
नेता नहीं… एक युग परिवर्तन की शुरुआत हैं
जहां फैसले सिर्फ कागज पर नहीं, जमीन पर असर दिखाते हैं
यूपी अब डर की नहीं, व्यवस्था की पहचान बन रहा है
माफिया शब्द अब ताकत नहीं, कार्रवाई का संकेत बन गया है
कानून का राज सिर्फ बोला नहीं, लागू होता दिख रहा है
ऐसा नेतृत्व कम मिलता है जो सिस्टम को सीधा खड़ा कर दे
और जनता खुद कहे कि हां, बदलाव असली है
ये सिर्फ सरकार नहीं, एक नए आत्मविश्वास का उदय है
जहां शासन नहीं, व्यवस्था खुद अनुशासन बन जाती है
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