

Nikhil Dave
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@nikhildave86
Co-Founder @mbt_info , @litchowk 𝕃𝕚𝕧𝕚𝕟𝕘, 𝕃𝕖𝕒𝕣𝕟𝕚𝕟𝕘 & 𝕊𝕙𝕒𝕣𝕖𝕚𝕟𝕘 𝕃𝕚𝕗𝕖 ꜱᴇʟᴇᴄᴛɪᴠᴇʟy ᴛᴀʟᴋᴀᴛɪᴠᴇ, ꜱᴛʀᴀᴛᴇɢɪꜱᴛ & ꜰᴏᴏᴅɪᴇ



आज इंदौर में Lit-चौक सीज़न 5 कार्यक्रम में युवाओं के साथ संवाद किया। मध्यप्रदेश में औद्योगिक विकास की गति लगातार बढ़ रही है। युवाओं से आह्वान किया कि आप आगे बढ़ें और स्वयं दूसरों को रोजगार देने वाले बनें।


इस साल भी सजेगा Lit-चौक 19, 20 और 21 दिसम्बर को। इस सीज़न भी होगा बहुत कुछ नया, बेहतरीन और मज़ेदार। तो बने रहिए साथ और आना न भूलें 19, 20, 21 दिसम्बर 2025 Lit-चौक में… . . #litchowk #indore #lcindore #indorekatyohar #festival #indoreevents #socioculturalfestival #lit🔥

ख़त्म हुआ इंतज़ार, फिर आ रहा है इंदौर का त्योहार! ✨ इस साल Lit-चौक सीजन 5 सजेगा 19 | 20 | 21 दिसंबर 2025 को। बने रहिए हमारे साथ! #LitchowkSeason5 #Litchowk #IndoreFestival #IndoreEvents #CulturalFestival #SocialCulturalFestival #SocialCulturalEvent #IndoreCity




माननीय मुख्यमंत्री जी ने आज मंत्रालय में इंदौर के प्रतिष्ठित सोशियो-कल्चरल फेस्टिवल @litchowk के सीजन-4 की कॉफी टेबल बुक का विमोचन किया। इस अवसर पर लिट चौक के सह संस्थापक श्री निखिल दवे जी एवं निदेशक श्री प्रखर दवे जी उपस्थित रहे। @DrMohanYadav51


केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल मेरा युवा भारत (MY Bharat) के साथ इंदौर की संस्था Lit-Chowk फाउंडेशन का कोलैबोरेशन इंदौर सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश वासियों के लिए हर्ष व गर्व का क्षण है। टीम Lit-Chowk को इस प्रतिष्ठित मान्यता को प्राप्त करने वाली मध्यप्रदेश की पहली संस्था बनने पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। @YASMinistry @mybharatgov @litchowk







इंदौर की संस्था Lit-Chowk फाउंडेशन का केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की महत्वाकांक्षी पहल मेरा युवा भारत (MY Bharat) के साथ कोलैबोरेशन इंदौर सहित मध्यप्रदेश के लिए गर्व का विषय है। इस प्रतिष्ठित मान्यता को प्राप्त करने वाली मध्यप्रदेश की पहली संस्था बनने पर टीम Lit-Chowk को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। - श्री @DrMohanYadav51 मुख्यमंत्री म.प्र.

सारा इतिहास स्कूल में ही पढ़ते तो आज तक स्कूल में ही रहते जनाब। अब तो खुद किताबें ख़रीद सकते हैं। सेट पर, हवाई यात्रा या ब्रेक में पढ़ सकते हैं । हड़प्पा पर कम से कम पचास किताबें तो होंगी ही। कौन रोता है पढ़ने से। ये भी तो बताएँ कि स्कूल के बाद से इन्होंने इतिहास कि कितनी किताबें पढ़ीं हैं और कौन कौन सी पढ़ी हैं।




