Devender Yadav retweetledi

मोदी सरकार में "अमृत काल" भर्ती-परीक्षा के छात्रों के लिए "मृत काल" साबित हो रहा है।
खबरों के मुताबिक़ कई छात्र-छात्राओं ने NEET के पेपर लीक के सदमें से आत्महत्या की है।
लखीमपुर खीरी के रितिक मिश्रा,
दिल्ली की 20 वर्षीय अंशिका पांडेय,
राजस्थान के झुंझुनूं से प्रदीप मेघवाल,
गोवा में रह रहे बेंगलुरु के छात्र - सबने ये आत्मघाती क़दम उठाया है।
किसी ने बचपन से सपना देखा, किसी ने परिवार की उम्मीदों के लिए सब कुछ दाँव पर लगा दिया, सालों तैयारी की।लेकिन मोदी सरकार की भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था ने उनके सपनों को रोंद दिया।
मोदी राज में 90 से ज्यादा पेपर लीक हो चुके हैं।
9 करोड़ से ज्यादा छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं।
बेरोजगारी की आग पहले ही युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही है। भाजपा संरक्षित पेपर लीक माफिया सरकार के निष्पक्ष व पारदर्शी तरीक़े से परीक्षा कराने के दावों की धज्जियाँ उड़ा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी जी अब तो खुद “फैक्ट चेक” करने लगे हैं… कल उन्होंने "Ease of Living" पर tweet किया, पर NEET पेपर लीक और छात्रों की आत्महत्या पर चुप्पी साधे रहे।
2024 NEET पेपर लीक में जिन अधिकारियों पर सवाल उठे, उन्हें सज़ा नहीं मिली, बल्कि मलाईदार पद दे दिए गए। यही कारण है कि हर साल युवाओं का भविष्य लूटा जा रहा है।
हालत ये है की अब Delhi Medical Association ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री को भी पत्र लिखा है।अब पानी सिर के ऊपर जा चुका है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री तुरंत इस्तीफा दें।
मोदी जी "परीक्षा-लीक पर चर्चा" कीजिये,
चुप रहने से कुछ नहीं होगा !

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