Sabitlenmiş Tweet

भाजपा के पास ‘राष्ट्रवाद’ और ‘रामलला’ हैं, जो रील्स के इस दौर में बंगाल में भी कारगर हो गए हैं, लेकिन ममता के पास 'बंगला अस्मिता' और 'सांस्कृतिक उपाख्यानों' का सहारा है. 'राष्ट्रवाद' और 'उप-राष्ट्रवाद' के बीच का द्वंद्व बंगाल के चुनावी युद्ध को और अधिक दिलचस्प बना रहा है. यह पुस्तक बंगाल में भाजपा (और संघ परिवार) की यात्रा आजादी के बाद अब तक बंगाल की राजनीतिक कथा को विस्तार से सुनाती है. प्री-बुकिंग 11% छूट के साथ
amazon.in/dp/0143466909

हिन्दी




















