
Mehraj Singh Choudhary
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Mehraj Singh Choudhary
@mehrajsBjp
प्रदेश प्रवक्ता,भाजपा राजस्थान





ये तस्वीर या तो इतिहास लिखेगी या फिर दुर्भाग्य लेकिन जाया नहीं हो पाएगी ना जाने क्यों बीते तीन दिनों से मैं बार-बार इस तस्वीर को देखकर इतिहास की कुछ घटनाओं को कुरेद रहा हूँ और विचार कर रहा हूँ कि इस महिला नेता की लाचार तस्वीर की प्रतिध्वनि जब लौटकर आएगी तो उसका शेषफल क्या हासिल होने वाला है ? चूंकि मैं इतिहास में बेहद रुचि लेता हूं तो तमाम घटनाओं को भी इतिहास से जोड़कर देखने का आदी हो चुका हूँ। इसलिए मैं बहुत आत्मविश्वास से यह घोषणा कर सकता हूँ कि यह तस्वीर सियासत में या तो इतिहास लिखेगी या फिर दुर्भाग्य लेकिन जाया नहीं जाएगी। इससे पहले भी देश में बड़ी महिला नेताओं की ऐसी लाचार और बेबस तस्वीरों ने समाज से संवाद किया है और वे सब की सब तस्वीरें सियासत की छाती पर एक शिलालेख की तरह ऐसी जा गढ़ी कि फिर उखड़ नहीं पाई। दक्षिण भारत की सियासत से साल 1987 में एक ऐसी तस्वीर जयललिता की आई थी। MGR की मौत के बाद जब जयललिता उनके पार्थिव देह के दर्शन करने के लिए पहुंची तो जयललिता को बेइज्जत करने की तमाम मर्यादाएं लांघ दी गई। जयललिता को 21 घंटे इंतजार करना पड़ा, उनके साथ मारपीट हुई, बाल पकड़कर खींचा गया। तब एक तस्वीर कैमरे में कैद हुई जिसमें सहमी हुई जयललिता MGR के पार्थिव शरीर के पीछे खड़ी हुई हैं। जयललिता ने वो अपमान उस वक्त लील लिया लेकिन उसकी प्रतिध्वनि बहुत विकट थी। उसके बाद दक्षिण की सियासत में क्या हुआ वह एक इतिहास है। दिन 21 जुलाई और साल 1993 का था तब ममता बनर्जी युवा कांग्रेस की अध्यक्ष हुआ करती थीं। सरकार के खिलाफ प्रदर्शन में ममता बनर्जी पर लाठियां भांजी गई। उस वक्त सड़क पर बेसुध पड़ी ममता बनर्जी की एक तस्वीर ने कोहराम मचा दिया। उसके बाद इतिहास क्या लिखा गया आप ठीक से जानते हैं। तृणमूल कांग्रेस आज भी 21 जुलाई के दिन को शहीद दिवस के तौर पर मनाती है। 2 जून 1995 लखनऊ के मीराबाई मार्ग स्थित स्टेट गेस्ट हाउस में सपा - बसपा गठबंधन टूट जाने के बाद सपा कार्यकर्ताओं ने मायावती पर जानलेवा हमला किया। ये घटना इतनी क्रूर थी कि मायावती की जान जा सकती थी। अगले दिन ही मायावती की तस्वीरें नेशनल मीडिया में छा गई और उस दिन लाचार, बेबस मायावती ने आगे का इतिहास खुद के नाम कर लिया। बीते मंगलवार को अमर जवान ज्योति पर बीजेपी नेता राखी राठौड़ की ये तस्वीर किसने कैद की मैं ये जानना चाहता हूँ। और जिसने भी ये कमाल किया है उसे मालूम होना चाहिए कि उसने या तो एक इतिहास को कैद किया है या फिर गलती से किसी अनर्थ को न्योता देने के लिए उसका कैमरा ठहर गया था। डरी,सहमी और गर्दन झुकाए खड़ी इस महिला नेता की ये तस्वीर अब राजस्थान भर में वायरल और चर्चित है। जबकि उस प्रदर्शन में अनेक महिला नेता मौजूद थीं लेकिन अपमान का ये घूंट राखी राठौड़ के हिस्से ही क्यों आया ? यह इतिहास बनने का संकेत है या दुर्भाग्य लिखे जाने की आशंका ? यह तो महादेव ही जाने। अगर मेरी कभी @RakheeRathore_ से बात/मुलाकात होगी तो मैं उन्हें ये सलाह जरूर दूंगा कि वे इस तस्वीर को फ्रेम में जड़वा ले और एक संदूक में काला टीका लगाकर सुरक्षित रख दें।






बे मौसम बरसात आकर, आज फिर कीचड़ कर गई ऐसा लगता है, कमल खिलने का इशारा कर गई। @BJP4Bengal #BengalWithBJP #bengalchoosesbjp



























