
डॉक्टरों को अपने ही सिस्टम से लड़ना पड़ेगा... उदयपुर में डॉ रवि शर्मा की मौत मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल के वाटर कूलर में आए करंट से हो गई लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका कहीं कोई उल्लेख नहीं किया गया है। मृतक भी डॉक्टर है और पोस्टमार्टम करने वाले भी डॉक्टर ही हैं लेकिन उन्होंने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में न तो कोई स्पष्ट कारण बताया है और न ही करंट से मौत का कुछ उल्लेख है। जबकि घटना रेजिडेंट्स के हॉस्टल में हुई और बहुत सारे रेजिडेंट्स इस घटना के गवाह भी हैं जो रवि को बचाने दौड़कर आए थे। वाटर कूलर में करंट कोई पहली बार नहीं आया। अन्य रेजिडेंस पहले भी वाटर कूलर में करंट आने की शिकायतें कर चुके थे लेकिन मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने इस और कभी ध्यान नहीं दिया। यह एक युवा डॉक्टर की आपराधिक लापरवाही के चलते हुई हत्या है। डॉक्टर और खास तौर से रेजिडेंट डॉक्टर एक संगठित कम्युनिटी है जो कम से कम अपने साथी के साथ हुए अन्याय के लिए के खिलाफ खड़ी तो हो सकती है, अन्यथा तो सरकारी सिस्टम का भगवान ही मालिक है। रेजिडेंट डॉक्टरों को अब अपने ही सिस्टम के खिलाफ लड़ना है और वह भी सिर्फ यह साबित करने के लिए कि उनके साथ ही की मौत आपराधिक लापरवाही से करंट के कारण हुई है। परिवार के लिए मुआवजा और अन्य लाभ की मांगें इस संघर्ष में कहीं पीछे छूट जाएंगी जो कि नहीं छूटनी चाहिए। डॉ रवि फिलहाल ग्रामीण क्षेत्र के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में कार्यरत थे और उन्हें दो दिन बाद ही मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में ज्वाइन करना था। यह बेहद शर्मनाक है की डॉक्टर रवि की मौत के कारणों को मेडिकल कॉलेज प्रशासन छुपा रहा है। राज्य सरकार को इस मामले में तत्काल दखल देकर डॉक्टर के परिजनों के साथ न्याय करना चाहिए। @BhajanlalBjp @RajCMO @GajendraKhimsar @sarkari_doctor @drajaychuru