Dr. Harshit Chauhan

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Dr. Harshit Chauhan

Dr. Harshit Chauhan

@drharshitone

LH State Ay Medical College & Hospital Ex Resident Dist Hospital Pilibhit,UP State Convener Jignasa ABVP ,BRAJ (Ex State Convener Medevision ABVP 20-21,21-22 )

Katılım Ağustos 2021
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Sudhir Mishra 🇮🇳
Sudhir Mishra 🇮🇳@Sudhir_mish·
प्रिय @Uppolice पहले भी इसके खिलाफ विनोद कापड़ी की पत्नी और पूर्व एंकर साक्षी जोशी साल 2019 में FIR दर्ज करवा चुकी है। इसकी हरकत से परेशान होकर रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया की साली ने इसके खिलाफ FIR दर्ज करायी थी। यह नाले का नोलन जेल क्यों नहीं जा रहा है? पत्रकार विनोद कापड़ी ने इसकी गलत हरकतों की वजह से इसे एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल से निकाल दिया था। इसका बदला लेने के लिए इसने अपने गैंग के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर विनोद कापड़ी और उसकी पत्नी का चारित्रिक हनन किया। इसने साक्षी जोशी को वे@@या तक कहा। दंपती राजस्थान में एक लावारिस बच्ची को गोद लेने जा रहे थे लेकिन इसकी दुर्भावनापूर्ण हरकतों की वजह से बच्ची की मौत तक हो गई। लेकिन ये बच्ची की मौत पर भी सियासत करता रहा। आप इसकी संवेदनशीलता का अंदाजा लगा सकते हैं। इसी तरह ABP News में रहते हुए इसने विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया का भी चारित्रिक हनन किया और उनकी साली से लेकर एक महिला पत्रकार तक से रिश्ता जोड़ दिया। इस वहशी को चारित्रिक हनन करने में बहुत रास आता है। ये महिलाओं को भी नहीं छोड़ता और उनकी इज्जत को तार-तार कर देता है। इसकी हरकतें बताती हैं कि ये पत्रकारिता के नाम पर वसूली और दलाली करता है। प्रिय @Uppolice @dgpup @myogiadityanath जी यह व्यक्ति स्वच्छ समाज में रहने लायक नहीं, कृपया इसे कानून की भाषा समझाई जाए!
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abhishek upadhyay
abhishek upadhyay@upadhyayabhii·
एफआईआर पर सीएम योगी आदित्यनाथ को जवाब- आदरणीय योगी आदित्यनाथ जी, आपको आदरणीय "सिर्फ" इसलिए लिख रहा हूं कि आपके नाम पर मेरे खिलाफ लखनऊ की हजरतगंज कोतवाली में जो एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें आपको ईश्वर का अवतार बताया गया है। अब आप चूंकि वैदिक ग्रंथावली के "एको अहं, द्वितीयो नास्ति" सिद्धांत के आधार पर हजरतगंज कोतवाली की एफआईआर में भगवान का दर्जा पा चुके हैं, इसलिए मैं न चाहते हुए भी आपको आदरणीय लिखने के लिए विवश हूं। आखिर मैं ईश्वर का अपमान कैसे कर सकता हूं? तो हे! हजरतगंज कोतवाली के दस्तावेजों में दर्ज मेरे समय के ईश्वर, आप अपनी सरकार पर ठाकुरवाद के आरोप से इतना कुपित क्यों हैं? क्यों इतना व्यथित हैं आप? क्यों आपको लगता है कि आपके ईश्वरत्व पर कोई आघात हो गया है? आप एक-दो नहीं 36 एफआईआर मुझ पर करा दीजिए, मुझे उससे उतना ही फर्क पड़ता है जितना काशी के पंडितों की चुनौती के आगे अद्वैत सिद्धांत के प्रतिपादक आदि शंकराचार्य को पड़ा था। सत्ता के नशे में स्वयं को पुरूरवा व इंद्र से भी प्रतापी समझने वाली निस्तेज और रीढ़विहीन परंपरा के संवाहकों की छत्रछाया में कराई गई इस तरह की "दो कौड़ी" की एफआईआर बतौर पत्रकार मेरे गले का स्वर्ण आच्छादित आभूषण है जिस पर मुझे जीवनपर्यंत अभिमान रहेगा। आप बस मेरे इन सवालों का जवाब दीजिए। 1--आपके और आपके भक्तों के अंतस्थल में आखिर ठाकुरवाद के आरोपों से तीक्ष्ण मिर्च का महाद्वीप क्यों निर्मित हो गया है? अब पहला उदाहरण लीजिए। आखिर शिशिर सिंह में ऐसा कौन सा चुंबकत्व है कि वे सालों से सूचना निदेशक की इतनी महत्वपूर्ण कुर्सी पर यूं चिपककर बैठे हैं कि कभी कभी तो लगता है कि स्टेशनरी की दुकानों पर फेविकोल की क्राइसिस न हो जाए?  क्या वे भी सीधे महर्षि विश्वामित्र के गुरुकुल से शिक्षा अर्जित करके किसी ईश्वरीय आदेश के तहत अपने ईश्वर का साथ देने के लिए अवतरित हुए हैं?   2-- आखिर आपके मीडिया सलाहकार मृत्युंजय सिंह के मुख में स्वाति नक्षत्र में उपजे किस अमृत की बूंद गिर गई है कि चरणवंदन को ही अपने जीवन लक्ष्य का अभिनंदन समझने वाले एक औसत किस्म के पत्रकार को मीडिया सलाहकार के सिंहासन का अमरत्व मिल गया है? क्या आपने हमें दूध में सेरेलेक घोलकर पीने वाला बच्चा समझ रखा है कि हम इतना भी न समझ पाएं!! 3- ये चीफ सेक्रेटरी मनोज सिंह, प्रिंसिपल सेक्रेटरी दीपक सिंह, संजीव सिंह, अमित सिंह, ईशान प्रताप सिंह, राजभूषण सिंह, रईस सिंह......आदि आदि कौन हैं जिन्होंने आपके सीएम सेक्रेटेरिएट में सबसे प्रभावशाली घेरा बना रखा है? क्या ये कालिदास के महान ग्रंथ मेघदूत के निष्काषित यक्ष हैं जो रास्ता भटकर गलती से आपके सीएम सेक्रेटेरिएट के स्वर्ण स्तंभ बन गए हैं?   4--आखिर ये अमिताभ यश सिंह कौन हैं, जो एक के बाद दूसरे विवादित एनकाउंटरों की प्रेतछाया से घिरे होने के बावजूद दैत्य गुरु शुक्राचार्य की अनिर्वचनीय संजीवनी को पीकर अजर-अमर हो गए हैं। इनकी ही मां के नाम से अयोध्या में सबसे मलाईदार समय में भूमि का सबसे मलाईदार टुकड़ा खरीदा गया था। स्टोरी समाचार पत्रों में छपी भी थी। आपने इनसे क्यों नही पूछा कि ये धन किसका था? कहां से आया? क्या संदेहास्पद भूमि सौदों के चक्रव्यूह में घिरी अयोध्या में इस तरह का सौदा उस एक अधिकारी के परिवार में हो सकता है जो एक बेहद ही संवेदनशील पद पर तैनात हो? अपने "अधिकार क्षेत्र" के दायरे में आने वाली कार्यवाहियों के लिए आईपीएस जुगल किशोर तिवारी और अभिषेक वर्मा का सस्पेंशन व ट्रांसफर कर देने वाली आपकी व्यवस्था को अमिताभ यश के नाम पर लकवा क्यों मार जाता है? क्या सजातीयता की बंदूक से न्याय की देह के पांव पर गोली मारकर उसका भी हॉफ एनकाउंटर कर दिया जाता है?  या फिर क्या राजा रघु के दौर में कोई ऐसी आकाशवाणी हुई थी जिसमें कहा गया था कि कलियुग के इस प्रहर में अमिताभ यश सिंह सरीखे अधिकारी जन्म लेंगे जिनको मेरे वक्त के ईश्वर की सेवा में अपना जीवन समर्पित करना ही होगा। अगर ऐसा है तो मैं आज से महान दार्शनिक नीत्शे को अपना आदर्श घोषित करते हुए इस बात का ऐलान करता हूं कि ईश्वर (असली ईश्वर) मर चुका है।   5-- आखिर ये चप्पल में एक बेहद विवादित एनकाउंटर को अंजाम देकर अपना सार्वजनिक सम्मान कराने वाले और आपकी ही सरकार के जीओ को चप्पल की कील बनाकर फेंक देने वाले डीके शाही कौन हैं? इन पर अभी तक कोई कार्यवाही क्यों नही हुई? एक निजी सम्मान समारोह में एक बेहद विवादित एनकाउंटर पर मीडिया से बात करने और राजनीतिक बयानबाजी करने का अधिकार इन्हें किसने दिया? क्या रघुकुल की किसी अनाम वसीयत में इनका भी नाम दर्ज है कि इन्हें भी एक विशेष समय में मेरे वक्त के ईश्वर की सेवा के लिए चप्पल पहनकर अपने शौर्य और स्वामिभक्ति का परिचय देने के लिए अधिकृत किया गया है? आप सत्ता में आकर जाति के नाम पर 'अति' करेंगे और कोई सवाल उठाए तो एफआईआर करेंगे? 6-- हां, एक जरूरी नाम जो पुरानी लिस्ट में छूट गया था, अब वो भी लिखे देता हूं। आखिर ये प्रदेश के अपर महाधिवक्ता विनोद कुमार शाही कौन हैं जो आपको न्याय सूत्र के मूल प्रवर्तक महर्षि अक्षपाद गौतम से भी बढ़कर नज़र आते हैं? क्या आपको किसी और अधिवक्ता में योग्यता के हडप्पाकालीन पुरावशेष भी नही दिखे जो शाही साहब को ही ये ईश्वरीय वरदान प्राप्त हुआ? आखिर उनकी टीम में और कौन कौन है? उन्हें किसने तैनात किया? वे जिन पदों पर काबिज हैं, उनका जलवा क्या है? क्या इसका पता लगाने के लिए जेम्स बॉंड सीरीज की स्पेक्टर फिल्म के अभिनेता डैनियल क्रेग को हॉलीवुड से बुलावा भेजा जाए जो आकर इसकी तफ्तीश करे? आपको क्या लगता है कि आप अगर नही देख रहे या फिर जानबूझकर भी अनदेखा कर रहे हैं, तो ये नंगा सच किसी को दीख नही रहा है? क्या आधुनिक महाभारत में श्रीकृष्ण, अर्जुन, विदुर, भीष्म सारे किरदारों को हटाकर केवल घृतराष्ट्र को ही जगह दी गई है और आपकी हमसे इसी किरदार का चरित्र निभाते रहने की अपेक्षा है? यही मेरे वक्त के ईश्वर का कथित ईश्वरीय न्याय है? 7-- अब अंतिम बात, और ये बात ध्यान से सुनिएगा योगी जी। बात संख्या की तो है ही नही। बात आपके राज में ठाकुर होने के असर की है। उसके नाम पर मचे गदर की है। मैंने ये बात लिखते हुए इसी 'असर' का हवाला दिया था कि आपके राज में ऐसे भी डीएम-एसपी हैं जिनका सरनेम सिंह है मगर जो दूसरी जातियों के हैं, वे भी इस ठाकुर राज या फिर सिंह राज की छत्रछाया में लाभान्वित हो रहे हैं क्योंकि आपके राज में यही माहौल जमीन के कतरे कतरे में घुल चुका है।  और हां, आपके राज में हुई इस दो कौड़ी की एफआईआर में लिखा है कि देश का कोई भी मुख्यमंत्री आपके आसपास भी नही है। तो हजरतगंज कोतवाली के प्रभारी विक्रम सिंह ने एफआईआर करने से पहले इस तथ्य की तफ्तीश किससे की? क्या सीधे गृह मंत्री अमित शाह को फोन कर लिया था या फिर पीएमओ का नंबर डायल कर दिया था? या फिर किसी ईश्वरीय शक्ति ने सपने में आकर उनकी मेघा में इस महान सत्य का दिव्य उद्घाटन कर दिया था? हालांकि उनके मामले में ऐसा हो भी सकता है। आखिर उनकी ही कोतवाली की इस एफआईआर में आपको ईश्वर घोषित कर दिया गया है। फिर वे गलत कैसे हो सकते हैं?  योगी जी, इसी कोतवाली में मेरे खिलाफ कुंडा के बाहुबली राजा रघुराज प्रताप सिंह के सिलसिले में एक एफआईआर पहले भी दर्ज हो चुकी है। मामला राजा रघुराज प्रताप सिंह और उनकी पत्नी रानी भानवी के बीच तलाक के मुकदमे का है। मैने सिर्फ इसकी रिपोर्टिंग की है, जिसे मेरे बाद देश भर के अखबार और चैनलों ने फॉलो किया और आज तक लगातार कर रहे हैं। फिर भी आपके राज में कोर्ट में दाखिल दस्तावेज की रिपोर्टिंग करने पर एफआईआर ठोंक दी जाती है क्योंकि मामला राजा रघुराज प्रताप सिंह का होता है!! आपको शायद शिशिर सिंह, मृत्युंजय सिंह या फिर संजीव सिंह ने बताया हो और अगर अब तक न बताया हो तो मैं बताए देता हूं कि इस मामले का भी आईओ आलोक कुमार सिंह नाम का व्यक्ति है। ये वो पुलिसकर्मी है जो इसी मामले में राजा की पत्नी रानी भानवी को अरेस्ट करने की धमकी दे चुका है। एक महिला से बदसलूकी कर चुका है। उन्होंने आपसे शिकायत की। मामला अखबारों और चैनलों की सुर्खियां बना मगर इस आईओ आलोक कुमार सिंह का बाल भी बांका नही हुआ? आखिर क्यों? क्या ये भी आपकी इसी ईश्वरीय परंपरा का राजदूत है जिसे अमरत्व की सजातीय परंपरा का वरदान हासिल है।  इस मामले की जानकारी लखनऊ के पुलिस कमिश्नर अमरेंद्र सिंह सेंगर को भी है। मैं खुद उनसे मिला। इसकी करतूत उनके सामने रखी। साक्ष्य दिए। तथ्य बताए। मगर अमरेंद्र सिंह सेंगर भी शायद ईश्वरत्व की इसी नायाब परंपरा के अमोघ सुरक्षा कवच से लैस हैं, इसलिए कार्यवाही तो छोड़िए, उन्हें इस मुद्दे पर मुझे बुलाकर जांच पड़ताल तक करने की फुर्सत नही मिली। कभी कभी तो मुझे लगता है कि ऐसा सुरक्षा कवच तो शायद मोसाद और केजीबी के पास भी नही होगा जो मेरे वक्त के ईश्वर के विश्वस्त दरबारियों के पास है। सो योगी जी, ठोंकिए मुकदमे। एक, दो, तीन...से लेकर अंतहीन। आप डराएगा उन्हें जिनके मूल चरित्र में ही सरकार से उपकृत होना लिखा है। मेरे ऊपर आज तक किसी की एक चाय भर की रवादारी नही है। आप शायद पत्रकारों की ऐसी प्रजाति से वाकिफ नही होंगे, इसलिए शायद आपने सबको चारण परंपरा का मृत्युंजय ही समझ रखा है। आप अपना हुक्म उन पर चलाइएगा, जिनके बेटे इसी लखनऊ में आपके ही राज में ताकत के रसूख में सरेआम एक गरीब को कुचलकर मार देते हैं और उस सजातीय पत्रकार के इस वीभत्स मामले में लखनऊ पुलिस उसके बेटे का नाम तक अपनी जुबान से लेने में कांप जाती है। लखनऊ का हर पत्रकार, योगी जी फिर लिख रहा हूं, हर पत्रकार इस घटना के बारे में जानता है। समय जानता है, नाम जानता है और तो और जिस संस्थान ने इस घटना के बाद उस पत्रकार को निकाल बाहर किया था, वो भी इसकी एक एक डिटेल जानता है। मगर मुझे मेरी एडिटोरियल स्टोरी पर लगातार नोटिस पर नोटिस भिजवाने वाली आपकी लखनऊ पुलिस के मुखिया आपके कमिश्नर अमरेंद्र प्रताप सिंह में दम नही है कि इस घटना की फाइल को रिओपेन कर दें क्योंकि मामला सजातीय है। योगी जी, आपने शायद जीवन में कभी फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ का नाम भी न सुना होगा, पर मैं आपके लिए उनका एक शेर लिखकर अपनी बात समाप्त करता हूं- "कटते भी चलो, बढ़ते भी चलो, बाज़ू भी बहुत हैं सर भी बहुत चलते भी चलो कि अब डेरे मंज़िल पर ही डाले जाएँगे"  जय हिंद @myogiadityanath @myogioffice
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abhishek upadhyay
abhishek upadhyay@upadhyayabhii·
डीके शाही!! दो और एनकाउंटर। वही काली मोटरसाइकिल, वही पिट्ठू बैग, वही दो लोग, वही बुलंद आवाज़ में चेतावनी, वही मुखबिर की गवाही, बदमाश का वही कमर में खोसे असलहे को निकालना, वही भद्दी भद्दी गालियां देना और अंजाम भी वही... बरादमगी भी लगभग वही...! सोचता हूं कि बालीवुड की इन पर अब तक नज़र क्यों नही पड़ी। क्या गजब 'फिल्मी' स्क्रिप्ट है इनके एनकाउंटरों की। अगर कोई फाइनेंस कर दे तो मैं इस किरदार पर फिल्म बनाना चाहता हूं। एकदम 'डर' के शाहरूख खान की तरह ये फिल्म सुपरहिट होगी, ये मेरी गारंटी है। अब सुनिए डीके शाही के किए दो और एनकाउंटर की कहानी! प्लॉट लगभग एक सा। बस दोनो के किरदार और जगहें अलग अलग। पहला एनकाउंटर इलाहाबाद के रहने वाले फिरोज पठान उर्फ इरफान का (फरवरी 2020) और दूसरा अंबेडकर नगर के परवेज का (जून 2021) 1- पहले फिरोज पठान एनकाउंटर की कहानी सुनिए। एसटीएफ को पता चलता है कि फिरोज पठान "अपने किसी साथी" के साथ महादेवा बाजार होते हुए अंबेडकर नगर जाएगा और किसी बैंक या कंपनी में लूट को अंजाम देगा। एसटीएफ की टीम घेराबंदी करती है। एक "काले रंग की मोटरसाइकिल" से दो लोग आते दिखाई पड़ते हैं। "मुखबिर इशारे" से बताता है कि "पीछे बैठा व्यक्ति" ही फिरोज पठान है। फिर एसटीएफ की टीम "बुलंद आवाज़" में अपना परिचय देती है। पीछे बैठा युवक जो "अपनी पीठ पर पिट्ठू बैग" टांगे हुए था, "कमर में खोसे अपने असलहे" को निकालकर "भद्दी भद्दी गालियां" देता है। वे "मोटरसाइकिल को भगाते" हैं। एसटीएफ "पीछा" करती है। "वे फायर करते हैं।" एसटीएफ जवाब देती है। "कुछ समय बाद बदमाश की ओर से फायर आना" बंद हो जाता है। "बदमाश घायल होता है।" "अस्पताल भेजा गया। वहां मृत।" अब बरामदगी- 9 एमएम मय मैगजीन। जिंदा कारतूस। खोखा कारतूस। .32 बोर पिस्टल मय मैगजीन। एक अदद बैग। (बरामदगी की लिस्ट में इतनी बरामदगी सेम टू सेम) 2- दूसरी घटना परवेज पुत्र सुबराती का एनकाउंटर। एसटीएफ को खबर मिलती है कि परवेज "अपने एक साथी" के साथ कैंपियरगंज से अंबेडकरनगर जाकर एक व्यापारी की हत्या करने की फिराक में है। धर्मेश शाही उर्फ डीके शाही की अगुवाई में एसटीएफ की टीम घेराबंदी करती है। यहां भी "एक काले रंग की मोटरसाइकिल" से "दो लोग" आते दिखाई पड़ते हैं। यहां भी "मुखबिर इशारे से बताता है" कि "पीछे बैठा व्यक्ति" ही परवेज है। यहां भी एसटीएफ "बुलंद आवाज" में अपना परिचय देती है। यहां भी पीछे बैठा युवक "जो अपनी पीठ पर बैग" टांगे हुए था, "कमर में खोसे अपने असलहे" को निकालकर "भद्दी भद्दी गालियां" देता है। वे "मोटरसाइकिल भगाते" हैं। "एसटीएफ पीछा"करती है। "बदमाश पुलिस पर फायरिंग" करते हैं। पुलिस जवाब देती है। "कुछ देर बाद बदमाश की ओर से फायर आना बंद" हो जाता है। "बदमाश घायल" होता है। "अस्पताल जाने पर उसकी मौत" हो चुकी होती है। बरामदगी- 9 एमएम मय मैगजीन। जिंदा कारतूस। खोखा कारतूस। .32 बोर पिस्टल मय मैगजीन। एक अदद बैग। 315 बोर तमंचा (बरामदगी की लिस्ट में इतनी बरामदगी सेम टू सेम) ऐसे होते हैं एनकाउंटर? मैं दंग हूं!!! क्या आप भी...?
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Dr. Harshit Chauhan
Dr. Harshit Chauhan@drharshitone·
@RaghvendrA2Y कभी हजारों निर्दोष कारसेवकों की हत्या करने वाले के बारे में भी चिंतन करिए । उस समय भी यही पुलिस थी ।
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Raghvendra Yadav
Raghvendra Yadav@RaghvendrA2Y·
मंगेश यादव पर 8 मुकदमें दर्ज थे। कोई बड़ी धारा नहीं थी, बावजूद उसे योगी के जातिवादी पुलिसिया गुंडों ने 6 गोली मार दी। अब ज़रा योगी आदित्यनाथ पर दर्ज मुक़दमों की लिस्ट देखिए।👇🏼 • महाराजगंज जिले में आईपीसी की - धारा 302 (हत्या) - धारा 307 (हत्या का प्रयास) - धारा 147 (दंगे के लिए दंड), - धारा 148 (घातक हथियार से दंगे), - धारा 295 (किसी समुदाय के पूजा स्थल का अपमान करना), - धारा 297 (कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण), - धारा 153A (धर्म, जाति, जन्म स्थान, निवास, भाषा आदि के आधार पर विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना), - धारा 506 (आपराधिक धमकी के लिए दंड) के मामले दर्ज हुए थे। • गोरखपुर ज़िले में आईपीसी की - धारा 147, 148, 133A (उपद्रव को हटाने के लिए सशर्त आदेश), - धारा 285 (आग या दहनशील पदार्थ के संबंध में लापरवाही), - धारा 297 (कब्रिस्तानों पर अतिक्रमण) • गोरखपुर ज़िले में ऐसी कई धाराओं में मुकदमें दर्ज थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी आदित्यनाथ ने सारे मुकदमें वापिस ले लिए। • योगी जी की जाति क्या है। वो किस जाति के अपराधी थे?
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abhishek upadhyay
abhishek upadhyay@upadhyayabhii·
डीके शाही का जलवा है!! मंगेश यादव का एनकाउंटर करने वाले STF के डिप्टी एसपी डीके शाही के बारे में सुनिए। उनके परिवार के नाम दो ट्रस्ट हैं। महाराणा प्रताप वॉलीबॉल ट्रस्ट और महाराणा प्रताप चैरिटेबल ट्रस्ट खरगापुर लखनऊ इन ट्रस्टों द्वारा समय समय पर खेल प्रतियोगिताओं और समारोहों का भव्य आयोजन होता है। यहां मुख्य और सम्मानित अतिथियों में कभी डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक होते हैं, कभी कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, कभी मंत्री दयाशंकर सिंह, कभी खेल मंत्री गिरीश यादव तो कभी खुद एसटीएफ के मुखिया अमिताभ यश। उनकी पत्नी उत्तर प्रदेश महिला आयोग की सदस्य अब बनी हैं मगर गोरखपुर क्षेत्र की भाजपा महिला मोर्चा की क्षेत्रीय कोषाध्यक्ष पहले से ही हैं। गोरखपुर क्षेत्र ही उनकी राजनीति का केंद्र है। अब उन सारे सवालों का revision करते जाइए जो शाही के कामकाज के तरीके से उठ रहे हैं। आखिर शाही कैसे मंगेश यादव की पहचान करते हैं? उनकी टीम किस रेंज से गोली मारती है कि एक गोली मंगेश के सिर में लगती है और एक बाजू में? आखिर इतनी सनसनीखेज घटना का आरोपी घटना के 8 दिनो बाद भी सुल्तानपुर में ही घटनास्थल से कुछ किलोमीटर की दूरी पर क्या कर रहा होता है? वो 8 दिन तक कहीं नहीं भागता है!! क्या वो सुलतानपुर में ही रुककर STF के रोके जाने पर फायरिंग करने का प्लान बना रहा होता है??? आखिर PM रिपोर्ट में ऐसा क्या है जो रिपोर्ट तमाम कोशिशों के बावजूद देखने को नहीं मिल रही है? PM रिपोर्ट कब और 'किस हालत' में सामने आएगी? आखिर शाही कैसे चप्पल में ही एक आरोपी का एनकाउंटर कैसे कर देते हैं? आखिर शाही विवादों में घिरे एक एनकाउंटर को लेकर उसी जिले में आयोजित सम्मान समारोह में कैसे शिरकत करते हैं? आखिर शाही किसके आदेश पर एक निजी समारोह में एक विवादों में घिरे एनकाउंटर को लेकर सार्वजनिक बयानबाजी करते हैं? आखिर शाही कैसे जाति पांत के मुद्दे पर राजनीतिक सरीखी बयानबाज़ी करते हैं? आखिर शाही कैसे एक नेता की तरह बयान देते हुए बाकायदा अपराधियों को चेतावनी भी जारी करते हैं और कहते हैं वो अपराध छोड़ दें। वो ये भी कहते हैं कि जो जिस तरह का अपराधी है, उसे उस तरह की सजा दिलवाई जा रही है। आखिर यूपी में अधिकारियों पर बिना इजाजत मीडिया से बात न करने के लागू GO की उनके मामले में अचानक से बायपास सर्जरी कैसे हो जाती है? उन्हें एक निजी समारोह में ये बयानबाजी की इजाजत दी किसने? आखिर अभी तक अमिताभ यश ने डीके शाही पर कोई एक्शन क्यों नही लिया है? इन सवालों को पढ़िए, इन तस्वीरों पर गौर कीजिए और मेरे साथ मिर्ज़ा ग़ालिब का ये शेर पढ़िए - "हुआ है शाह का मुसाहिब फिरे है इतराता वगरना शहर में 'ग़ालिब' की आबरू क्या है है!!" (ग़ालिब लिखते हैं कि वो तो शाह यानि सुलतान का मुसाहिब यानि संगी है, इसीलिए वो इतना इतरा रहा है। वरना इस शहर में ग़ालिब की आबरू क्या है?)
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Ajeet Bharti
Ajeet Bharti@ajeetbharti·
आरक्षण वाले डॉक्टर से चिकित्सा करवाते तो सामाजिक न्याय भी होता और जल्दी ठीक भी होते। विदेशी मैरिट वालों के पास क्यों भटक रहे हैं?
FirstBiharJharkhand@firstbiharnews

सिंगापुर से जांच करा पटना लौटे लालू प्रसाद, राबड़ी और मीसा भारती भी गई थीं साथ #Bihar #Biharnews #LaluYadav

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Jit Yadav
Jit Yadav@jjityadav·
आदरणीय @dimpleyadav जी और @yadavakhilesh जी आप लोगों से गुहार लगाते लगाते मेरी पत्नी का आज निधन हो गया,उनको फेफड़े का कैंसर था।इलाज कराते कराते माली हाली दयनीय हो गई न तो आपने सुना ना तो आपके विधायक ने।
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THE JAT ASSOCIATION
THE JAT ASSOCIATION@Jatassociation·
खुश हो जाओ हिंदुओ | ईद पर टोपी लगा कर नमाज पढ़ते तो बहुत सीएम देखे होंगे| लो आज कृष्ण जन्माष्टमी पर कान्हा को झुलाने वाला मुख्यमंत्री भी देख लो | @myogiadityanath
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Narendra Modi
Narendra Modi@narendramodi·
Spoke with President Putin today. Discussed measures to further strengthen Special and Privileged Strategic Partnership. Exchanged perspectives on the Russia-Ukraine conflict and my insights from the recent visit to Ukraine. Reiterated India’s firm commitment to support an early, abiding and peaceful resolution of the conflict.
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Yogi Adityanath
Yogi Adityanath@myogiadityanath·
पावन महापर्व श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मनोरम, मनोहर, चित्ताकर्षक और हृदयस्पर्शी झलकियां...
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Yogi Adityanath
Yogi Adityanath@myogiadityanath·
बंटेंगे तो कटेंगे... एक रहेंगे तो नेक रहेंगे, सुरक्षित रहेंगे...
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Dr. Harshit Chauhan
Dr. Harshit Chauhan@drharshitone·
@brajeshpathakup बहुत बहुत शुभकामनाएं मंगलकामनाएं माननीय उप मुख्यमंत्री जी 💐
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Brajesh Pathak
Brajesh Pathak@brajeshpathakup·
श्रीराम का घर छोड़ना षड्यंत्रों में घिरे एक राजकुमार की करुण कथा है और कृष्ण का घर छोड़ना गूढ़ कूटनीति। राम जो आदर्शों को निभाते हुए कष्ट सहते हैं, कृष्ण षड्यंत्रों के हाथ नहीं आते बल्कि स्थापित आदर्शों को चुनौती देते हुए एक नई परिपाटी को जन्म देते हैं। श्री राम से श्री कृष्ण हो जाना एक सतत प्रक्रिया है। श्रीराम को मारीच भ्रमित कर सकता है लेकिन कृष्ण को पूतना की ममता भी नहीं उलझा सकती। श्रीराम अपने भाई को मूर्छित देखकर ही बेसुध बिलख पड़ते हैं लेकिन कृष्ण अभिमन्यु को दांव पर लगाने से भी नहीं हिचकते। राम राजा हैं कृष्ण राजनीति राम रण हैं कृष्ण रणनीति। श्री राम मानवीय मूल्यों के लिए लड़ते हैं श्री कृष्ण मानवता के लिए। श्री राम धर्म है तो श्री कृष्ण धर्म स्थापना हर मनुष्य की यात्रा राम से ही शुरू होती है और "समय" उसे कृष्ण बनाता है। व्यक्ति का कृष्ण होना भी उतना ही जरूरी है जितना राम होना लेकिन राम से प्रारंभ हुई यह यात्रा तब तक अधूरी है जब तक इस यात्रा का समापन कृष्ण पर न हो.!! श्री कृष्ण के जन्म दिन पर जन्माष्टमी की हार्दिक बधाई ।ब्रजेश पाठक
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THE JAT ASSOCIATION
THE JAT ASSOCIATION@Jatassociation·
अकाउंट बंद होने वाला है | हिंदुओं से निवेदन अकाउंट को बचाने में साथ दें | अगर आप यह पोस्ट देख रहे हैं तो कृपया पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर | हमारे अकाउंट को फॉलो करें और दूसरे हिंदुओं से फॉलो करवाएं | अन्यथा संपर्क टूट सकता है | धन्यवाद | जय हिंदुत्व | जय सिया राम |
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Dr. Harshit Chauhan
Dr. Harshit Chauhan@drharshitone·
@yadavakhilesh इनकी सरकार में एक विधायक ने कानपुर मेडिकल कॉलेज में छात्राओं छात्रों को हॉस्टल में घुस के मारपीट की थी । देश व्यापी हड़ताल हुआ था । google.com/amp/s/www.live…
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Dr. Harshit Chauhan
Dr. Harshit Chauhan@drharshitone·
@yadavakhilesh सन 2013 2014 सपा सरकार में राज्य मेडिकल परीक्षा सीपीएमटी की परीक्षा का पेपर 3 बार लीक हुआ था । ऐसे न जाने कितनी परीक्षाओं के पेपर लीक हुए थे पुलिस भर्ती में इनकी सेटिंग होती थी । aajtak.in/india/uttar-pr…
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Akhilesh Yadav
Akhilesh Yadav@yadavakhilesh·
उप्र पुलिस भर्ती परीक्षा में लगभग 1/3 अभ्यर्थियों ने परीक्षा ही नहीं दी, सरल भाषा में कहा जाए तो हर 3 में से 1 अभ्यर्थी ने परीक्षा नहीं दी। इसका कारण भाजपा राज में परीक्षा-व्यवस्था से उठ चुका भरोसा है या भाजपा सरकार से नाउम्मीदगी है या इसका कारण कुछ और है, ये गहरे अध्ययन का विषय है।
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Yogi Adityanath Office
Yogi Adityanath Office@myogioffice·
उत्तर प्रदेश के 25 करोड़ नागरिकों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने हेतु अविराम साधनारत मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी महाराज को @IndiaToday के मूड ऑफ द नेशन सर्वे में सर्वाधिक लोकप्रिय मुख्यमंत्री की श्रेणी में सर्वोच्च स्थान प्राप्त होना प्रदेश वासियों के लिए गर्व का विषय है। यह उपलब्धि अंत्योदय के लक्ष्य के साथ सेवा, सुशासन, सुरक्षा और लोक-कल्याण को समर्पित महाराज जी की नीतियों के प्रति देश वासियों के अटूट विश्वास और अथाह समर्थन की परिचायक है। प्रदेश वासियों को हार्दिक बधाई! #MOTN #BestCM
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Nitin Gadkari
Nitin Gadkari@nitin_gadkari·
📍भारत मंडपम, नई दिल्ली उत्तर प्रदेश में चल रही 70 राष्ट्रीय राजमार्ग 🛣 परियोजनाओं की आज नई दिल्ली में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री @myogiadityanath जी, केंद्रीय राज्यमंत्री श्री @AjayTamtaBJP जी, उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री श्री @BrijeshSinghBJP जी और केंद्र तथा राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ समीक्षा की। #PragatiKaHighway #GatiShakti
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THE JAT ASSOCIATION
THE JAT ASSOCIATION@Jatassociation·
अंततः आज अकाउंट बंद होने का नोटिफिकेशन आ ही गया है | वक्फ बोर्ड के मुद्दे को लगातार उठाने की वजह से मुगलों द्वारा अकाउंट को बड़े स्तर पर मास रिपोर्ट किया गया है | अगर हिंदुत्ववादी भाई साथ दें तो अकाउंट बचाया जा सकता है | हिंदू भाइयों से निवेदन है | कृपया हमारे अकाउंट को बचाने में हमारा साथ दें | अगर आप यह पोस्ट देख रहे हैं तो कृपया इस पोस्ट को ज्यादा से ज्यादा शेयर कर हमारे अकाउंट को फॉलो करें और दूसरे हिंदू भाइयों से फॉलो करवाएं | जय हिंदुत्व | जय सिया राम |
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Israel ישראל
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The IDF eliminated, Ismail al-Ghoul, a Hamas Nukba terrorist who participated in the October 7th massacre and worked for Al Jazeera during his free time. @AJEnglish any comment?
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