Himanshu

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@random_guy403

Ambedkarite Constitutional Patriot 🇮🇳 Educate, Agitate, Organize राष्ट्र सर्वोपरि 🚩 जय भीम 💙 भारत माता की जय 🚩

Katılım Mart 2022
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
"जब तक हम एकजुट नहीं होंगे, तब तक हमें हमारा हक नहीं मिलेगा। माननीय बहन जी के नेतृत्व में बहुजन समाज को सत्ता के शिखर पर पहुँचाना और तिलक की जनता की आवाज़ को बुलंद करना मेरा मुख्य लक्ष्य है। संघर्ष अभी बाकी है, जीत निश्चित है! 💪💙 #BSP #Shajahanpur #JaiBhim #Mayawati #Tilhar
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Mayawati
Mayawati@Mayawati·
उत्तर प्रदेश जैसे विशाल आबादी वाले राज्य में भीषण गर्मी के इस मौसम में बिजली की कम अपूर्ति व कटौती आदि की आम शिकायतों व उसको लेकर विशेषकर ग़रीब, मध्यम वर्ग, किसान, छोटे व्यापारियों व अन्य करोड़ों मेहनतकश लोगों का जीवन अति-कष्टदायी बना हुआ है तथा इसको लेकर लोग विभिन्न रूपों में अपना आक्रोश भी प्रकट कर रहे हैं, जिसकी चर्चा मीडिया में भी काफी व निरन्तर रहती है। अतः सरकार से अपील है कि वह बिजली आपूर्ति सम्बंधी लोगों के कष्ट व परेशानियों को ध्यान में रखते हुये ज़रूरी उपाय तत्काल सुनिश्चित करे। इसके साथ ही, नये पावर प्लाण्ट आदि के माध्यम से भी आगे के लिये बिजली आपूर्ति की स्थिति को सुधारने का प्रयास करे तो यह व्यापक जनहित में उचित होगा।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@yadavakhilesh मतलब सपा कहा है? क्या कर रही है? क्या सपा भाजपा से टक्कर नहीं ले पाएगी?
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@Ravindra_Jatav9 @Raghuraj_Bhadri बयान को सुनो तब समझ आयेगा कि @Raghuraj_Bhadri ने क्या बोला और क्यों बोला है। बिना समझे ही खाली में बोलने लगे सब बसपाई। सब पगला गए है पता नहीं क्या ।
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Ravindra Jatav
Ravindra Jatav@Ravindra_Jatav9·
हैलो @Raghuraj_Bhadri बहन जी अपनी सरकार में तुझे ख़ून के आंसू रुला दिया था इसके बाद भी संविधान खत्म करने की बात कह रहा है मूर्ख आदमी।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@dromsudhaa कैसे डिग्री मिल गई? रघुराज प्रताप में चेतावनी दी।है जिस दिन हिन्दू अल्पसंख्यक हो गया उसी दिन संविधान खत्म कर दिया जाएगा। और खत्म करने वाले आज एक अल्पसंख्यक होगे। बो अभी भी संविधान से ऊपर शरिया को मानते है। पहले परिपेक्ष्य को समझो फिर बोलो नहीं तो झूठ मत फैलाओ।
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Dr. Om Sudha
Dr. Om Sudha@dromsudhaa·
सुन बे । दो टकिया। छपरी गुंडा। तुम जैसा कितना आया और कितना गया । इस देश का संविधान जिंदाबाद था , जिंदाबाद है और जिंदाबाद रहेगा।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@raviadi7793 मुसलमानों की ये समस्या (सरिया को संविधान से ऊपर मानने वाली) सिर्फ बहत ही नहीं कई देशों के साथ है। कहा भी मुसलमान 20% से ज्यादा है वह ये शरिया कानून को लागू कारण चाह रहे है। कुछ समय बाद भारत में भी यही हालात पैदा होने वाले है। रघुराज प्रताप संकेतों में लोगो की समझ रहे है।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@raviadi7793 जो लोग भी विरोध कर रहे है, पहले बो इस बयान को सही से समझे। राजा भैया का कहने अर्थ है कि – संविधान हिंदू नहीं फाड़ेगा, शरिया को संविधान से ऊपर मानने वाला मुसलमान फाड़ के फेकेगा। संविधान के लिए हिन्दू बहुल होना जरूरी है जो काफी हद तक सही भी है।
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Ravi Arya
Ravi Arya@raviadi7793·
इसको बहन जी ने संविधान का पाठ खूब पढ़ाया था इसीलिए ये तकलीफ में है।।
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Mayawati
Mayawati@Mayawati·
जैसाकि सर्वविदित है कि अपने भारत देश की दुनिया भर में अच्छी एवं अनोखी मानवतावादी पहचान ख़ासकर परमपूज्य बाबा साहेब डा. भीमराव अम्बेडकर के अनूपम संविधान को लेकर ज़्यादा है, जो पूरी तरह से धर्मनिरपेक्षता (सेक्युलरिज़्म) के सिद्धान्त पर आधारित है अर्थात् यहाँ रहने वाले विभिन्न धर्मों के मानने वाले सभी लोगों को एक-समान आदर-सम्मान देना है तथा देश का मिज़ाज भी अधिकतर ऐसे ही उच्च मानवीय गुणों पर आधारित सभी धर्मों के मानने वालों को उनके जान, माल व मज़हब की आज़ादी एवं सुरक्षा आदि सुनिश्चित करता है और इसके निर्धारित व बताये हुये रास्तों पर चलना सभी सरकारों की ही नहीं बल्कि सभी नागरिकों की भी परम व प्रमुख ज़िम्मेदारी है। इतना ही नहीं बल्कि यह भी सर्वविदित ही है कि यही वह सुरक्षा कवच है जिसके सहारे विदेशों में भारत-विरोधी प्रोपागण्डा आदि का देश हमेशा बख़ूबी सामना करता है, किन्तु केन्द्र व सभी राज्य सरकारों का यह दायित्व/ज़िम्मेदारी बनती है कि वे ऐसा कुछ भी ना करें और ना ही वैसे कुछ होने दें जिससे देश व ख़ासकर भारत सरकार से इसके बारे अप्रिय सवाल-जवाब हो। इस क्रम में ख़ासकर पश्चिम बंगाल में चुनाव उपरान्त जारी हिंसा की सर्वत्र हो रही चर्चाओं में भी विशेषकर मा. हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद सरकारों को इसके प्रति सतर्क व अराजकता के विरुद्ध सख़्त हो जाना चाहिये, ताकि किसी भी सरकार के ऊपर संकीर्ण राजनीति, धार्मिक भेदभाव, जातीय द्वेष व पक्षपात आदि का दोष लगे, यह अति-चिन्ता की बात ज़रूर होनी चाहिये। इसके साथ ही, व्यापक जनहित व जनसुरक्षा के मद्देनज़र स्थापित नियम-क़ानूनों के अनुपालन या तत्सम्बंधी नये क़ानून आदि बनता है तो उसका अनुपालन सभी धर्मों के लोगों पर एक समान रूप में होना चाहिये अर्थात् संविधान व क़ाूनन की मान-मर्यादाओं को बरकरार रखने के लिये ज़रूरी है कि क़ानूनों का इस्तेमाल धार्मिक व जातीय भेदभाव/पक्षपात व द्वेष के बिना हो, ताकि सरकारें सर्वसमाज व सर्वधर्म हितैषी हों और लोगों को लगे भी तथा जिससे सरकारों की संवैधानिक गुडविल प्रभावित ना हो तो यह उचित होगा। वैसे भी देश के ख़ासकर सामाजिक, आर्थिक व राजनीतिक हालात इतने कठिन व ज्वलन्त समस्यायें इतने अधिक दुखद/कष्टदायी हो गये हैं कि सभी सरकारों को उन विशेष मुद्दों पर अपना ध्यान पूरी तरह से केन्द्रित करना चाहिये, ना कि विध्वंसकारी इमेज आदि के माध्यम से लोेगों का ध्यान उस पर से बाँटने का प्रयास करना चाहिये, क्योंकि इससे देश की राष्ट्रीय समस्याओं का समाधान नहीं होगा बल्कि क्राइसिस के हालात को और बढ़ायेेगा, जो देश व जनहितैषी कतई भी नहीं होगा, यही अपील।
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Mayawati
Mayawati@Mayawati·
अभी हाल ही में उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में ज़बरदस्त आंधी-तूफान से हुई जान-माल की भारी तबाही से प्रभावित लोगों/परिवारों की मदद के लिए राज्य सरकार को अपनी पूरी उदारता बरतते हुये हर प्रकार से उनके सहयोग के लिये आगे आना चाहिये ताकि वे लोग अपने उजड़े/बिखरे हुये पारिवारिक जीवन को समेट कर दोबारा से अपनी ज़िन्दगी शुरू कर सकें। इसके साथ ही, ख़ासकर पेट्रोलियम पदार्थों आदि, इन आवश्यक वस्तुओं के मूल्य में अनवरत वृद्धि को जारी रखते हुये केन्द्र सरकार द्वारा पेट्रोल व डीज़ल आदि की क़ीमत में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि करोड़ों ग़रीबों व मेहनतकश परिवारों, खेती-किसानी आदि के साथ-साथ मिडिल क्लास के जीवन को भी बुरी तरह से प्रभावित करेगा, अर्थात् इस महंगाई का सीधा असर इन सबके परिवार के पालन-पोषण पर पड़ेगा। इसीलिये सरकार को महंगाई व जीवन दुष्कर करने वाली इस प्रकार की नियमित वृद्धि को कम करने के लिए ज़रूरी सार्थक क़दम उठाने चाहिये, यही समय की माँग है।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@vkjatav84 मुसलमानों को मूर्ख बनाना बहुत आसान है, इसीलिए सपा बना रही है। बाकी प्रत्यक्ष रूप से सपा कभी मुसलमानों के मुद्दों पर भी बोलती लेकिन भाजपा का डर दिखा कर वोट जरूर ले लेती है। इसमें गलती भाजपा की नहीं है गलती मूर्खो की है आंखे होते हुए भी नहीं देख पा रहे। खैर मुझे क्या!
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Vikas Kumar Jatav
Vikas Kumar Jatav@vkjatav84·
समाजवादी पार्टी के।पास एक सबसे महत्वपूर्ण पद है जो कैबिनेट मंत्री कर स्तर का होता है, वो है विपक्षी पार्टी के नेता सदन का। और समाजवादी पार्टी ने वो; "माता प्रसाद पांडेय" को दे रखा है। पता है कि; "मुस्लिम प्रश्न नही करेगा कि 99% वोट हमारा, नेता सदन ब्राह्मण, जो सपा को वोट नही करता है। काहे?" मुस्लिम को केवल कह देंगे कि इन बातों पर धयान न दो। सामने भाजपा है। उससे हम बचाएंगे। यह घुट्टी पिला देनी है। काम चल जाएगा। विकास कुमार जाटव
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Himanshu@random_guy403·
@iamAshwiniyadav उधर सपाई रंडी रोना मचा रहे है, बचाव कर रहे है। लेकिन जो सच है उसे स्वीकार नहीं कर रहे। एक जाति या धर्म को टारगेट करके कौन से देश हित की बात कर रहे ? परशुराम जयंती मनाएंगे, मूर्ति लगाएंगे, महाराणा प्रताप जयंती मनाएंगे, और समर्थक/प्रवक्ता बैठ कर गालियां भी देंगे। ऐसा नहीं चलेगा
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Ashwini Yadav
Ashwini Yadav@iamAshwiniyadav·
मैंने बहुत पहले ही कहा था आज फिर कह रहा हूँ... एक पार्टी विशेष के प्रवक्ता Tv पर पक्ष रखने नहीं आते हैं बल्कि उसी अपनी पार्टी की सुपारी लेकर बैठे हैं... लंका लगवा देते हैं अपनी घटिया सोच और ज़ुबान से। भाई इतनी कुंठा अगर जाति विशेष के प्रति रखोगे तो फिर अपनी पार्टी के Founding Members हो उस जाति के ही थे उनकी इज़्ज़त कैसे कर पाओगे? समय रहते अगर नहीं सम्हले तो अभी के हालात में दहाई से आगे सैकड़ा में जाना मुश्किल दिख रहा है। ये कटु सत्य है और लॉजिक के साथ है भी कि ऐसी नफ़रत भरी सोच न पार्टी हित में है न समाज हित में।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
भारतीय राजनीति में अगर आप स्वच्छ राजनीति करना चाहते है तो आपको बहुत से आरोप झेलने पड़ेंगे। बाकी कुछ भी कही बसपा की– सर्वजन हिताए सर्वजन सुखाया की नीति सबसे अच्छी है। न किसी जाति/धर्म विशेष पर गलत टिप्पणी,न ही भड़काऊ भाषण। बिल्कुल देशहित में साफ और स्वच्छ राजनीति।
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Ad. Kamlesh kumar Bsp
Ad. Kamlesh kumar Bsp@KamleshDohare3·
एक ही विकल्प बसपा,एक ही संकल्प बसपा सरकार। वरिष्ठ नेतृत्व का आभार धन्यवाद जय भीम जय काशीराम बहन कुमारी मायावती जी जिंदाबाद। @BSP4MP_ @AnandAkash_BSP @Mayawati @ramjigautambsp
Ad. Kamlesh kumar Bsp tweet media
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Mayawati
Mayawati@Mayawati·
समाजवादी पार्टी (सपा) के एक प्रमुख राष्ट्रीय प्रवक्ता द्वारा अभी हाल ही में ब्राह्मण समाज को लेकर की गयी अभद्र, अशोभनीय एवं आपत्तिजनक टिप्पणी व बयानबाज़ी आदि को लेकर हर तरफ उपजा भारी आक्रोश व उसकी तीव्र निन्दा स्वाभाविक ही है तथा इस विवाद के फलस्वरूप पुलिस द्वारा मुक़दमा दर्ज किये जाने के बाद भी यह मामला थमने का नाम नहीं ले रहा है। किन्तु संकीर्ण जातिवादी राजनीति करने वाली सपा के नेतृत्व की इस मामले को लेकर ख़ामोशी से भी मामला और अधिक गंभीर होकर काफी तूल पकड़ता जा रहा है। स्थिति भी तनावपूर्ण होती जा रही है। वैसे भी सपा प्रवक्ता के ग़ैर-ज़िम्मेदाराना बयान से ब्राह्मण समाज के आदर-सम्मान व स्वाभिमान को जो ठेस पहुँची है तो उसको गंभीरता से लेते हुये सपा मुखिया को इसका तत्काल संज्ञान लेकर ब्राह्मण समाज से छमा याचना व पश्चाताप कर लेना चाहिये तो यह संभवतः उचित होगा। इसके अलावा, इस ताज़ा प्रकरण से लोगों की नज़र में यह भी साबित है कि सपा का ख़ासकर दलितों, अति-पिछड़ों व मुस्लिम समाज आदि की तरह ब्राह्मण समाज-विरोधी भी इनका जातिवादी चाल व चरित्र बदला नहीं है बल्कि और ज़्यादा गहरा ही हुआ है तथा इसके साथ ही, ब्राह्मण समाज के प्रति वर्तमान सरकार के रवैयों को लेकर भी जो ज़बरदस्त नाराज़गी इस समाज में देखने को मिल रही है वह भी किसी से छिपा हुआ नहीं है, जबकि यह सर्वविदित है कि बी.एस.पी. द्वारा सर्वसमाज की तरह ब्राह्मण समाज को भी पार्टी व सरकार में भी भरपूर आदर-सम्मान देने के साथ-साथ हर स्तर पर उन्हें उचित भागीदारी भी दी गयी है अर्थात् बी.एस.पी. में यूज़ एण्ड थ्रो नहीं है बल्कि सर्वसमाज का हित हमेशा सुरक्षित रहा है।
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@AnandAkash_BSP धन्यवाद आकाश भैया। बसपा सरकार के नेतृत्व में प्रदेश और देश दोनों ही तरक्की की तरफ अग्रसर होंगे। आप चाहेंगे और तन मन धन से लगेंगे तो सरकार जरूर बनेगी।
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Akash Anand
Akash Anand@AnandAkash_BSP·
माननीय प्रधानमंत्री जी की हालिया अपील ऐसे समय आई है जब देश की अर्थव्यवस्था पहले से ही दबाव में है। पिछले तीन महीनों में हमारा विदेशी मुद्रा भंडार लगभग $38 अरब घटकर मात्र $690 अरब रह गया है। रुपया डॉलर के मुक़ाबले ₹95 पार कर चुका है, और व्यापार घाटा लगातार बढ़ रहा है। ये केवल आँकड़े नहीं हैं, ये करोड़ों परिवारों की रोज़मर्रा की चिंता हैं। मैं मानता हूँ कि मौजूदा हालात में अर्थव्यवस्था चलाना आसान काम नहीं है, और दुनिया भी एक कठिन दौर से गुज़र रही है। ऐसे समय में सरकार का ध्यान मांग बढ़ाने पर होना चाहिए, मांग घटाने पर नहीं। दुनिया का आर्थिक इतिहास हमें एक सीधी बात सिखाता है कि जब आर्थिक गति धीमी हो, तब लोगों से कम खर्च करने को कहना समाधान नहीं होता, समाधान यह है कि टैक्स में राहत देकर, छोटे व्यापारियों को सहारा देकर, मध्यम वर्ग पर बोझ कम कर आम परिवारों के हाथ में थोड़ा ज़्यादा पैसा छोड़ा जाए। मुझे दुख इस बात का है कि हर बार किफ़ायत की ज़िम्मेदारी उसी ईमानदार करदाता पर आ जाती है जिसने कोविड के समय भी सबसे ज़्यादा सहा। उसने उस वक़्त भी पूरे भरोसे से अपनी भूमिका निभाई थी, तब भी उसके लिए राहत सीमित थी, और आज फिर उसी को बलि का बकरा बनाया जा रहा है और वो भी बिना ये बताए कि सरकार अपनी ओर से उसके लिए क्या करने जा रही है। केंद्र सरकार और राज्य सरकारों को रेवडियां बांटने वाली नीतियों पर तुरंत रोक लगानी होगी ताकि सरकारी खजाने पर बोझ कम हो सके। अगर सरकारें fiscal dicipline और productive capital creation पर ध्यान नहीं देंगी, तो थोड़े समय का राजनीतिक लाभ देश को लंबी आर्थिक कीमत चुकाने पर मजबूर करेगा। देश को अपील नहीं, एक स्पष्ट रास्ता चाहिए। लोग जानना चाहते हैं विकास कैसे लौटेगा, नौकरियाँ कैसे बढ़ेंगी, और किसानों, छोटे व्यापारियों व मध्यम वर्ग को असली राहत कब मिलेगी। सिर्फ़ नागरिकों से त्याग माँगना शासन नहीं होता। जवाबदेही, दूरदृष्टि और आर्थिक संतुलन यही असली राष्ट्रहित है।
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Vikas Kumar Jatav
Vikas Kumar Jatav@vkjatav84·
जुम्मे में मुगले महान शनिश्चर में क्षत्रिय अपमान इतवार में लगे प्रताप की मूर्ति सोमवार में बताओ बामन बेईमान जब होवे हाय तौबा तो मंगल में बामन महान PDA का कुल कार्य (Even)सम दिवस पर किसी का अपमान (odd) विषम दिवस में माफ़ी का फरमान। Akhileshyadav से अपना संगठन नहीं संभल रहा 😝 @grtbabamanish
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Himanshu
Himanshu@random_guy403·
@AnandAkash_BSP Finally. अब किसी मुद्दे पर आकाश भैया का ट्वीट आ ही गया। अब समर्थक वर्ग फिर से उम्मीदों से भर जाएगा। लेकिन उसके हाथ क्या आएगा ये तो समय बताएगा।
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Akash Anand
Akash Anand@AnandAkash_BSP·
NEET-UG 2026 का रद्द होना सिर्फ एक परीक्षा का रद्द होना नहीं है, यह उन लाखों परिवारों के भरोसे की बात है, जिन्होंने अपने बच्चों के लिए सपने देखे, मेहनत से पढ़ाया और यह माना कि अगर बच्चा ईमानदारी से पढ़ेगा, तो व्यवस्था भी उसके साथ ईमानदारी से पेश आएगी। मैं जानता हूँ कि देश भर में एक साथ परीक्षा कराना आसान काम नहीं है। लेकिन हमारे युवाओं को इतना अधिकार तो है कि उनकी मेहनत का सम्मान हो, और उनका भविष्य किसी की लापरवाही की भेंट न चढ़े। जब पेपर लीक एक के बाद एक दोहराए जाएँ, और छात्र सड़कों पर न्याय माँगने को मजबूर हों तो यह सिर्फ एक प्रशासनिक चूक नहीं रह जाती, यह हमारे साझा भरोसे की चूक बन जाती है। हमारे परम पूज्य बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का सबसे बड़ा हथियार बताया था। उस हथियार को कमजोर करने वालों पर कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। सरकार और एजेंसियों को जवाब देना होगा कि आखिर हर बार युवाओं का भविष्य ही क्यों दांव पर लगाया जाता है? देश के सभी छात्रों के साथ हमारी पूरी संवेदना और एकजुटता है। न्याय, पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना अब सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। #NEET
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Mayawati
Mayawati@Mayawati·
अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान के विरुद्ध जारी युद्ध समाप्ति की अनिश्चितता के कारण ख़ासकर ऊर्जा संकट व विदेशी मुद्रा भण्डार की चिन्ताओं के मद्देनज़र मा. प्रधानमंत्री द्वारा देश के लोगों से ’संयम’ बरतने की गयी अपीलों से यह साबित है कि भारत के समक्ष संकट केवल पेट्रोल, डीज़ल, रसोई गैस आदि पेट्रोलियम पदार्थों को लेकर ही नहीं बल्कि आर्थिक संकट भी गहरायेगा, जिससे करोड़ों भारतवासियों का जीवन प्रभावित हो रहा है तथा जिसके जारी रहने की भी गंभीर आशंका है। अर्थात् ऐसे समय में जबकि कोरोनाकाल की ज़बरदस्त मार के बाद रोज़ी-रोटी तक के संकट का जीवन झेल रही देश की लगभग सौ करोड़ जनता के पास और अधिक संयमित होने व खोने को कुछ ख़ास नहीं बचा है, तो ऐसी स्थिति में केन्द्र एवं राज्य सरकारें उन ग़रीब व मेहनतकश परिवारों को थोड़ी राहत देकर उनका सहारा बनने के लिये ख़ुद ही कुछ बेहतर करने का उपाय ज़रूर करें तो यह जन व देशहित में उचित होगा, ऐसी आम जन भावना।
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