Nitin Neera Chandra

7K posts

Nitin Neera Chandra banner
Nitin Neera Chandra

Nitin Neera Chandra

@nitinchandra25

National Award Winner Founder of Bihar's first OTT https://t.co/d0Q8doYadE https://t.co/dOarBEhDlk मगध के रहवासी मिथिला में मन भोजपुर के बेटा बिहारी हईं हम ।

Mumbai/Patna/Buxar/Champaran Katılım Nisan 2009
1 Takip Edilen6.7K Takipçiler
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
मैथिली 🙏🏾🌹❤️
Nitin Neera Chandra tweet media
हिन्दी
0
8
49
642
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
इस वीडियो को देखकर किसी भी आम आदमी की हँसी निकल जाएगी l ममता बनर्जी बांग्ला भाषी हैं, उनकी भाषा की जो Prosody/स्वर लय, मतलब intonation, stress pattern, melody and musical flow या हिंदी में कहें तो भाषा की लय, आवाज़ का उतार-चढ़ाव, शब्दों पर पड़ने वाला ज़ोर, उसकी मधुर धुन और बोलने का संगीतात्मक प्रवाह; ये सब बांग्ला से उनकी हिंदी या पंजाबी या अंग्रेजी में आएगा l ये एक incongruous मिक्स है l हम बचपन से जिस तरह की ध्वनियाँ सुनते हैं, वही हमें “सामान्य” लगती हैं। कोई बंगाली हिंदी बोलता है या कोई तमिल व्यक्ति अंग्रेज़ी बोलता है, तो वाक्य सही होते हुए भी उसकी आवाज़ में मातृभाषा की “संगीतात्मक चाल” बनी रहती है। इससे सुनने वाले को वह अलग या हल्का-सा अटपटा लगता है। उससे अलग कोई भी ध्वनि-लय हमें हास्यास्पद या असामान्य लग सकती है, हालाँकि भाषाविज्ञान की दृष्टि से वह बिल्कुल स्वाभाविक है। कई बार आपने Hollywood की फ़िल्मों में देखा होगा कोई French किरदार अंग्रेज़ी बोल रहा है या कोई रूसी अंग्रेज़ी बोलता है तो funny लगता है l रसेल पीटर जैसे लोगो ने Chinese लोगों की तरह अंग्रेजी बोल के अपने stand up comedy को आगे बढ़ाया उसी तरह Raju Shrivastava होते थे जो अवधि log Hindi कैसे बोलेंगे उनके किरदारों पर कॉमेडी की l क्यूंकि इस तरह की भाषा हास्य पैदा करती ही है l आपने सुना होगा कि लोग बिहारियों या उत्तर प्रदेश वालों की हिंदी का मज़ाक़ बनाते हैं l ये स्वाभाविक है l क्यूँकि हम लोग भी जब हिंदी बोलते हैं तो भोजपुरी मैथिली मगही का प्रोसोडी आता है l बस अंतर यही है कि बंगाली या तमिलियन या गुजराती, उड़िया इत्यादि आपस में हिंदी नहीं बोलते जबकि बिहार में ख़ासतौर पर शिक्षित वर्ग अपने घरों में अपने बच्चों, भाई बहन से मातृभाषा छोड़कर हिंदी बोलने लगा और हुआ ये कि ये अटपटापन उसकी जीवन शैली का हिस्सा बनी और जब वो इस incongruous mix भाषा को लेकर कहीं भी गया तो उसका मज़ाक बनता गया l हमारी बर्बादी यहीं से शुरू हुई l वहीं अगर बिहार के लोग जो एक ही मातृभाषा से आते हैं जैसे कोई नवादा से है या सुपौल से आते हैं या रोहतास से तो उन्होंने सौ प्रतिशत अपने घरों और मित्रों में अगर अपनी मातृभाषा में सिर्फ़ बात चीत की होती तो ये स्टीरियोटाइपिंग थोड़ा कम होता l बिहार की मातृभाषा स्कूलों में होती, आम आदमी अपना साहित्य पढ़ता और उनकी ख़ुद की भाषा में लाखों रोज़गार होते जैसे की बंगाल या असम गुजरात या केरल इत्यादि में है l बिहार में अब लोग बहुत तेज़ी से शुद्ध हिंदी बोलने का प्रयास कर रहे हैं, अच्छी बात है लेकिन वो ये नहीं जानते कि उनको पहले अपनी मातृभाषा बचानी थी ताकि उनका सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विकास हो पाता l बहरहाल, बॉलीवुड अब “बिहारी हिंदी” का पूरी तरह से शोषण कर चुका है l कॉमेडी करना है, अनपढ़ दिखाना है तो बिहारी टाइप हिंदी बोलिए l गलती हमारी है।
हिन्दी
2
1
3
359
Saurabh
Saurabh@sauravyadav1133·
सोचिए आज से दशकों पहले बिहार के गांव के एक परिवार में तीसरी लड़की पैदा हो जिसका रंग काला हो और उसके बाद जन्म से ही घर से लेकर बाहर तक सबसे उसके रंग को लेकर ताने मारें मजाक बनाएं तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होती होगी...❓ ऐसे ही कहीं चलते फिरते इस फिल्म के बारे में पता चला और नाम से इसे देखने की जिज्ञासा हुई लेकिन फिर देखा कि भोजपुरी में है तो थोड़ा हिचकिचाहट हुई लेकिन फिर याद आई पहली फिल्म सैराट जो हिंदी में नहीं होने के चलते मजबूरी में देखनी शुरू की थी लेकिन फिल्म खत्म होते-होते पता ही नहीं चला कि हम मराठी नहीं जानते हैं फिर अभी कुछ दिनों पहले दूसरी फिल्म बूंग देखी जो मणिपुरी भाषा में थी और आज भोजपूरी फिल्म करियट्ठी देखी और देखने के बाद लगा कि जिस भाषा की फिल्म है उसे उसी भाषा में देखकर उसके साथ न्याय किया जा सकता है और वैसे भी भाषा चाहे कोई भी हो लेकिन हमारा दुख दर्द सब साझा ही तो है। करियट्ठी एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसका रंग समाज के मुताबिक अच्छा नहीं है लेकिन वो बहुत जिंदादिल लड़की है। त्वचा के रंग का हम पर असर पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता रहता है लेकिन अगर हम चाहें तो उसे रोक सकते हैं... जैसे रानी के घर वाले उसके रंग से परेशान थे उसके पति को भी उसके रंग से दिक्कत थी लेकिन उसके बेटे को नहीं थी क्योंकि घरवालों की परवरिश इसी सोच वालों ने की होगी और पति की परवरिश भी इसी तरह की सोच वाले लोगों के बीच हुई होगी लेकिन उसके बेटे की परवरिश रानी कर रही थी तो उसकी सोच बाकि सबसे अलग थी। फिल्म की अच्छी बात ये है कि फिल्म अपने मूल विषय से भटके बिना दूसरे कई जरूरी विषयों को छूती जाती है जैसे एक सीन में रानी शादी के बाद अपने घर लौटती है तो मां से पूछती है कि मां हम औरत की जिंदगी बस यही होती कि बड़े होकर शादी और फिर पति के घर जाकर उसका घर संभालो❓ इस पर मां जवाब देती है कि “हम गांव देहात के घरों में रहने वाली औरतों की यही जिंदगी है अगर हम में से कोई सरकारी नौकरी पा गई तो पा गई नहीं तो इसी चारदीवारी में जिंदगी खत्म हो जाती है...” ये कहते हुए रानी की मां के चेहरे पर उन हजारों औरतों का दर्द उभर आता है जो गांव देहात में अपनी पूरी जिंदगी चौका बर्तन में ही निकाल चुकी हैं या निकाल रही हैं। फिल्म की डिटेलिंग बहुत बारीकी से की गई है उस दौर की एक-एक चीज का ध्यान रखा गया है। फिल्म अच्छी लगी तो इसके बारे में गूगल किया जहां से इसके डायरेक्टर @nitinchandra25 के बारे में पता लगा और ये भी पता लगा कि नितिन चंद्रा को 2016 में नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। करियट्ठी तो सोशल मीडिया पर घूमते-फिरते मिल गई लेकिन इनकी फिल्म "मिथिला मखान" जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला है वो अब ढूढ़कर देखनी है। और हां इस फिल्म की वजह से ही के एक नये OTT प्लेटफॉर्म Waves से परिचय हुआ ये प्रसार भारती का है इस पर आपको ऐसा ही शानदार सिनेमा और कई पुराने क्लासिक सीरियल भी मिल जाएंगे। #bhojpuri #bhojpuricinema
Saurabh tweet mediaSaurabh tweet mediaSaurabh tweet media
हिन्दी
9
22
83
4.6K
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
@sauravyadav1133 आप देखने का वादा करें तो हम आगे भी बनाने का इरादा करें 🙏🏾🌹
हिन्दी
1
0
1
17
Saurabh
Saurabh@sauravyadav1133·
@nitinchandra25 अरे आपका धन्यवाद भोजपुरी में इतना अच्छा सिनेमा देने के लिए🌻
हिन्दी
1
0
6
308
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
बहुत धन्यवाद @sauravyadav1133
Saurabh@sauravyadav1133

सोचिए आज से दशकों पहले बिहार के गांव के एक परिवार में तीसरी लड़की पैदा हो जिसका रंग काला हो और उसके बाद जन्म से ही घर से लेकर बाहर तक सबसे उसके रंग को लेकर ताने मारें मजाक बनाएं तो उसकी मानसिक स्थिति क्या होती होगी...❓ ऐसे ही कहीं चलते फिरते इस फिल्म के बारे में पता चला और नाम से इसे देखने की जिज्ञासा हुई लेकिन फिर देखा कि भोजपुरी में है तो थोड़ा हिचकिचाहट हुई लेकिन फिर याद आई पहली फिल्म सैराट जो हिंदी में नहीं होने के चलते मजबूरी में देखनी शुरू की थी लेकिन फिल्म खत्म होते-होते पता ही नहीं चला कि हम मराठी नहीं जानते हैं फिर अभी कुछ दिनों पहले दूसरी फिल्म बूंग देखी जो मणिपुरी भाषा में थी और आज भोजपूरी फिल्म करियट्ठी देखी और देखने के बाद लगा कि जिस भाषा की फिल्म है उसे उसी भाषा में देखकर उसके साथ न्याय किया जा सकता है और वैसे भी भाषा चाहे कोई भी हो लेकिन हमारा दुख दर्द सब साझा ही तो है। करियट्ठी एक ऐसी लड़की की कहानी है जिसका रंग समाज के मुताबिक अच्छा नहीं है लेकिन वो बहुत जिंदादिल लड़की है। त्वचा के रंग का हम पर असर पीढ़ी दर पीढ़ी ट्रांसफर होता रहता है लेकिन अगर हम चाहें तो उसे रोक सकते हैं... जैसे रानी के घर वाले उसके रंग से परेशान थे उसके पति को भी उसके रंग से दिक्कत थी लेकिन उसके बेटे को नहीं थी क्योंकि घरवालों की परवरिश इसी सोच वालों ने की होगी और पति की परवरिश भी इसी तरह की सोच वाले लोगों के बीच हुई होगी लेकिन उसके बेटे की परवरिश रानी कर रही थी तो उसकी सोच बाकि सबसे अलग थी। फिल्म की अच्छी बात ये है कि फिल्म अपने मूल विषय से भटके बिना दूसरे कई जरूरी विषयों को छूती जाती है जैसे एक सीन में रानी शादी के बाद अपने घर लौटती है तो मां से पूछती है कि मां हम औरत की जिंदगी बस यही होती कि बड़े होकर शादी और फिर पति के घर जाकर उसका घर संभालो❓ इस पर मां जवाब देती है कि “हम गांव देहात के घरों में रहने वाली औरतों की यही जिंदगी है अगर हम में से कोई सरकारी नौकरी पा गई तो पा गई नहीं तो इसी चारदीवारी में जिंदगी खत्म हो जाती है...” ये कहते हुए रानी की मां के चेहरे पर उन हजारों औरतों का दर्द उभर आता है जो गांव देहात में अपनी पूरी जिंदगी चौका बर्तन में ही निकाल चुकी हैं या निकाल रही हैं। फिल्म की डिटेलिंग बहुत बारीकी से की गई है उस दौर की एक-एक चीज का ध्यान रखा गया है। फिल्म अच्छी लगी तो इसके बारे में गूगल किया जहां से इसके डायरेक्टर @nitinchandra25 के बारे में पता लगा और ये भी पता लगा कि नितिन चंद्रा को 2016 में नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है। करियट्ठी तो सोशल मीडिया पर घूमते-फिरते मिल गई लेकिन इनकी फिल्म "मिथिला मखान" जिसे नेशनल अवॉर्ड मिला है वो अब ढूढ़कर देखनी है। और हां इस फिल्म की वजह से ही के एक नये OTT प्लेटफॉर्म Waves से परिचय हुआ ये प्रसार भारती का है इस पर आपको ऐसा ही शानदार सिनेमा और कई पुराने क्लासिक सीरियल भी मिल जाएंगे। #bhojpuri #bhojpuricinema

हिन्दी
1
0
16
663
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
बिहार की स्थिति कुछ ऐसी है की एक तरह बॉलीवुड है जहां पर एक दर्जन निर्माता निर्देशक बिहार के अपराध को बेचकर अपना घर चलाते रहे, आज भी कर रहे हैं और आगे भी करेंगे और दूसरी तरह भोजपुरी में अश्लील बनाने बेचने वालों कहीं का नहीं छोड़ा । इन दोनों के बीच में बिहार पिसता चला गया । बहरहाल, बॉलीवुड कैसे काम करता है बिहार को लेकर इस पर ये व्यंग्य वीडियो आप लोगो ने देखा है क्या ? youtube.com/watch?v=Le383p…
YouTube video
YouTube
हिन्दी
1
10
32
1.8K
Dinesh Kumar
Dinesh Kumar@DineshRedBull·
बिहार की राजधानी पटना के इस परिवार की हालत बेहद दर्दनाक है। पति-पत्नी दोनों ही देख नहीं सकते, और अब उनके इकलौते बेटे की भी आँखों की रोशनी धीरे-धीरे जा रही है। अगर समय पर सही इलाज मिल जाए तो शायद बच्चे की रोशनी बचाई जा सकती है। इस वीडियो को ज्यादा से ज्यादा शेयर करें ताकि इन तक मदद पहुँच सके और कोई इनकी सहायता के लिए आगे आए।
हिन्दी
31
425
648
11.2K
Anshuman Singh
Anshuman Singh@anshumansingh75·
@nitinchandra25 Hi! This belongs to my in laws, but I will definitely put in a word to them. Please do let me know when your project moves to the next stage, I will do what I can to make it work.
English
2
0
1
191
Anshuman Singh
Anshuman Singh@anshumansingh75·
Bhagalpur home of the Rathore family of Paliyaar, my in laws. Once a house bustling with people and energy, now an empty nest. Most of the family members have moved to bigger cities, or overseas. Clicked by me 2 years ago.
Anshuman Singh tweet mediaAnshuman Singh tweet media
English
35
32
565
37.4K
Uday Chatterjee
Uday Chatterjee@UdayChatterje·
Currently Two major international hospitality brands hotels are under construction phase in Darbhanga, while several other hotels are set to be opened soon. Major Private Hotel Investment by: 🔸Ramada Group 🔸Radission Group
Uday Chatterjee tweet mediaUday Chatterjee tweet media
English
5
15
87
2.3K
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
It is not an unpopular Opinion, it is misplaced Opinion. Calling Bihar the “backbone of India’s survival” is more a sentiment of regional pride than an evidence-based conclusion. The argument that Bihar produces many IAS or IPS officers actually exposes a deeper paradox. For decades, the state has celebrated entry into bureaucracy as the highest form of success. Yet bureaucrats, by definition, are state employees executing policy, not creators of large-scale wealth, industry, innovation, or institutional transformation. If bureaucratic representation were truly the measure of collective progress, Bihar would not continue to struggle with poverty, out-migration, weak industrialisation, and low per-capita income. Similarly, high GSDP growth rates must be read in context. Growth from a historically low base can appear impressive in percentage terms while the absolute economic structure remains fragile. True economic backbone is reflected in sustained productivity, capital formation, technological ecosystems, and robust social indicators — areas where other states contribute far more decisively to India’s national strength. Finally, portraying migrant labour from Bihar as proof of indispensability risks romanticising structural underdevelopment. Migration on such a scale often signals the absence of local opportunity rather than a position of national centrality. A more honest assessment would acknowledge Bihar’s immense human potential and cultural depth, while also recognising that symbolic achievements and pride narratives cannot substitute for broad-based economic transformation and institutional progress. Lets build Bihar on truth and facts and create real pride in our coming generations.
English
0
0
2
163
Netra Sharma
Netra Sharma@Netra_sharma0·
Unpopular Opinion: Bihar is the backbone of India’s survival. 🇮🇳 • Most IAS/IPS officers? Bihar. • Fastest GSDP growth rates? Bihar. • Workforce that builds metros in other states? Bihar.
English
41
7
101
7.8K
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
@AmitKum35585089 भाई, क्रांति प्रकाश झा (एक्टर ) और प्रकाश झा (निर्देशक/निर्माता) दो अलग लोग हैं, ये पोस्ट एक्टर क्रांति प्रकाश झा के बारे में है l
हिन्दी
1
0
3
244
Mr Shaw
Mr Shaw@AmitKum35585089·
@nitinchandra25 इस हरामी ने बिहार को जितना बदनाम राष्ट्रीय स्तर पर किया है अपने फिल्मों के माध्यम से उतना किसी ने नहीं किया है। बिहारियों के खिलाफ 90% स्टीरियोटाइप इसी के फिल्म के माध्यम से हुई है
हिन्दी
2
0
1
288
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
क्रांति प्रकाश झा बिहार की उस मिट्टी के सच्चे सपूत हैं, जिन्होंने अपने सपनों को साकार करने के लिए लगभग दो हज़ार किलोमीटर दूर मुंबई की चमकती दुनिया तक का सफ़र तय किया, वहाँ अपनी प्रतिभा का परचम भी लहराया, लेकिन कभी अपनी जड़ों, अपनी मातृभाषा और अपनी सांस्कृतिक पहचान से दूरी नहीं बनाई। वे एक असल मैथिल बिहारी हैं — भीतर से गहरे संवेदनशील, बाहर से दृढ़, और अपने कला-कौशल के प्रति पूरी तरह समर्पित एक पक्के कलाकार। क्रांति जी से मेरी पहली मुलाक़ात वर्ष 2006 में पटना के बोरिंग रोड स्थित HDFC बैंक के एटीएम के बाहर हुई थी। उस समय शायद हम दोनों में से किसी ने भी नहीं सोचा था कि आने वाले वर्षों में हमारी रचनात्मक यात्राएँ एक-दूसरे से इस तरह जुड़ जाएँगी। बाद के समय में हमने साथ मिलकर “देसवा” जैसी सामाजिक सरोकारों से जुड़ी फिल्म बनाई, फिर राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित “मिथिला मखान”*में काम किया, और आगे चलकर "छठ" पर्व पर आधारित वह वीडियो श्रृंखला तैयार की, जिसने इस लोकआस्था और सांस्कृतिक परंपरा को एक नया आयाम और नई दृश्यात्मक पहचान दी। बॉलीवुड में जहाँ कलाकार थोड़ा नाम करने लगे तो तुरंत अपनी भाषा छोड़ देता है वहीँ क्रान्ति जी ने भोजपुरी और मैथिली में वो फिल्मे की हैं जो इन भाषाओं में मील का पत्थर है । क्रांति प्रकाश झा की अभिनय यात्रा केवल भूमिकाएँ निभाने की कहानी नहीं है, बल्कि यह अपने समय, समाज और संस्कृति से गहरे संवाद की यात्रा है। वे हर किरदार में सच्चाई, ऊर्जा और मानवीय संवेदना का संचार करते हैं, जिससे उनके पात्र दर्शकों के मन में लंबे समय तक जीवित रहते हैं। अब उनकी नई सीरीज़ “संकल्प” रिलीज़ हो चुकी है, जो उनके रचनात्मक सफ़र का एक और सशक्त पड़ाव है। हमें विश्वास है कि यह श्रृंखला भी दर्शकों के दिलों में गहरी छाप छोड़ेगी और क्रांति जी की प्रतिभा को नए आयामों तक पहुँचाएगी।
Nitin Neera Chandra tweet mediaNitin Neera Chandra tweet mediaNitin Neera Chandra tweet mediaNitin Neera Chandra tweet media
हिन्दी
4
16
114
7.8K
Nitin Neera Chandra
Nitin Neera Chandra@nitinchandra25·
@Moolniwasi16 भाई, क्रांति प्रकाश झा (एक्टर ) और प्रकाश झा (निर्देशक/निर्माता) दो अलग लोग हैं, ये पोस्ट एक्टर क्रांति प्रकाश झा के बारे में है l
हिन्दी
0
0
0
11