बैंकवाला INDIA
46.6K posts

बैंकवाला INDIA
@bankwaladotcom
#banker retweets are not endorsements *If you like me raise your hands and if not raise your standard*
patal lok Katılım Mart 2021
1.2K Takip Edilen1.3K Takipçiler
Sabitlenmiş Tweet
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

Helle Lyng नोर्वे की पत्रकार ने आज एक बड़ा खुलासा किया है ,
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से नोर्वे दौरे के दौरान सवाल पूछने वाली हेले Helle Lyng ने आज नीलू पत्रकार को इंटरव्यू दिया , जिसमे उन्होंने भारत को लेकर बड़ी बात कह दी ,
Helle Lyng ने भारत के लोगो का शुक्रिया अदा करते हुए कहा ,
" मैं भारत में घूमना चाहती हूं लेकिन मुझे लगता है अभी सही समय नहीं है , लेकिन भविष्य में भारत आकर में घूमना पसंद करुँगी " ,


हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

काले अंग्रेज़ों के अत्याचार !
31 महीने उस व्यापारी को जेल में सड़ाया गया, ₹3300 करोड़ की कंपनी छीन ली गई, कारोबार तबाह कर दिया गया, और आखिर में अदालत ने साफ कह दिया—सबूत थे ही नहीं 😡😡
आरोप साबित करने लायक एक भी ठोस सबूत नहीं था, फिर भी एक कारोबारी की पूरी जिंदगी और उसकी कंपनी इसलिए बर्बाद की गई ताकि जमे-जमाए कारोबार टूटें, बाजार खाली हो, और फायदा “अदानी” को बिना मेहनत उसका मालिक बना दिया जाए ?
हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi

वीडियो में जो बंदा मुक्का मारते हुए दिख रहा है, वह रेलवे का TTE नहीं है बल्कि OBHS (सफाई) स्टाफ है।
इस घटना में यात्री का IPHONE भी टूट गया। ₹25,000 का नुकसान भी हो गया।
पूरी कहानी यह है कि एक पैसेंजर ने जनरल का टिकट लिया था,
लेकिन जनरल कोच में बहुत ज्यादा भीड़ होने के कारण वह स्लीपर कोच में चला गया।
वहां उसने इस स्टाफ से बात की कि उसे टिकट बनवाना है।
इस स्टाफ ने बोला कि ₹900 हमको दीजिए, हम आपका टिकट करवा देंगे।
पैसेंजर ने उसे ₹100 एडवांस दे दिए और बोला कि बाकी के ₹800 बाद में दे देगा।
लेकिन कुछ देर बाद पैसेंजर को लगा कि उसे TTE से ही सही टिकट बनवाना चाहिए।
उसने स्टाफ से बोला, आप मेरे ₹100 लौटा दीजिए, हम TT साहब से सही टिकट बनवा लेंगे।
बस इतनी सी बात पर वह स्टाफ भड़क गया।
उसने ₹100 तो लौटा दिए, लेकिन उसके बाद गंदी गालियां देनी शुरू कर दीं और पैसेंजर के साथ जमकर मारपीट की।
इसी मारपीट में पैसेंजर का आईफोन टूट गया और उसकी अच्छी से पिटाई कर दी गई।
यह सब सिर्फ इसलिए हुआ क्योंकि पैसेंजर अवैध सीट न लेकर,
रेलवे के नियम के मुताबिक TTE से सही टिकट लेना चाह रहा था।
यह पूरा मामला छपरा से गोमती नगर चलने वाली ट्रेन नंबर 15053 का है।
इसके बाद घायल यात्री ने कंप्लेंट करना शुरू किया।
जैसा कि लोगों को लगता है कि एक ट्वीट करने से तुरंत समस्या सुलझ जाती है, असल में ऐसा बिल्कुल नहीं है।
यात्री ने ट्वीट भी किया और इस घटना का वीडियो वाराणसी रेलवे वाले के व्हाट्सएप नंबर पर भी भेजा।
जब ट्रेन अपने आखिरी स्टेशन गोमती नगर पहुंची, तो यात्री ने वहां जाकर शिकायत की।
वहां उसे बोल दिया गया कि आप लखनऊ जाइए।
जब वह लखनऊ गया तो वहां के स्टाफ ने बोल दिया कि आप गोमती नगर जाइए।
बस इसी तरह उस पीड़ित यात्री को एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन घुमाया गया और अभी तक उसे कोई सॉल्यूशन नहीं मिला है।


हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi

Standing with Class 12 Students, CBSE’s Evaluation Failures Cannot Be Ignored
My daughter appeared for the Class 12 Board examinations this year. Although she has secured decent marks, she remains deeply disappointed with her results because she believes her performance in the papers was much better than the marks awarded.
We have obtained the scanned copies of all her answer sheets. On careful verification, we have identified significant discrepancies in four out of five subjects, including several correct answers marked as incorrect and many answers that have not been evaluated at all. We estimate that more than 20 marks can justifiably be awarded upon proper re-evaluation.
I fully understand the pain and frustration being faced by thousands of students across the country who are in a similar situation. In India, Board examinations are excessively glorified by society. Students are constantly judged and questioned about their marks by family and relatives, turning these results into a measure of their worth.
It is unfortunate that agencies like CBSE & NTA have failed to uphold basic standards of fairness in evaluation. While they expect 17–18-year-old students to endure immense mental pressure, they themselves seem unable to evaluate answer sheets with due diligence. This systemic failure has pushed many bright young students to the brink, with several losing their lives due to such issues.
We therefore request the CBSE to kindly undertake immediate re-evaluation of all such students, including my daughter, who have identified clear errors in their answer sheets and are expecting rightful improvement in marks.
I stand completely with these students and am ready to extend every possible help and support, including legal assistance, to ensure justice is delivered.
If the Board fails to address these genuine cases, we will have no option but to initiate appropriate court proceedings.


English
बैंकवाला INDIA retweetledi

बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

अक्षय कुमार तो अब हर रात पेट्रोल पंप के बाहर ही सो रहे होंगे.. पता नहीं कब दाम बढ़ जाए 😭😭😭
Akshay Kumar@akshaykumar
Couldn't even get to my house at nite for all of Mumbai was queuing up for #petrol before the prices rocketed again.
हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi

अब समय आ गया हैं कि देश में IAS IPS जैसे राजा वाले बड़े पद को खत्म कर दिया जाए , इनका आम आदमी से अब कोई सरोकार नहीं रह गया हैं !
तमिलनाडु में एक दस साल की बच्ची को अगवा कर उसकी हत्या कर दी जाती हैं ,
लेकिन IPS R. V. Ramya Bharathi मैडम प्रेस कॉन्फ्रेंस में नाखून रगड़ते हुए दांत फाड़ कर ठहाके लगा रही हैं !
Ramya Bharathi 2008 बैच की IPS हैं , उच्च शिक्षित हैं, फिर भी ऐसी असंवेदनशील हरकत कर रही हैं !
पहले के IAS IPS साधारण घरों से निकल कर आते थे , तो आम आदमी की समस्या और संघर्ष से वाकिफ होते थे ,
लेकिन आजकल UPSC पास करने वाले 99 प्रतिशत बड़े बड़े संस्थानों से पढ़े हुए होते हैं , पैसे वाले घर से ताल्लुक रखते हैं !
आम आदमी की जिन समस्याओं के निदान के लिए उनकी नियुक्ति होती हैं, उन्हें वो कभी फील करना तो दूर की बात सुने भी नहीं होते हैं !
एक एग्जाम पास करने के बाद डायरेक्ट उनके हाथ में लाखों लोगों की जिम्मेदारी दे दी जाती हैं , फिर वही से शुरू होता हैं पावर का नंगा नाच और फिर जाकर करोड़ो के भ्रष्टाचार पर खत्म होता हैं !
फिलहाल की ग्रुप C से बड़े पोस्ट पर डायरेक्ट नियुक्ति नहीं देनी चाहिए , जो व्यक्ति ग्रुप C में कम से कम 5 साल सर्विस कर ले उसे ग्रुप B के लिए एलिजिबल होना चाहिए ,
ऐसे ही जो ग्रुप B में 5 साल सर्विस कर ले वो A के एलिजिबल हो सकता हैं !
ऐसे ही पुलिस विभाग में SI से बड़े पोस्ट की डायरेक्ट भर्ती नहीं होनी चाहिए !
अगर ऐसा हो जाए तब जाकर देश इस भ्रष्ट अफसरशाही से बच सकता हैं , और अच्छे लोग ऊपर तक पहुंच पाएंगे !
नहीं तो जिस तरह से राजा महाराज पैदा हो रहे हैं , ये एक दिन देश को बेच खायेंगे !


हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

रेखा गुप्ता जिस कुर्सी पर बैठी दिख रही हैं, उसकी कीमत ₹1.10 लाख तक बताई जा रही है।
उसमें पीछे लेटने की सुविधा है, पैर रखने की ऑटोमेटिक व्यवस्था है, मसाज की सुविधा है, महंगा चमड़ा लगा है और बेहद आरामदायक गद्दी है।
जबकि एक सामान्य ऑफिस कुर्सी ₹10,000 से कम में आराम से काम कर देती है।
दिल्ली में लोग पानी की कमी से परेशान हैं।
लेकिन मुख्यमंत्री जी का आराम अब पूरी तरह शाही हो चुका है।
हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

कल होटल चेकआउट कर रहा था,
रिसेप्शन पर खड़ा था।
वहाँ जो देखा, खून खौल गया।
एक महिला पूरे स्टे में टीवी छुई तक नहीं।
चेकआउट पर होटल वाले सीधे बोल पड़े कि
“टीवी आपने तोड़ दिया है, ₹15,000 दे दो।”
महिला रो-रो के समझा रही थी, लेकिन कोई नहीं सुना।
आखिरकार उसे पैसे देने पड़े।
उसी वक्त मैंने ठान लिया कि अब ऐसा मेरे साथ कभी नहीं होगा।
अब हर होटल में घुसते ही सबसे पहला काम
दरवाजा बंद → टीवी ऑन → रिमोट से चैनल घुमाए → वॉल्यूम ऊपर-नीचे।
AC, लाइट, पंखा, केतली सब चेक।
सबका छोटा वीडियो बना लिया टाइमस्टैम्प के साथ।
ये अब मेरा compulsory ritual बन गया है।
क्या आपने कभी होटल में ऐसे झूठे damage claim का सामना किया?
या आपके पास कोई अपना safety hack है?
कमेंट में जरूर बताइये


हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

आजकल बेरोजगार छात्रों को चारों तरफ से लूटा जा रहा हैं !
युवा सैकड़ों किलोमीटर सफर करके परीक्षा देने जाते हैं , लेकिन सेंटर पर बैग रखने के लिए भी 10 रुपए लिए भी देना पड़ता हैं ,
बैग में मोबाइल रखने पर बोलते हैं कि मोबाइल की जिम्मेदारी हमारी नहीं हैं , और मोबाइल के लिए अलग से 10 रुपए लिए जाते हैं !
एक बार मेरा एग्जाम गुवाहाटी में था , जहां TCS के ion सेंटर में बैग रखने के लिया 50 रुपए वसूला गया था ,
स्टेशन से सेंटर की दूरी 12 से 13 किलोमीटर था लेकिन ऑटो वालों ने आपस में सेटिंग करके 50 रुपए किराया कर दिया था !
पूछने पर एक लोकल ने बताया कि नॉर्मल दिनों में किराया सिर्फ 20 रूपये होता हैं !
सरकार एग्जाम फीस लेती हैं लेकिन बैग रखने तक का जुगाड़ नहीं कर पाती हैं !

हिन्दी
बैंकवाला INDIA retweetledi
बैंकवाला INDIA retweetledi

क्या आपको पता है धुएँ कि भी जाति होती है 👇
मध्य प्रदेश में एक दलित की चिता जलने से केवल इसलिए रोक दी गई क्योंकि उसका धुआं “ब्राह्मणों के श्मशान” तक चला जाता…
उस पर भी शर्मनाक ये कि पुलिस भी दलित परिवार पर ही दवाब डाल रही है क्यूं की पुलिस प्रशासन खुद जातिवाद से अंदर तक सड़ा हुआ हैं।
शर्म आनी चाहिए ऐसे समाज पर, जहां मौत के बाद भी दलित को सम्मान नहीं मिलता।
ज़िंदा था तब दलित होने नाम पर भेदभाव, नफ़रत, ज़लालत, छुआछूत,
और जब मर गया तो उसकी चिता का धुंआ भी "अछूत" हो गया जो ब्राह्मणों के शमशान तक नहीं पहुंचना चाहिए वरना बेचारे मरे हुए ब्राह्मण भी अशुद्ध हो जाएंगे।
ये सिर्फ भेदभाव नहीं, ये इंसानियत की लाश पर खड़ा ब्राह्मणवाद है।
जिस समाज में मृतक की चिता का धुआं भी जाति देखकर स्वीकार किया जाए, उस समाज को सभ्य कहलाने का कोई अधिकार नहीं।
हिन्दी













