
बाधाएं आती हैं आएं
घिरें प्रलय की घोर घटाएं,
पांवों के नीचे अंगारे,
सिर पर बरसें यदि ज्वालाएं,
निज हाथों से हंसते-हंसते,
आग लगाकर जलना होगा |
कदम मिलाकर चलना होगा |
माजी पंतप्रधान, भारतरत्न
स्व. अटलबिहारी वाजपेयी
यांना जयंतीदिनी विनम्र अभिवादन !
#AtalBihariVajpayee
हिन्दी









































