जब तक मैं फेसबुक पर रहा, हर दिन कोई न कोई पारिवारिक व्यक्ति मेरे लिखे पर टोका–टाकी करता रहता. खासकर, स्त्रियों के प्रति उनकी सोच बेहद दकियानूसी रहती. उनको समझाता. मगर वे समझते ही नहीं थे. फिर मैंने खुद को फेसबुक और रिश्तेदारों के जंजाल से मुक्त कर लिया.
यहां, ट्विटर, पर सुकून है.
इतने कवि
इतनी कविताएं
इतने शब्द
क्या करेंगे इत(नों) का
सोशल मीडिया की भीड़ में
सेकेंड्स भर में सब खो जाता है
कुछ याद नहीं रहता
किसने क्या, कब और कहां लिखा
ढेरों किताबें आती हैं, चली जाती हैं
छाप कोई नहीं छोड़ती
लुत्फ ये कि सब "बेस्ट सेलर" होने
की चाशनी चाटने में मशगूल हैं
करवाचौथ की रात।
पश्चिम बंगाल का एक छोटा स्टेशन — नलहटी।
रेलवे में काम करने वाले मेरे एक मित्र ने
मुझे ऐसी घटना बताई…
जिसे सुनकर आज भी
पटरियों के पास से गुजरते हुए
एक अजीब सी ठंडक महसूस होती है।
कहानी पढ़िए…
लेकिन अगर आप रात में अकेले हैं
तो शायद अभी मत पढ़िए।
#HorrorStory#RailwayMystery#IndianHorror#Karwachauth#GhostStory#HorrorThread
@anshulthoughts इस मुद्दे पर पहले भी मैंने कहा है, पुनः कह रहा हूं, रीच, सोशल मीडिया पर, एक तिलिस्म के अतिरिक्त कुछ नहीं. यहां कंटेंट, दरअसल, न देखा जाता है समझा सारा खेल हाइप और वायरल होने का है; किसी भी बहाने. रीच के कारण अच्छी और बेहतर चीजें सामने आ ही नहीं पातीं. और जो हैं, वो दिखती नहीं.
"X पर ओरिजिनल कंटेंट क्रिएटर या अच्छा लिखने वालों की बहुत बुरी स्थिति है।
जो लोग अपने दिल के अच्छे विचार, गहरी सोच या अनुभव शेयर करते हैं, उन्हें अक्सर reach ही नहीं मिल पाती।
आज मैं एक छोटी कोशिश कर रहा हूँ —
जो भी पोस्ट मुझे सच में पसंद आ जाएगी (original thoughts, motivational lines, poetic शब्द या life lessons), उसका मैं सौ प्रतिशत रिपोस्ट कर दूंगा!
अपनी पोस्ट या किसी अच्छे ओरिजिनल क्रिएटर की पोस्ट मुझे टैग करो या कमेंट में @username डाल दो।
एक लाइन क्यों पसंद है वो भी बता दो।
चलो, आज मिलकर अच्छे और ओरिजिनल लिखने वालों को सपोर्ट करें।
#OrijinalContent#HindiWriting#AnshulThoughts#WritingCommunity#HindiThoughts"
न मैं व्यंग्यकार हूं
न कवि
न लेखक
न बुद्धिजीवी
न चिंतक
मैं दरअसल पतंगबाज हूं
पतंग उड़ता हूं
डोर से बात करता हूं
चरखी पर अपनी दुश्चिंताएं लपेटा हूं
आसमान को अपने होने का पता देता हूं
मेरा बैग किस्म–किस्म के
उस्ताद कारीगरों की पतंगों से भरा रहता है
पतंगें मुझे सुकून देती हैं +
5/
कई बार नींद इसलिए नहीं आती क्योंकि दिमाग अभी भी सोचना चाहता है ❤️
इनमें से कोई एक आज रात ट्राई करो।
आपकी सबसे बड़ी समस्या क्या है?
A) दिन में नींद 😪
B) रात को दिमाग रेसिंग 💨
C) दोनों
कमेंट करो 👇
Repost अगर मददगार लगा ❤️
#SleepTips #नींद
1/
कभी ध्यान दिया है? 🤔
काम करते नींद आने लगती है 😪
लेकिन बिस्तर पर लेटते ही नींद गायब! 🌙❌
असल समस्या नींद की नहीं — दिमाग की है।
दिन में थक जाता है, रात को आज़ादी मिलते ही चिंता-यादें-आइडिया सब दौड़ने लगते हैं 🧠💨
दाड़ी/बाल कटवाने सैलून आ जाओ फिर कटने के बाद ब्लीच,मसाज वगैरह के लिए सैलून वाले ऐसे प्रेरित करते हैं सर आप हीरो लगने लगेंगे फलाने के जैसे लगने लगेंगे जैसे कस्टमर इनका फूफा हो जो सेवा परम धर्म समझते हों...अरे लब्ले नही बनना तुम्हारे इन च्यूतियापे से हीरो,जैसा हूँ वैसे ही ठीक हूँ !