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Rawataram godara
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Rawataram godara
@rawatagodara
भावी अध्यापक✌️ #NFU (#नेशनल_फ्रीडम_यूनियन) BSTC /B.A/M.A-Histry/ शुद्ध बेरोजगार/ #राम_भरोसे 🚩 जय वीर तेजाजी महाराज 🚩 🙏राम राम🙏🚩 राष्ट्र हित सर्वोपरि🚩
barmer Katılım Nisan 2024
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सूर्य कुमार यादव को कप्तानी से हटाया जा सकता है और श्रेयस अय्यर को कप्तान बनाने की बात चल रही है।
Surya Kumar Yadav ने अपनी कप्तानी में T-20 World Cup जिताया फिर भी BCCI इतना बड़ा फैसला लेने की सोच रही,
आखिर सूर्या को कप्तानी से क्यों हटाया जाए?
सिर्फ इसलिए कि वो आउट ऑफ फॉर्म है जबकि फॉर्म तो कभी भी वापस आ सकती है, पहले सूर्या के कप्तानी का रिकॉर्ड देखो?
सूर्य कुमार यादव ने 52 मैचों में कप्तानी करी है जिसमें 42 मैच जीते हैं और केवल 8 ही हारे हैं।
जीत का प्रतिशत लगभग 80% है जो कि अन्य कप्तानों की तुलना में बेहतर है, इससे ज्यादा किसी कप्तान से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं?


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चतुर्थ श्रेणी भर्ती परीक्षा कट ऑफ
कहीं न कहीं जब इतने प्रश्न उठ रहे हैं, तो उनका उत्तर देने वाला भी कोई होना चाहिए।
120 प्रश्नों की परीक्षा में सामान्यतः कोई भी अभ्यर्थी लगभग 10 प्रश्न तो छोड़ ही देता है। शेष 110 प्रश्नों में से 10–12 प्रश्न गलत हो जाते हैं। 1/3 नकारात्मक अंकन के कारण 12 गलत प्रश्नों पर लगभग 4 अंकों की अतिरिक्त कटौती हो जाती है। इस प्रकार कुल मिलाकर लगभग 96 प्रश्न ही शुद्ध रूप से शेष बचते हैं।
यह आकलन उन प्रतिभाशाली छात्रों के संदर्भ में है, जो शीर्ष दस हजार अभ्यर्थियों में स्थान बना सकते हैं। किंतु यहाँ भर्ती प्रक्रिया में लगभग दोगुनी संख्या में, अर्थात कम से कम एक लाख अभ्यर्थियों का चयन किया गया है। ऐसे में जब चयनित अभ्यर्थियों की मेरिट लगभग 87 प्रश्नों के आसपास बताई जा रही है, तो यह उच्च कट-ऑफ स्वाभाविक रूप से गंभीर संशय को जन्म देती है।
पूर्व में, जब कांग्रेस पार्टी सत्ता में थी, तब डॉक्टर किरोड़ी लाल मीणा जैसे सजग और सक्रिय विपक्षी नेता प्रत्येक भर्ती प्रक्रिया की गहराई तक जाकर ठोस प्रमाणों के साथ संदेहों को उजागर करते थे और उन्हें जनहित का मुद्दा बनाते थे। उस समय सरकार भी दबाव में आकर जांच कराती थी, जिससे कई परतें खुलकर सामने आती थीं। आज का विपक्ष इतना कमजोर प्रतीत होता है कि उसने जनता को लगभग ईश्वर भरोसे छोड़ दिया है।
यदि छात्रों के बीच इतना गहरा असंतोष और संदेह व्याप्त है, तो संबंधित संस्था और सरकार का दायित्व बनता है कि वह पूर्ण पारदर्शिता के साथ अपना पक्ष सार्वजनिक रूप से रखे।
यदि किसी के पास संदिग्ध चयन या अनियमितताओं से जुड़ी कोई ठोस जानकारी है, तो उसे अवश्य ही SOG तक पहुँचाया जाना चाहिए और इस विषय को मुखरता के साथ उठाया जाना चाहिए। प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े छात्र नेताओं, अनेक परीक्षार्थियों और संबंधित विषय के जानकारों के बीच इस उच्च कट-ऑफ को लेकर लगातार विभिन्न स्तरों पर चर्चाएँ चल रही हैं, जिन्हें गंभीरता से लेना आवश्यक है।
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@chhail_singh_36 कितने कामों में सफलता मिली है
या अपना जेब भरो कम खत्म
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@ManzuDinesh @Barmer_Harish @GovindDotasra @kkvishnoibjp @BhajanlalBjp @BJP4Rajasthan @Hemaram_INC @TikaRamJullyINC @INCIndia @INCRajasthan @AbhimanyuP00NIA सांचौर जिला को मंत्री ने रद्द क्यों होने दिया उनके हाथ में था न
तो अब क्यों रण्डी रोना कर रहे हो
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2023 में सत्ता कांग्रेस के हाथ में थी, तब गुड़ामालानी को जिला बनाने का पूरा इख़्तियार, संसाधन और अवसर मौजूद था। लेकिन उस दौर में हेमाराम चौधरी, हरीश चौधरी, सचिन पायलट और गोविंद सिंह डोटासरा की सियासी नियत और इच्छाशक्ति कहीं नज़र नहीं आई।
आज जब प्रशासनिक सीमाएं फ्रीज हो चुकी हैं और यह सर्वविदित है कि परिसीमन से पहले कोई नया जिला संभव नहीं, तब धोरीमन्ना में धरना देना जनसंघर्ष नहीं बल्कि अवाम को गुमराह करने की सोची-समझी सियासी रणनीति है। सत्ता में रहते ख़ामोशी और सत्ता से बाहर आते ही आंदोलन– यह राजनीति नहीं, खुला अवसरवाद और फ़रेब है।
कांग्रेस की आंतरिक गुटबाज़ी अब पर्दे में नहीं रही। कांग्रेस सरकार के दौरान सांचौर जिला बना, जिसे भाजपा सरकार ने निरस्त किया। इसके विरोध में कांग्रेस नेता सुखराम बिश्नोई एक वर्ष से धरने पर हैं, लेकिन सचिन पायलट और हरीश चौधरी वहां इसलिए नहीं पहुंचे क्योंकि सुखराम बिश्नोई को अशोक गहलोत का करीबी माना जाता है। इससे साफ है कि कांग्रेस में मसले नहीं, बल्कि गुटीय सोच प्राथमिकता तय करती है। यह जनहित की नहीं, बल्कि मुफ़लिस सियासत की तस्वीर है।
आज वही नेतृत्व धोरीमन्ना आकर संवेदनशील होने का अभिनय कर रहा है। सचिन पायलट और डोटासरा का यह दौरा समाधान की दिशा में क़दम नहीं, बल्कि अपने सियासी वजूद को बचाने की कोशिश भर है। गुटबाज़ी के सहारे सत्ता का सपना देखना और मुख्यमंत्री बनने का ख़्वाब-ए-सत्ता पालना ज़मीनी हक़ीक़त से मुँह मोड़ने जैसा है।
@SachinPilot @UmmedaRamBaytu

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@Adv_RPSingh04 अकबर के साथ मानबाई मुगल
अच्छा लगा
क्यों उंगली कर रहा है
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"अब टूटेगा हर भ्रम, एक साथ खड़े हैं हम
भ्रम फैलाने वाले अब क्या कहेंगे? बिश्नोई समाज के दिग्गज भी हेमाराम जी के साथ! धोरीमन्ना में दिखेगी '36 कौम' की असली ताकत! 🤝🔥
जो लोग पिछले कुछ दिनों से धोरीमन्ना-गुड़ामालानी के सीमांकन विवाद को 'एक समाज विशेष' के खिलाफ बताने की साजिश रच रहे थे, आज उन्हें अपनी आंखों से हकीकत देख लेनी चाहिए
बाड़मेर के स्वाभिमान की इस लड़ाई में अब बिश्नोई समाज का शीर्ष नेतृत्व भी खुलकर मैदान में आ गया है। कल 14 जनवरी धोरीमन्ना की ऐतिहासिक रैली में :
🔹 श्री सुखराम बिश्नोई (पूर्व मंत्री और सांचौर विधायक) - जिनका अनुभव और समाज में पकड़ यह बताने के लिए काफी है कि बिश्नोई समाज अन्याय के खिलाफ हमेशा खड़ा रहता है।
🔹 श्री अभिमन्यु पूनिया (विधायक, संगरिया और युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष) - जो युवाओं में करंट और जोश का दूसरा नाम हैं।
इन दोनों दिग्गजों का आना कई मायनों में ऐतिहासिक है:
अफवाहों का अंत: यह साफ हो गया है कि यह आंदोलन किसी मंत्री या समाज के खिलाफ नहीं, बल्कि सरकार के गलत फैसले के खिलाफ है
किसान एकता: सुखराम जी और अभिमन्यु जी का आना यह संदेश है कि जब बात किसान और गांव के अस्तित्व की हो, तो हम सब एक हैं
सरकार को चेतावनी: जब एक मंच पर हेमाराम चौधरी, सचिन पायलट, सुखराम बिश्नोई, अभिमन्यु पूनिया गोविंद सिंह डोटासरा, टीकाराम जूली और हरीश चौधरी होंगे, तो जयपुर की दीवारें हिलनी तय हैं
बिश्नोई समाज के युवाओं से विशेष अपील:
कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए आपको गुमराह कर रहे थे लेकिन अब जब आपके समाज के चुने हुए जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ नेता खुद इस मंच पर आ रहे हैं, तो आपको भी समझ जाना चाहिए कि सच्चाई किस तरफ है
यह लड़ाई गुड़ामालानी और धोरीमन्ना के भविष्य की है। अगर आज हम बंट गए, तो आने वाली पीढ़ियां माफ नहीं करेंगी
आओ, कल धोरीमन्ना चलकर भाईचारे की ऐसी मिसाल पेश करें कि सरकार मजबूर हो जाए!
📍 स्थान: धोरीमन्ना धरना स्थल
📅 तारीख: 14 जनवरी
⏰ समय: सुबह 11 बजे
"जात-पात की बात नहीं, अब सिर्फ बाड़मेर की बात होगी!"
@AbhimanyuP00NIA @MlaSanchore


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@chhail_singh_36 लोगो की कितनी जल रही है
क्या क्या पैथरा अपना रहे है लोगो तोड़ने के लिए अब लोग समझ गए है आपके झांसे में नहीं आने वाले
मज़ा करो
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@ManzuDinesh @ashokgehlot51 @INCRajasthan @INCIndia @Hemaram_INC @GovindDotasra @fatehkhaninc @Barmer_Harish @LaxmanGodaraINC @rajendra_barmer @dineshdangi84 जिसने आज तक कांग्रेस को वोट नहीं दिया वो भी ज्ञान दे रहे है कि सचिन यहा आने से उनको नुकसान हो
कुछ नुकसान नहीं होगा बबुआ
तू मज़ा कर
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इस तरह कुछ नेताओं को खुश करके साहेब मुख्यमंत्री बन जायेंगे क्या?
धोरीमन्ना, गुड़ामालनी की 90% जनता सीमा पुनर्गठन से सहमत है, फिर क्यों धरना दिया जा रहा है? फिर क्यों कांग्रेस को जातीय आधार पर कमजोर किया जा रहा है?
सांचौर में एक साल से धरना चल रहा है, बिश्नोई समाज बाहुल्य क्षेत्र है, लेकिन ये नेता वहां नहीं गए।
बिश्नोई समाज के नेताओं से नफरत क्यों?
@SachinPilot @UmmedaRamBaytu

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@Tilok_Daukiya कल तक तो @ManzuDinesh मेवाराम का गुण गाते थकते नहीं थे आज के,के,विश्नोई का गुण गा रहे
बोल रहा है में कांग्रेसी हु
कही फूट डालनी हो तो इनसे शेख़
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"दिनेश जी, यह 'ईस्ट इंडिया कंपनी' वाली मानसिकता छोड़ दीजिये
दूसरे के घर में जाकर यह पूछना कि 'तुम्हारे परिवार का कौन सा सदस्य सबसे अच्छा है', यह सिर्फ घर फोड़ने की साजिश होती है
जाट समाज की खूबसूरती यही है कि हमारे पास हर विचारधारा और हर पार्टी में नेतृत्व करने वाले सक्षम नेता हैं
ये सभी चेहरे हमारे समाज के 'गुलदस्ते' के अलग-अलग फूल हैं
कोई सत्ता में रहकर समाज के काम करवा रहा है
कोई विपक्ष में रहकर सरकार को जगा रहा है
कोई नई विचारधारा के साथ युवाओं को जोड़ रहा है
इनकी आपस में तुलना करवाकर आप समर्थकों को लड़वाना चाहते हैं, लेकिन हम आपकी यह चाल समझते हैं
हमारे लिए 'व्यक्ति' से बड़ा 'समाज' है जब समाज पर आंच आती है, तो ये सब और हम सब एक जाजम पर होते हैं
इसलिए 'फूट डालो और राज करो' वाली नीति यहां नहीं चलेगी
धन्यवाद!"
#जाट
@Barmer_Harish @Hemaram_INC @UmmedaRamBaytu @KailashBaytu @hanumanbeniwal @DivyaMaderna @GovindDotasra
Dinesh Manzu Rawlani@ManzuDinesh
इनमें से जाट समुदाय का आपका पसंदीदा और प्रभावशाली नेता कौन है?
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@omsabmr01 @UmmedaRamBaytu @Hemaram_INC @TheTejalMediaIN ये बाहर के कैसे हो गए ये बाड़मेर पूरे जिले के सांसद है
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बाड़मेर-जैसलमेर-बालोतरा के सांसद उम्मेदा राम जी बेनीवाल धोरीमना और गुड़ामालानी की आम जनता के साथ बाड़मेर से धोरीमना आ रहें हैं
फिर बोलते हैं कि जनता गुड़ामालानी और धोरीमना की है कोई भी बाहर के लोग धरना स्थल पर नहीं आ रहे हैं 🤣🤣
@UmmedaRamBaytu @Hemaram_INC @TheTejalMediaIN
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सरकार द्वारा जनभावना के विरुद्ध बाड़मेर तथा बालोतरा जिलों में किए गए पुनर्सीमांकन के विरोध में धोरीमन्ना मुख्यालय पर पिछले सात दिनों से हम सभी के आदरणीय हेमाराम चौधरी जी व क्षेत्र के नागरिक तानाशाही फैसले के विरुद्ध धरने पर बैठे हैं।
इस आवाज को और मजबूती प्रदान करने के लिए आगामी 13 जनवरी को धोरीमन्ना मुख्यालय पर विशाल “जन आक्रोश रैली” का आयोजन किया जा रहा है।
मेरा आप तमाम से आव्हान है कि अधिक से अधिक संख्या में जन आक्रोश रैली में शामिल होकर इस जन आंदोलन को मजबूती प्रदान करें।

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@mkhichar1 इनका गुरु मेवाराम है न इसलिए
मेवाराम का चाटुकार
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ऐसा कोई उड़ता तीर नहीं, जिसको दीनू भाई की गा ∆ ड का रास्ता मालूम नहीं।
उड़ता तीर लेने में एक्सपर्ट है भाई 🫂
Dinesh Manzu Rawlani@ManzuDinesh
जातीय आधार पर टिकट और पद देते वक्त आपको ये बातें और थार की परम्परा याद नहीं आती है? क्यों
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धोरीमन्ना व गुड़ामालानी को बाड़मेर से हटाकर बालोतरा में मिलाने के नुकसान
1. बाड़मेर बॉर्डर जिला था
सीमावर्ती जिला होने से प्रशासनिक, सुरक्षा और विकास में special priority मिलती थी
जिला बदलते ही बॉर्डर एरिया का दर्जा खत्म
2 Border जिला का Extra Fund अब नहीं
सड़क, पानी, बिजली, स्कूल, अस्पताल के लिए अलग बजट मिलता था
अब ये तहसीलें सामान्य जिले में चली गईं विकास पर सीधा असर
3 स्टूडेंट्स का भविष्य प्रभावित
बॉर्डर जिला होने पर मिलने वाला आरक्षण/छूट/स्कॉलरशिप समाप्त
Competitive exams और सरकारी योजनाओं में नुकसान
4 दूरी 60 KM से बढ़कर 150 KM
पहले बाड़मेर पास था, अब बालोतरा बहुत दूर
एक सरकारी काम के लिए पूरा दिन + ज्यादा खर्च
गरीब, किसान, बुज़ुर्ग सबसे ज्यादा परेशान
तहसील, कलेक्टर, कोर्ट, अस्पताल के लिए लंबा सफर
पैसा + समय + मानसिक तनाव
5 आपदा व सुरक्षा प्रबंधन कमजोर
बॉर्डर जिले में सूखा, बाढ़ और सुरक्षा के लिए अलग व्यवस्था होती थी
अब ये इलाके priority list से बाहर 6जनता से बिना पूछे फैसला
न सहमति, न संवाद
जनता की सुविधा नहीं, बल्कि तुगलकी फरमान
Dinesh Manzu Rawlani@ManzuDinesh
धरना प्रदर्शन हर किसी का अधिकार है पर धोरीमन्ना को बालोतरा जिले में शामिल किया उसके नुकसान की लिस्ट भी बताओ? आमजन को क्या नुकसान है? धरने का विजन क्या है? क्यों धरना दिया जा रहा है,मांग क्या है? वो सब सार्वजनिक कीजिए
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@ManzuDinesh @Barmer_Harish @Hemaram_INC @kkvishnoibjp धोरीमन्ना और गुड़ामालानी को क्या नुकसान हुआ और क्या फायदा जानने के लिए हरीश चौधरी का आज का इंटरव्यू देख लो
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@Kapil_Jyani_ चाहे सभी नेता खिलाफ हो जाए पर जनता इनके साथ है जब तक जनता साथ तब तक हरीश चौधरी मजबूत है
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हरीश चौधरी…..!!!
इनके राजनीतिक दुश्मनों की फ़हरिस्त बहुत लंबी है..
अशोक गहलोत से लेकर मेवाराम जैन तक…
हनुमान बेनीवाल से लेकर रविंद्र सिंह भाटी तक…
भजनलाल शर्मा से लेकर के के बिश्नोई तक…
अमीन खान से लेकर स्वरूप सिंह तक…
कैलाश चौधरी से लेकर प्रियंका चौधरी तक…
और बहुत से ऐसे भी हैं जो दिखते साथ है लेकिन हैं ख़िलाफ़…!!!
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