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deepanshu kachhawah
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विभाग में पर्याप्त संख्या में jen होने के बावजूद Jta को कार्यभार देने की कार्रवाई समझ से परे हैं जिनका चयन विभाग की एक योजना नरेगा(विबी जी रामजी)के तहत हुआ है
@BhajanlalBjp
@madandilawar
@RJDainikBhaskar
@dreamboymadu
@DainikBhaskar
@1stIndiaNews @zeerajasthan_ @Rajsthn_Patrika

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पंचायती राज विभाग में स्थाई कनिष्ठ अभियंता-JEN उपलब्ध होने के बावजूद 𝐍𝐀𝐑𝐄𝐆𝐀 संविदाकर्मी 𝐉𝐓𝐀 को कार्यभार सौंपना आखिर किस आदेश और किस नियम के तहत किया जा रहा है?
क्या सरकार इस पर जवाबदेही तय कर करेगी??
@madan_dilawar
@bhajanlalsha
@DrKirodilalBJP
@RajCMO
#JEN #NEWS

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पंचायती राज विभाग में ये कैसा'पावर गेम' है? जब नियमित JEN भर्ती हो चुके हैं, तो संविदाकर्मियों (JTA) को तकनीकी अधिकार देने की तैयारी क्यों? 4 महीने में 3 बार आदेश बदलना प्रशासन की अस्थिरता को दर्शाता है।@madan_dilawar जी इस मामले में संज्ञान लें! @RajCMO @RDPRJEnUNION @RajJenprd

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पंचायती राज विभाग राजस्थान सरकार में पर्याप्त स्थायी इंजीनियर(J.En) होने के बाद संविदा कर्मियों को किस नियम के तहत यह शक्तियां प्रदान की जा रही है @BhajanlalBjp @RJDainikBhaskar @DainikBhaskar @KumariDiya @RajCMO

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पंचायती राज विभाग में हाल ही में JEn एवं JTA की भर्ती हुईं हैं।
नरेगा के तहत 1500 JTA को ठेका पर लिया गया था आज ये इतने शक्तिशाली हो गए है कि JEn का कार्यक्षेत्र में हस्तक्षेप करने लग गए।
Total JEn- 400
Total JTA - 1500+2000: 3500
पंचायती राज विभाग के जेईएन का काम JTA ने दादागिरी से छीन लिया।
अब इस विभाग का मंत्री या अधिकारी इन JEN का मूल काम को JTA द्वारा छीना गया को वापस नहीं दिला सकते ।
क्योंकि पुराने JTA ने आज करोड़ों की संपति खड़ी कर रखी है, इनसे मंत्री अधिकारी सब बोलते हैं पिछला मंत्री रमेश मीणा जी भी इस काम को नहीं कर पाएं।
अब 400 JEN को एकता के साथ करो या मरो की रणनीति बनाकर लड़ना होगा अन्यथा बहुत जल्द पंचायती राज विभाग में जेईएन की शक्तियां को छीन लिया जायेगा।
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