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Anurag Bharadwaj
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Anurag Bharadwaj
@realanuragkumar
लाल इश्क़ ✊ IT Buddy 🌟 Journo 😎 #संघांडु कि रेलाई 😄 Posts are my Personal view. || #Mithila
মিথিলা Mithila Katılım Haziran 2015
187 Takip Edilen1.2K Takipçiler

न जाने क्यों बहुत से लोगों को @MaithilAnup और @AdityaJhamohan के @jansuraajonline जॉइन करने से दिक्कत हो रही है?
वैसे लोगों के हिसाब से मैथिल युवाओं को बस 'नारंगी छिलका पार्टी' के लिए अपना जीवन ख*त्म कर लेना चाहिए?, लेकिन बदले में हासिल कुछ न हो (0/0).
#Maithil #Mithila #Bihar


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कुछ लेते क्यों नहीं, जनाब?
लगता है मधुबनी रेलवे स्टेशन का BG गोला छूट गया है, इसलिए क्या आप परेशान हो गए हैं?
#AIIMS #Darbhanga #Mithila #Bihar
अ स अजीत@JhaAjitk
मिथिला-मैथिली को आज तक जो भी दिया है, @BJP4India की ही सरकारों ने दिया है। हम दरभंगा एम्स को आकार लेते देख रहे हैं यह @narendramodi की देन है। आज गेट बना है। मिट्टी भराई हो रही है। कल बिल्डिंग भी तैयार होगा। विश्वस्तरीय चिकित्सा सुविधा भी मिलेगी। गलथोथी बंद कर यह बताओ कि दशकों तक गुलामी के बदले @INCIndia ने मिथिला-मैथिली को क्या दिया? तुम्हारे ही मुख्यमंत्री ने उर्दू के लिए मैथिली का गला घोंट दिया था।
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फिर से मानसिक Bमारी से ग्रसित लोग मार्केट में अपनी विशेष नारंगी छिलका पार्टी के लिए अपनी तश*रीफ़ लेकर आ गए 😉
अ स अजीत@JhaAjitk
पीलिया गैंग का नौटंकी शुरू हो गया मिथिला विरोधी की गोद में बैठकर मिथिला के ठेकेदार बन रहे हैं साहब ई सब खेल अब न चलेगा
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पटना में नर्सिंग छात्रा सोफिया परवीन को उसके प्रेमी अमित ने तीसरी मंजिल से धक्का देकर मार डाला। अमित ने खुद को उसका पति बताकर फ्लैट किराए पर लिया था, लेकिन हत्या के बाद वह फरार हो गया। पुलिस जांच में अमित की पहचान फर्जी निकली, और उसकी तलाश जारी है!
tinyurl.com/v8dx9cna
#Bihar

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राष्ट्रीय स्वम सेवक संघ (RSS) बहीखाता
. • RSS की स्थापना 1925 में महाराष्ट्र के एक कट्टर ब्राह्मण केशव हेडगेवार द्वारा की गयी थी, जिसका उद्देश्य, ब्राह्मणों और अन्य कथित उच्च जाति के लोगो का सम्मान बचाए रखना, हिंदुत्व की स्थापना, फासीवाद का समर्थन, नस्लवाद का समर्थन मुख्य दर्शन के रूप में रहा
. • संघ पूरे भारत को हिंदुत्व के झंडे के नीचे लाने का समर्थन एवं भारत की संस्कृति और धार्मिक विभिन्नता को पूरी तरह से अस्वीकार करता है.
. • संघ के मुखियों में से एक बी एस मुंजे ने भारत में इटालियन फासीवाद को लागू करने से सम्बधित विभिन्न जानकारियों के लिए मुसोलिनी से सीधी मुलाकात की थी, संघ हिटलर के नस्ल की श्रेष्ठता के सिद्धांत का समर्थक है.
. • भारतीय जनता पार्टी BJP इसके मुख्य अंगों के रूप में है, जो भारत की सत्ता में भी कई बार आयी और संघ के राजनीतिक हितों की पूर्ती में सहायक है.
. • संघ किसी भी प्रकार के मेम्बरशिप रिकॉर्ड को मैंटेन नहीं रखता है, अर्थात इससे जुड़े हुए लोगो की कोई भी जानकारी लिखित रूप से उपलब्ध नहीं है, एवं संघ भारत सरकार को इस विषय में कोई भी सरकारी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराता है, महात्मा गाँधी की हत्या के दोषी नाथू राम गोडसे से सम्बंधित कोई भी रिकॉर्ड संघ के पास उपलब्ध नहीं हुए थे यद्धपि नाथूराम गोडसे और उसके भाईयों द्वार सदैव स्वम को संघ का कार्यसेवक कहा गया.
. • संघ में केवल पुरुष ही सम्मिलित हो सकते हैं, संघ के मुखिया का पद मुख्य रूप से कथित उच्च जाति के लोगों के लिए आरक्षित है, महिलाओं के लिए दुर्गा वाहिनी जैसी नयी शाखाओं का गठन बाद के वर्षों में हुआ, जहाँ शस्त्र शिक्षा मुख्य रूप से दी जाती है.
. • संघ का कोई भी बैंक अकाउंट नहीं है.
. • संघ स्वम को कोई व्यावसायिक संस्थान घोषित नहीं करता, ये आने वाले करोडों अरबो रुपयों को चैरिटी के माध्यम से लेता है
. • संघ जैसा संस्थान भारत सरकार को किसी भी प्रकार का कोई टैक्स पे नहीं करता है.
. • सन् 1948 में महात्मा गांधी की हत्या के पाश्चात् संघ को पूरे भारत में प्रतिबंधित कर दिया गया था, इस प्रतिबन्ध को बाद में हटा लिया गया.
. • संघ द्वारा सा स्वम को एक राजनीतिक संसथान माने जाने का विरोध किया गया है अतः अपने राजनीतिक हितों के पूर्ती हेतु BJP के रूप में संघ द्वारा एक राजनीतिक पार्टी का छदम गठन किया गया.
. • हिंसा, संघ के मुख्य नीतियों के रूप में है जिसे संघ द्वारा अल्पसंख्यको मुस्लिम्स और ईसाईयों के विरुद्ध आत्म सुरक्षा कहा जाता है.
. • 6 दिसंबर 1992 को संघ कार्य सेवकों द्वारा बाबरी मस्जिद को यह कह कर ढहाया गया कि हिन्दू देवता विष्णु के अवतार राम का जन्म यही हुआ था एवं बाबरी मस्जिद से पहले यहाँ हिन्दू मंदिर और मूर्तियाँ थी.
. • ६ दिसंबर सन् १९९२ को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, १,१५,००० विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी के कारसेवकों ने बाबरी मस्ज़िद के सामने एक रैली का आयोजन किया | इस रैली में प्रमुख हिन्दू राष्ट्रवादी नेताओं ने भाषण दिया था | वे अभी भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेताओं में से हैं |
. • संघ द्वारा बाबरी मसजिद गिराए जाने के पूर्व एवं पाश्चात् पूरे भारत में दंगा फैला जिसमे हजारों लोगो के हत्या हुई, घर और दुकाने जलाई गईं, संवैधानिक, लोकतान्त्रिक एवं धार्मिक अधिकारों का हनन हुआ, एवं शांति एवं सुरक्षा भंग हुई. भारतीय कानून और लोकतन्त्र को गहरी चोट पहुची.
. • बाबरी मस्जिद गिराए जाने के बाद फैले धार्मिक उन्माद के फलस्वरूप सन 1998 में भारत में संघ के रूप में BJP की सरकार का गठन हुआ एवं संघ शक्ति में आया.
. • BJP के सत्ता में आने आने के पाश्चात् जनवरी 1998 से फरवरी 1999 तक मात्र 13 महीनों में ईसाई मिशनरियों, इससे जुड़े लोगों पर 116 से ज्यादा बार आक्रमण किया गया और उनकी निर्मम हत्याएं की गईं, कई ईसाई परिवारों को जिन्दा जला दिया गया.
. • सन 2002 में गुजरात में हुए दंगो को दुनिया के सबसे बड़े घृणा हिंसा के रूप में जाना गया, जहाँ बेहद सुनियोजित ढंग से हत्याएं की गईं, इस घृणा हिंसा में 2000 से अधिक अल्पसंख्यक मुस्लिम्स की हत्याएं की गईं एवं 1.5 लाख से भी जादा मुस्लिम्स बेघर हुए.
. • अन्तराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्थान ने मुख्य रूप से संघ एवं राष्टीय पार्टी को इन दंगो के लिए जिम्मेदार माना.

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सोचिए ज़रा… जब ऐसे जातिवादी परजीवी @anuranjanj बिना जवाब के झूठ उगलते घूमते होंगे, तब बिहार का माहौल कितना 'ज़हरीला और जहरीलेपन का आदी' बना दिया गया होगा!
ये वही लंपट पतलकार है जो एक पॉडकास्ट मे यह कहता है –
👉 “लालू यादव के राज में हर दिन 100 बच्चे गायब होते थे!”
अब ज़रा गणित देखिए 👇
📅 100 बच्चे × 365 दिन = 36,500 बच्चे एक साल में!
📅 15 साल में = 5,47,500 बच्चे!
मतलब आधा लाख नहीं, पाँच लाख से ज़्यादा बच्चे ग़ायब, और किसी को पता ही नहीं चला!
न अख़बार बोले, न चैनल गरजे, न कोई एफआईआर, न कोई आँकड़ा — बस पतलकार की ज़ुबान से “तथ्य” निकल आया और मानसिक गुलाम तालियाँ पीटने लगे!
ऐसे ही ज़हर बोने वाले जब बिना चुनौती के मंच पाते हैं, तभी समाज में सच को कुचलकर झूठ को “ज्ञान” की तरह परोसा जाता है।
#Bihar #LaluYadv #RJD #BiharNews

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👉 "बांग्लादेशी ब्लूटूथ या टिकटॉक से नहीं डाउनलोड हो रहे, ये तो सीधे सीमा से आ रहे हैं।
लेकिन अमित भाई अपने बेटे की क्रिकेट करियर सेट करने में ज्यादा व्यस्त हैं 🤣"
— कन्हैया कुमार 😂🔥🔥
@kanhaiyakumar
#KanhaiyaKumar #Bihar
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**पूर्णिया एयरपोर्ट: चुनावी रेस में अधूरी कहानी**
कल प्रधानमंत्री मोदी ने गर्व से बताया कि पूर्णिया एयरपोर्ट का नया टर्मिनल महज पांच महीने में तैयार हो गया है। लेकिन असलियत कुछ और है। यह कोई भव्य स्थाई टर्मिनल नहीं, बल्कि एक अस्थायी पोर्टेबल केबिन है। जिसमें फिलहाल सिर्फ दो विमान उड़ान भर सकते हैं। दिलचस्प बात ये कि इसकी घोषणा तो 2015 में हुई थी, पर स्थाई टर्मिनल का शिलान्यास भी कल होना था, जो अचानक तकनीकी अड़चनें बताते हुए टल गया। यानी अभी तो बहुत वक्त लगेगा इसे पूरी तरह चालू करने में।
और ये भी ध्यान देने वाली बात है कि इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) भी नहीं लगा है। जो जरूरी होता है कोहरे में सुरक्षित लैंडिंग के लिए। इसके लिए 16 एकड़ जमीन की जरूरत है, जो अब भी अधूरी पड़ी है। अब सोचिए, आने वाले दिसंबर-जनवरी में यहाँ से विमान कैसे उड़ेगा या उतरेगा?
सबसे बड़ी उलझन यह भी है कि अगर कोई पूर्णिया से दिल्ली जाना चाहे, तो सीधी उड़ान नहीं है। सिर्फ कनेक्टिंग फ्लाइट उपलब्ध हैं, जो समय भी ज्यादा लेंगी और खर्च भी। साफ है, ये सारा काम चुनावी हिसाब से ताबड़तोड़ किया जा रहा है। स्थायी और व्यवस्थित बनने में अभी काफी समय लगेगा।
लेकिन बात केवल ये खत्म नहीं होती। गोआसी गांव के किसानों से जबरन ज़मीन छीनी गई, बिना उनकी मर्जी लिए। मुआवजे की पेचीदगियों का हाल आज भी अंधकार में है। कई किसान बेघर हो चुके हैं। विरोध जताने वालों पर दलित विरोधी मुकदमे दर्ज कर दिए गए। ज्यादातर ने मुआवजा लेने से मना कर दिया। मामला अब भी अदालत में लंबित है।
पूरा मामला ये बताता है कि चुनावी शो-ऑफ के पीछे कितनी अनसुलझी परेशानियां छुपी हुई हैं। ये कहानी Pushya Mitra सर की तरह सच्चाई की तह तक जाकर आपके सामने रखी गई है।
👉 indiatodayhindi.com/state/story/pu…
#PurneaAirport

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