14 नवंबर 1954 को बाबासाहेब अंबेडकर ने कहा था "साधुओं को अगर लोगों के बीच आना है तो उन्हें ढंग से सुव्यवस्थित कपड़े पहनकर आना चाहिए"
बाबासाहेब अंबेडकर की हर एक बात पत्थर की लकीर है, इस पंडे को छोटी छोटी बच्चियों के सामने कपड़े पहनकर जाना चाहिए ।
ये लफ़्फ़ेबाज़ घटिया आदमी कहीं से भी साधु या संत, फ़क़ीर कहलाने लायक़ नहीं है, बाबा साहेब अंबेडकर के बारे में झूठ और अभद्र भाषा बोलकर ये अपनी कुंठित जातिवादी धूर्तता का प्रदर्शन कर रहा है. पुलिस ने इसके साथ जो किया वो सही किया…
@YashodaNandan18@bhuvii744@SamarRaj_ तू एक बाप की औलाद है तो बोल तेरा टिकट करवा रहा हू उस गांव का जिस गांव के नाम पर बाबा सहाब अम्बेडकर ने अपना नाम रखा था माधरचोद तुम लोग बिना गालियां खाए पेट का पानी नहीं पचता है
@bhuvii744@SamarRaj_ Kabhi koi chiz naali me gir jaye, pata ho hamari hi hai, phir bhi nahi uthate
Pata h gandi ho chuki hai, wahi haal upar wali baat ka le le
Thk h Bsdk
पहले तो डॉ अंबेडकर का नाम तमीज़ से ले लो अविमुक्तेश्वरानंद, नहीं सुधार दिए जाओगे।
दूसरा कि कचरा ज्ञान अपने पास रखो तुम जैसे जातिवादी शंकराचार्य बौद्धिज्म में प्रवेश भी नहीं पाओगे।
तीसरी बात, ये ग्रंथों का संस्कृत युग नहीं है, कुछ भी बोलकर अफ़वाह उड़ाओगे।
यह कठमुल्ला मुफ्ती शमील नदवी तो ख़तरनाक बंदा है, एक वीडियो में कह रहा है म्यूजिक हराम है दूसरे वीडियो में मस्त कार में म्यूजिक वाली रील बना रहा है,
यह अल्लाह का बंदा झूठा है, अब इससे कोई पूछेगा कि ऐसा क्यों किया तो यह कहेगा फ्री विल है 🤣🤣🤣
उत्तर प्रदेश जिला फिरोजाबाद क्षेत्र टूंडला ग्राम कातीकी में अराजकतत्वों ने बाबा साहब डॉ भीमराव अम्बेडकर प्रतिमा को खंडित किया गया है l छेत्र में दंगा होने की आशंका जताई जा रही है l
मामले को गंभीरता से लेने की शख्त जरूरत l @Uppolice@dgpup
अपने चमचों जैसा सबको समझा है?
जो ये ना समझ पाए की पूर्व CM व राष्ट्रीय पार्टी के पार्टी अध्यक्ष के ऑफिस से कोई कल का छोकरा बात करेगा बहन जी से बात करनी है। तो भास्कर जी, मेवालाल जी या मित्तल जी से बात करते या बहन जी के आवास पर फोन करो
सबकी आवाज हम कार्यकर्ता पहचान लेंगे ।
मुझे लगता है चंद्रशेखर आज़ाद जी को पहले बीएसपी के नेशनल कोआर्डिनेटर आकाश आनंद जी से सपंर्क करना चाहिये।
उसके बाद आकाश आनंद जी को जरूरी लगेगा तो वह बहनजी से मुलाक़ात जरूर करवा देंगे । @AnandAkash_BSP@BhimArmyChief
करोड़ों लोगों को इन्फ्लुएंस करने वाला एक फ्रॉड बाबा, रणवीर इलाहाबादिया और समय रैना की हत्या करने के लिए साफ़ साफ़ उकसा रहा है। कह रहा है इन्हें “साफ़” कर देना चाहिए। इसके ख़िलाफ़ कोई FIR या कोई एक्शन नहीं होगा? हत्या के लिए उकसाना क्राइम नहीं रहा?
अंग्रेज जब भारत पर राज करते थे,
तब भी उनकी ओर से हिंदुस्तानी आवाम पर जुल्म हिंदुस्तानी सिपाही ही करते थे,
जो अंग्रेजों की फ़ौज में भर्ती थे,
अंग्रेजी फ़ौज में नब्बे फीसदी सिपाही हिंदुस्तानी ही होते थे,
जो अपने ही लोगों पर दनादन गोली चलाते थे,
ये वीडियो देखकर उस दौर का प्रसंग याद आ गया,
@raviadi7793 कुछ भी गलत ना है ऐसा होना चाहिए था बहुत पहले लेकिन ये देर कर दिए एक दिन जरूर होगा हर मंदिर पर बौद्धों का कब्जा नहीं बल्कि वो उनका घर है बस कुछ दुष्ट लोग कब्जा किए हुए है
मनुस्मृति को लेकर इन दिनों जबर बहस छिड़ी हुई है,
बहुजन इसका बहिष्कार कर रहे हैं,
बहुत से लोग इसे सांकेतिक रूप से जला भी रहे हैं,
तो इस पर ब्राम्हण समाज के लोग भी कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं,
और जलाने वालों को धमका रहे हैं,
तो सभी मामलों का Expert होने के नाते इस ज्वलनशील मुद्दे पर मेरा ये सुझाव है कि,
निश्चित ही ये किताब बहुजनों के खिलाफ विष से भरी है,
लेकिन इस किताब से ब्राह्मण समाज की भावनाएं जुड़ी हैं,
ये ब्राह्मणों की Supremacy को बढ़ावा देती है,
इसलिए किसी की भावनाएं आहत मत कीजिए,
और ब्राम्हण समाज की इस किताब को सार्वजनिक रूप से अपमान मत कीजिए,