Ravyendra Singh Chandel

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@ravyendra

सनातन सिद्धान्त के अनुरूप शासन तंत्र ।। शिव शंकर प्रलयंकर ।। हर हिन्दू सेना हो, हर हिन्दू सनातनी हो ।। Offline

Katılım Haziran 2022
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प्रतीक्षा
प्रतीक्षा@Dharmic_wisdom·
हे प्रभु 🪷
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
@ravyendra 🙏 उत्तम स्त्री को साम तथा दान नीति से अपने अधीन रखे, मध्यम स्त्री को दान और भेद से तथा अधम स्त्री को भेद और दण्डनीति से वशीभूत करे। परन्तु दण्ड देने के अनन्तर भी साम- दान आदि से उसको प्रसन्न कर ले।
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
@ravyendra नीति चतुष्टयी विस्तार से जानना हो तो मत्स्य पुराण में देखें।
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
पतिव्रता स्त्री ही गृहस्थ के धर्मों का मूल है। स्त्री के पतिव्रता होने के प्रायः तीन कारण देखे जाते हैं, परपुरुष में विरक्ति अपने पति में प्रीति तथा अपनी रक्षा में समर्थता। स्त्री को उसके कर्त्तव्य में नियुक्त करना, उसे धर्मों का निर्देश देना, उसे उसके स्वभाव के अनुरूप +
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
नीति का प्रयोग कर उसे वशीभूत रखना - यह सब पति के कर्त्तव्य हैं। नारी पुरुष का आधा शरीर है उसके बिना धर्म क्रियाओं की साधना नहीं हो सकती है, इस कारण सदा उसका आदर करना चाहिए। -भविष्यपुराण
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Ravyendra Singh Chandel
@Akshara75u नारायण, "नीति का प्रयोग कर उसे वशीभूत रखना" इसका विस्तार करें। 🙏
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
भोजन करते ही श्वेतकेतु को सब पुनः याद आ गया। मन में अन्न के द्वारा उपचित तथा सोलह भागों में विभक्त हुई शक्ति के रहने पर ही पुरुष षोडशकल कहा जाता है अर्थात पुरुष द्रष्टा, श्रोता, मन्ता, कर्ता आदि समस्त क्रियाओं में समर्थ होता है।
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
"जिस प्रकार बहुत से ईंधन से प्रज्जवलित अग्नि का एक जुगनू के बराबर अंगारा रह जाए तो वह उससे दाह नहीं कर सकता, उसी प्रकार तेरी १६ कलाओं में से केवल एक कला रह गई है। उसके द्वारा तू कभी वेद का अनुभव नहीं कर सकता। अब भोजन कर, तब तू मेरी बात समझ जाएगा।"
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
पंद्रह दिन बाद श्वेतकेतु के पूछा -"भगवन क्या बोलूँ?" ऋषि आरुणि ने उससे वेद पाठ करने के लिए कहा। इस पर श्वेतकेतु ने कहा कि उसे वेद का प्रतिभान अर्थात मन में वेदों की प्रतीति नहीं हो रही है। इस पर ऋषि ने अपने पुत्र को समझाया -
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
छान्दोग्योपनिषद (शांकरभाष्य)- ऋषि आरुणि ने अपने पुत्र श्वेतकेतु को यह समझाने के लिए कि पुरुष सोलह कलाओं वाला है तथा मानसिक बल अन्न से ही होता है, उसे पंद्रह दिन भोजन न करने और जलपान मात्र के लिए कहा। प्राण जलमय है इसलिए जल पीते रहने से उसका नाश नहीं होता।
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Ramdoot Pranshu
Ramdoot Pranshu@ramdoot_pranshu·
पञ्जाब सहित सम्पूर्ण देशमें हिन्दूओं को धर्मच्युत करने के लिए चलाए जा रहे षड़यन्त्रकारी प्रकल्पों पर श्रीमज्जगद्गुरु पुरी पीठाधीश्वर शङ्कराचार्यजी महाभागने चिन्ता व्यक्तकी और इसके समाधान हेतु सुझाव देते हुए अपने विचार रखे। #PuriShankaracharya #Puri_Shankaracharya
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Ravyendra Singh Chandel
वेद की प्रतिष्ठा मन में है और शब्दब्रह्मात्मक भगवान् वेद मन में सन्निहित होते हैं। @HrishikeshBrah6
अक्षरा@Akshara75u

जो कुछ भी जानने योग्य है, वह मन का ही स्वरूप है। वास्तव में मन ही जानने योग्य या विजिज्ञास्य है। -बृहदारण्यक उपनिषद

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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
मन ही ब्रह्मा है, वह संकल्पात्मक अपने शरीर को विपुल बनाकर मन से इस जगत की रचना करता है। ब्रह्मा मनःस्वरूप है और मन ब्रह्मस्वरूप है, मन में पृथ्वी आदि नहीं है। अर्थात जगत मनोमात्र है और मन ब्रह्ममात्र है, इस प्रकार अद्वैत ब्रह्म सिद्ध हुआ। -श्रीयोगवासिष्ठ
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
जो कुछ भी जानने योग्य है, वह मन का ही स्वरूप है। वास्तव में मन ही जानने योग्य या विजिज्ञास्य है। -बृहदारण्यक उपनिषद
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प्रतीक्षा
प्रतीक्षा@Dharmic_wisdom·
शंकराचार्य जी की वाणी अमोघ है- उन्होंने कहा था कि जैसे अयोध्या में विरोधी पक्ष को उपहारस्वरूप जमीन दी गई है आगे अन्य वाद में अनुकृति होगी । इस अदूरदर्शिता को नहीं रोका गया तो भारत में केवल तीन नहीं, हर जिले नए पाकिस्तान बनाने का उपक्रम शांति के नाम चला दिया जाएगा । #Bhojshala
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अक्षरा
अक्षरा@Akshara75u·
धृतराष्ट्र - क्यों पाण्डव अवध्य हैं और क्यों मेरे पुत्र मारे जा रहे हैं? संजय द्वारा भीष्म-दुर्योधन संवाद से उत्तर देना, यतः कृष्णस्ततो धर्मो यतो धर्मस्ततो जयः। श्रीहरि तीनों लोकों को धारण करते हैं, ये ही योद्धा हैं, ये ही विजय हैं और ये ही विजयी हैं। सबके कारणभूत परमेश्वर +
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Har Ghar Gurukul
Har Ghar Gurukul@Harghargurukul·
संतान पर पिता का प्रभाव पड़े या न पड़े माता का प्रभाव अवश्य पड़ता है। #mothersday
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Ravyendra Singh Chandel
Ravyendra Singh Chandel@ravyendra·
महिलाओं की उन्नति, सुरक्षा एवं स्वतंत्रता के भरपूर प्रयासों के बाद भी आज वे सुरक्षित क्यों नहीं हैं? Watch here - youtube.com/watch?v=9RS1aW…
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