर्फ सोचूँगी ईश्वर फिर उस दिन से ,मैं कहीं ना होगी अंतत: दिव्यता भरा एक उजास होगा....!!! AT
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anjafi
anjafi@anjafi·
किसी दिन लिखूँगी जब भी उजास इतनी शिद्दत से मुआ अंधेरा भी अपने हाथ की नसें काट लेगा..! फिर लिखूँगी उसी रौ में बारिशें सहरा भी ना जाने कितने पुष्करों में बँट कर एक दिन स्वयं मानचित्र से विलुप्त हो जायेगा...! अब लिखूँगीं गहराई में डूब प्रेम तुम कुछ भी नहीं कर पाओगे
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T Rajneesh टी रजनीश🇮🇳
दिन विशेष की अशेष शुभकामनाएँ अंजना जी 💐 रचनाधर्मिता का तेज़ बना रहे 🙏 @anjafi
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anjafi
anjafi@anjafi·
@ashtiwari06 आभार बच्चा….🌸🙏
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देहाती
देहाती@ashtiwari06·
@anjafi जन्मदिन की ढेर सारी शुभकामनाएं Ma'am 💐🎁
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anjafi@anjafi·
@sudharun49 आभार, अरूण जी….
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स्पर्श
स्पर्श@sudharun49·
@anjafi जन्मदिन की बधाई और शुभकामनाएं अशेष..अंजना जी. सदैव खुश,स्वस्थ और रचनाशील बनी रहें.🎉🎂💐
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anjafi
anjafi@anjafi·
वो याद आता रहा टीस के कारण ग्लानि के कारण कसक के कारण सीख के कारण उसकी याद के ठीक पीछे चला आता कोई एक बेहद निजी पल टूटता अपना हिस्सा जिसमें ख़ुद पर ग्लानि खुद ही होती टूटते बहते सब निकला जो बचा वो प्रेम था जिसका नामो निशाँ अब कहीं नहीं था सच है प्रेम दुख की पीठ होती है AT
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anjafi
anjafi@anjafi·
उसे पता था मुझे एन्टीकस का शौक़ है, इसलिये इस दिवाली जब वो मिलने आया तो चमकती पन्नी में कुछ बेहद पुराने ख़्वाब चंद अधूरे वादे और बरसों पुरानी दबी हसरतें साथ लाया....... उम्र की मिलावट तो देखो, खोला तो कमबख़्त कुछ मज़बूर बंदिशों के अलावा अंदर कुछ नहीं निकला AT
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Shishir Som
Shishir Som@Shishir_Som·
जन्मदिन पर असीम शुभकामनाएं @trivedirajneesh भाई जिंदादिली और दोस्ती क्या होती है आपसे मिलने वाले जानें !
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anjafi@anjafi·
अब मक्खी से गुज़ारिश करते हैं मक्खी सो जाओ मुझे पहली बार पता लगा है मक्खी से बात भी की जा सकती है चिड़िया को ऐसे फोन से पुकारा जा सकता है जिसमें सिग्नल नहीं आते हों मानस भारद्वाज
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anjafi@anjafi·
मेरा ढाई साल का बच्चा अपने फोन से चिड़िया को फोन लगाता है और कहता है - चिया आओ ये अद्भुत बात है कि फोन नकली है ये कमाल बात है कि चिड़िया आती है वो रात को सोने से पहले मच्छरदानी पर बैठी मक्खी से बात करता है कि मक्खी सो जाओ उसके जन्म से पहले हम मक्खी को मार दिया करते थे
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anjafi@anjafi·
जब जीवात्मा के किवाड़ टूटने लगें कलयुगी केश झड़ने लगें अंग लपटों का साक्षी बनने लगें तब तुम सीने में बायीं तरफ भरोसे की अँजुरी धर खाली होते घर का वास्तुदोष खत्म कर देना अमावस रात्रि चन्द्रमा हथेली में देना झूठ बेशक नींद में मुस्कराए पर निर्जीव चेहरे माफ़ियों से मुस्कुराते हैं
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anjafi@anjafi·
एक टेबल पर सबको अपने दुःख रखकर बदलने का विकल्प दिया जाये तो लोग चुपचाप अपने दुःख उठा कर चल देंगे !!! Harish Mishra
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anjafi@anjafi·
किसी वक्त पर भरपूर जिया गया एक पल .........बाद में कितना बेमानी लगता है
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anjafi@anjafi·
कोई अच्छी फ़िल्म देखी अपनी मनचाही किताब को ख़त्म किया छत पर कबूतरों के पीछे-पीछे दौड़ लगाई और कुछ नहीं तो पानी में डुबो-डुबोकर पारले 'जी' खाया तुम्हारा नाम लेकर तुम्हारे बिना भी ख़ुश रहने के हज़ार तरीक़े हैं -------------- -पूनम सोनछात्रा
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anjafi@anjafi·
सहानुभूति एक निश्चित दूरी रखकर किया गया प्रेम है। ...................Maya Mrig
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anjafi@anjafi·
सतह से तलहटी के बीच जो जादू जगमगाता है वो नहीं दिखता। अगर हमें एक ही जीवन मिला है तो जीवन के भीतर जीवन की तलाश हम क्यों नहीं करते हैं? Dinesh Shrinet
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anjafi@anjafi·
जब हम समझदार होते हैं तो अमूमन पहले सवाल पर ही रुक जाते हैं पहले सवाल पर रुक जाना समझदारी कहलाती है जीवन के बारे में, लोगों के बारे में, प्रकृति के बारे में। इसलिए ज्यादा मैच्योर और दुनियादार समझे जाने वाले लोग कठोर और ठस से होते हैं। उन्हें या तो सहत दिखती है या तलहटी दिखती है
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anjafi@anjafi·
मरण कहे बिना स्मरण का उच्चारण पूरा नहीं होता। हम सिर्फ़ उन्हीं पलों को याद कर सकते हैं, जो मर चुके हैं। ख़ालीपन हमारे भीतर कंपकंपाता है, फिर आहिस्ता-आहिस्ता थिर हो जाता है। - गीत चतुर्वेदी
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anjafi@anjafi·
पानी सूख जाता है, लेकिन फ़र्श पर शीतलता बनी रहती है। सूरज डूब जाता है, लेकिन अंधेरी हवा में तपिश बनी रहती है। तुम चली जाती हो, मेरे भीतर तुमसे संवाद बना रहता है। जो बचा रहता है, वह क्या है? शोक या उत्सव? फ़र्श पर बची शीतलता पानी का शोक है या उसकी स्मृति का उत्सव?
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