दिल्ली में अघोषित आपातकाल लागू कर दिया है गृहमंत्री अमित शाह ने।
सभी छोटे बड़े मेट्रो स्टेशन के गेट बंद कर दिये गये हैं।
युवाओं को किसी भी प्रकार की हिंसा से बचना है सावधान रहना है जिससे आंदोलन को सरकारी दमन से बचाया जा सके।
इंकलाब जिंदाबाद
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में भारी भीड़ मूसलाधार बारिश के बीच सोनम वांगचुक के समर्थन में सड़क पर उतर आई है। भीड़ में ज्यादातर NSUI के कार्यकर्ता हैं।
यह बात इसको नहीं पता होगी संभवतः कि जिस गांधी और आंबेडकर की तस्वीर के सामने यह छद्म भूख हड़ताल पर बैठा है वह उसके खिलाफ थे।
डॉ. भीमराव अंबेडकर ने उपवास, सविनय अवज्ञा और भूख हड़ताल जैसे तरीकों को "अराजकता का व्याकरण" (Grammar of Anarchy) कहा था।गांधी बाबा ने कहा था कि भूख हड़ताल शब्द ही गलत है उपवास कहना चाहिए। उनका कहना था कि
उपवास का मकसद किसी को मजबूर करना या डराना नहीं, बल्कि विरोधी की अंतरात्मा को जगाना और उसका हृदय परिवर्तन करना होना चाहिए।
व्यक्तिगत लाभ, स्वार्थ, गुस्से या बिना किसी ठोस नैतिक आधार के किया गया उपवास सिर्फ एक दिखावा और ढोंग है।
यदि शारीरिक उपवास के साथ-साथ मन में शुद्धता और अहिंसा की भावना न हो, तो वह केवल शरीर को कष्ट देना है, सत्याग्रह नहीं।
महुआ मोइत्रा, डिम्पल यादव, योगेंद्र यादव, चंद्रशेखर आजाद, सागरिका घोष, शिवसेना के कुछ नेता जंतर मंतर पर हाजिरी लगा चुके हैं। यह या तो इंडिया गठबंधन से संबद्ध रहे हैं या उसके पैरोकार रहे हैं।
यह स्पष्ट समझ में आता है कि यह दबाव सोनम का नहीं है भाजपा स्पॉन्सर्ड कॉकरोच जनता पार्टी का है। सोनम से सरोकार होता तो प्रेसिडेंट, प्राइम मिनिस्टर से मिलकर धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की गुजारिश की जाती। लेकिन यहां तो बीजेपी की ही पिच पर बैटिंग की जा रही है।
भाजपा यही चाहती थी वही दिख रहा है कि टुकड़ों में बंटे लोग यह मामूली सी बात नहीं समझ पा रहे कि जो सरकार कांगेस को टीएमसी को सपा को एक छोटा सा धरना नहीं देती वह यह खटकर्म क्यों कर रही है। उम्मीद करता हूं कांग्रेस इनके झांसे में नहीं आएगी।
कॉकरोच आंदोलन ट्रैप है,
ये अन्ना आंदोलन वालों का ही एक्सटेंशन है,
सावधान रहो,
मुझे ईश्वर ने बता दिया है कि
ये कॉकरोच आंदोलन टोटल चुतियापा है,
सोनम वांगचुक तीन, चार दिन में आंदोलन तोड़ देगा,
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे से पहले फुनसुक वांगडू
भूख हड़ताल से देह ना त्यागेगा,
क्योंकि उसे भी सांसद, विधायक बनकर सत्ता सुख भोगना है,
तुम सब तो जानते ही हो कि
LEGEND को सब बातें समय से पहले ही पता होती हैँ,
श्री अखिलेश यादव जी, आप पूछ रहे थे कि मुझे क्या मिला?
आज आपके प्रश्न का जवाब देती हूं।
अखिलेश जी, मुझे गर्व है कि मैं पाल समाज की बेटी हूं और भाजपाई हूं। मैं उस पार्टी में हूं जहां चाय वाला भी प्रधानमंत्री बन सकता है। ये मेरी क्षमता पर निर्भर करता है।
अखिलेश जी, मैं उस पार्टी में हूं, जहां पाल समाज का बेटा या बेटी विधायक, सांसद, मंत्री, उपमुख्यमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति बन सकता है।
सपा में अतीक, मुख्तार, आजम और सैफई परिवार के अलावा किसी का कोई भविष्य न पहले कभी था और ना होगा।
@yadavakhilesh@samajwadiparty
यूपी सरकार ने जौहर यूनिवर्सिटी पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है। 40 में से 38 कमरे जमींदोज किए जाने हैं। इस यूनिवर्सिटी का शिलान्यास मुलायम सिंह यादव ने और उद्घाटन अखिलेश यादव ने किया था।
लेकिन गजब है कि कांग्रेस बोल रही है, बसपा बोल रही है, तमाम शिक्षाविद बोल रहे हैं लेकिन अखिलेश यादव @yadavakhilesh मुखालफत करते नहीं दिख रहे। एक यूनिवर्सिटी को जमींदोज होते देखने के बावजूद अखिलेश यादव की चुप्पी शर्मनाक है। इसी की बात इमरान मसूद कहते हैं मैं कहता हूं।
अब राजनीति इस मुद्दे पर नहीं होगी तो फिर किस मुद्दे पर होगी? क्या यह उचित न होता कि इस कार्रवाई को लेकर समूची समाजवादी पार्टी सड़क पर होती? शर्मनाक है यह।
क्या खाना है ! क्या पीना है ! ये भी अब सरकार की मर्जी पर है. लखनऊ के प्रतिष्ठित किंग जार्ज मेडिकल कॉलेज के सभी कैंटीन और मेस में नॉन वेज खाने पर रोक लगा दी गई है. यूपी की गवर्नर आनंदी बेन पटेल का ये आदेश है
Nobody wants #SonamWangchuk to die. The person who can save his life today is Abhijit Dipte. Convince him to end his hunger strike. Take him to a hospital.
If Abhijit wants to make a point, he can start a hunger strike himself but spare Sonam.
Don’t turn an old man’s life into a political campaign.