Rubika Liyaquat@RubikaLiyaquat
FCRA Amendment Bill 2026
विदेशी फंडिंग, NGOs और कंट्रोल… मुद्दा बड़ा है, असर उससे भी बड़ा।
सरकार कहती है -
ये बिल “misuse” रोकने के लिए है।
₹22,000 करोड़ की विदेशी फंडिंग…
16,000 NGOs… जवाबदेही तो बनती है।
सरकार का तर्क साफ है:
• पारदर्शिता बढ़ानी है
• नेशनल सिक्योरिटी से No समझौता
• अगर FCRA लाइसेंस रद्द होता है, तो संपत्ति पर भी नज़र रखना ज़रूरी
यानी सिर्फ पैसे पर नहीं… पूरे सिस्टम पर निगरानी।
कांग्रेस और लेफ्ट कह रहे हैं:
• ये “कंट्रोल बिल” है, सुधार नहीं
• सिविल सोसायटी को दबाने की कोशिश
• NGOs और अल्पसंख्यक संस्थाओं को निशाना बनाया जा सकता है…
वक़्त-वक़्त पर दिखा है कि विदेशी फंडिंग सिर्फ पैसा नहीं होता
ये पावर, नैरेटिव और इन्फ्लुएंस का गेम है। भारत को फूँक-फूँक कर क़दम रखना ही चाहिए…