
महायज्ञ तो होगा, और चाहे /न चाहे, 🫵🏻 सबको सम्मिलित होना ही पड़ेगा। "राष्ट्राय स्वाहा, इदं राष्ट्राय इदं न मम" राष्ट्र के लिए सबकुछ है, हमारा निज कुछ नहीं, “तेन त्यक्तेन भुज्जीथा” अर्थात त्याग करके भोग करो, यदि त्याग नहीं करोगे, भोग नहीं पाओगे! 🚩 खड्गेन आक्रम्य भुंजीत:, वीर भोग्या वसुंधरा।। जिसका अर्थ है कि वीर पुरुष जो हांथ में खड्ग (तलवार) लेकर पृथ्वी पर विजय प्राप्त करते हैं, वे ही धरती के संसाधनो का उपभोग करते हैं! जयतु सनातन धर्म 🚩 जयतु हिन्दू राष्ट्र 🚩






















